*खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "upnewslive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे info@upnewslive.com पर या 09415508695 फ़ोन करे , मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415508695 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | लखीमपुर-खीरी

केन्द्र सरकार पूर्णतः भ्रष्ट है

Posted on 25 September 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव समिति के अध्यक्ष कलराज मिश्र ने कहा कि केन्द्र सरकार पूर्णतः भ्रष्ट है और यह सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। वित्त मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। वे यहां पर विजय संकल्प सम्मेलन मोहम्मदी, लखीमपुर में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे।
श्री मिश्र ने कहा कि 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में तथ्यों के आधार पर वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय भी पूरी तरह शामिल है। यह सरकार भ्रष्ट है बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी इनको जानबूझ कर समर्थन दे रही हैं। वे इनके हर प्रकार के कृत्य में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योजना आयोग द्वारा जिस प्रकार से अव्यवहारिक रिपोर्ट पेश की गई है उसके हिसाब से हिन्दुस्तान में कोई गरीब है ही नहीं। यह गरीबों के मुंह पर करारा तमाचा है। आज कांग्रेस के क्र्रियाकलापों के कारण देश टूट रहा है। आतंकवादियों का फंासी नहीं दी जा रही है जिससे आतंकियों का मनोबल बढ़ रहा है।
000_0183उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज प्रदेश में जर्जर कानून व्यवस्था है। भ्रष्टाचार चरम पर है बसपा सुप्रीमो को पत्थरों के अलावा कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है। किसान आत्महत्या कर रहा है। खाद, बिजली, कीटनाशक समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हंै। फसल आती है तो उसका सही मूल्य प्राप्त नहीं होता तो किसान का मन विद्रोह कर उठता है। तब उनको प्रताड़ित किया जाता है। जनप्रतिनिधि बहू-बेटियों के इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में माया सरकार से भ्रष्ट सरकार अबतक कोई नहीं हुई। जनता से मुख्यमंत्री मिलता था यह पहली मुख्यमंत्री है जो जनता से नहीं मिलती। अगर लोकतंत्र बचाना है और भ्रष्टाचार खत्म करना है और माया सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।
श्री मिश्र ने कार्यकर्ताओं का आवाह्न करते हुए कहा कि अगर प्रदेश में सुशासन दे सकती है तो केवल भाजपा। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है। आम कार्यकर्ता की सहभागिता से और अच्छी छवि वाला उम्मीदवार एक रणनीति के आधार पर घोषित करेंगे। श्री मिश्र का शाहजहांपुर से मोहम्मदी जाते समय कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।
मोहम्मदी में विजय संकल्प सम्मेलन में लोकेन्द्र प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष, कृष्णराज विधायक, नरेश वर्मा पूर्व विधायक, अतुल रस्तोगी, अजय मिश्रा, संदीप मेहरोत्रा नगर पंचायत अध्यक्ष, शरद बाजपेई पूर्व जिलाध्यक्ष, रामकुमार वर्मा, राजीव रंजन जिलाध्यक्ष हरदोई, वीरेन्द्रपाल यादव पूर्व जिलापंचायत शाहजहांपुर, नागेश्वर विभाग संगठन मंत्री, बलबीर सिंह प्रदेश संयोजक सहकरिता के साथ हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

लखीमपुर खीरी प्रकरण में जिलाधिकारी एवं मोहम्मदी तहसील के एस0डी0एम0 हटाये गये

Posted on 10 September 2011 by admin

माननीया मुख्यमंत्री जी ने मृतक वकीलों के परिजनों को 05-05 लाख रूपये, गम्भीर रूप से घायलों को 01-01 लाख रूपये और मामूली रूप से जख्मी व्यक्तियों को 50-50 हजार रूपये दिये जाने की घोषणा की

श्री अभिषेक प्रकाश लखीमपुर खीरी के नये जिलाधिकारी होंगे

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने लखीमपुर खीरी जनपद के मोहम्मदी तहसील परिसर में हुई घटना की समीक्षा की और इस घटना पर गम्भीर रूख अख्तियार करते हुए वहां के जिलाधिकारी श्री ऋषिकेश यशोध और मोहम्मदी तहसील के एस0डी0एम0 श्री हरिराम का तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरण करने के निर्देश दिये हैं। श्री ऋषिकेश यशोध की जगह श्री अभिषेक प्रकाश लखीमपुर खीरी के नये जिलाधिकारी होंगे।
उल्लेखनीय है कि इस घटना की मजिस्टीरियल जांच के निर्देश उसी दिन ही दे दिये गये थे और माननीया मुख्यमंत्री जी ने जांच प्रभावित न हो, इसके मद्देनजर इन अधिकारियों को हटाये जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जायेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस घटना में मृत वकीलों के परिजनों को 05-05 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की है। घटना में गम्भीर रूप से घायलों को 01-01 लाख रूपये और मामूली रूप से जख्मी व्यक्तियों को 50-50 हजार रूपये दिये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी इस तरह के मामले में वकीलों अथवा अन्य लोगों के साथ टकराव की सम्भावना परिलक्षित होने पर स्थानीय प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और अधिक संवेदनशील बने ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

लखीमपुर खीरी प्रकरण की मैजिस्टीरियल जांच प्रारम्भ

Posted on 05 September 2011 by admin

उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार मोहम्मदी तात्कालिक प्रभाव से स्थानान्तरित
35 लेखपाल न्यायिक हिरासत में रिमाण्ड पर लिये गये
मण्डलायुक्त लखनऊ ने मौके का मुआयना कर घटना की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिये

लखीमपुर खीरी जनपद के मोहम्मदी तहसील परिसर में लेखपालों और वकीलों के बीच कल हुई घटना की मैजिस्टीरियल जांच प्रारम्भ करा दी गयी है और उप जिलाधिकारी तथा तहसीलदार मोहम्मदी को तात्कालिक प्रभाव से स्थानान्तरित कर दिया गया है। साथ ही, इस घटना में संलिप्त 35 लेखपालों को न्यायिक हिरासत में रिमाण्ड पर ले लिया गया है।
यह जानकारी लखनऊ के मण्डलायुक्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी ने आज यहां देते हुए बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में उन्होंने एवं आई0जी0जोन श्री सुबेश कुमार सिंह ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि घटना में घायल वकील उपचार के उपरान्त डिस्चार्ज हो गए हैं और मृत वकीलों के पोस्टमार्टम के उपरान्त उनका अंतिम संस्कार भी हो गया है। जनपद मंे स्थिति अब सामान्य है और वकीलों की एफ0आई0आर0 दर्ज कर पुलिस घटना की तफ्तीश कर रही है।
ज्ञातव्य है कि कल जनपद लखीमपुर की मोहम्मदी तहसील में लेखपाल संघ द्वारा सभा की जा रही थी। उसी दौरान कुछ लेखपालों और वकीलों में कहा-सुनी होने पर लेखपालों द्वारा फायरिंग की गयी, जिसके फलस्वरूप दो वकीलों की मृत्यु हो गयी थी और छः अन्य लोग घायल हो गये थे।
राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में लखनऊ के मण्डलायुक्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी एवं आई0जी0जोन श्री सुबेश कुमार सिंह ने तत्काल पहंुचकर घटना स्थल का मुआयना किया और संबंधित अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

लखीमपुर खीरी जनपद के मोहम्मदी तहसील परिसर में हुई घटना में 33 लेखपाल व दो अन्य व्यक्ति हिरासत में

Posted on 04 September 2011 by admin

मण्डलायुक्त लखनऊ व आई0जी0जोन ने घटना स्थल का दौरा किया
घटना की मैजिस्टीरियल जांच के क्रम में निष्पक्ष एवं तेजी से कार्रवाई

लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील परिसर में लेखपालों और वकीलों के बीच हुई घटना में राज्य सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में लखनऊ के मण्डलायुक्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी एवं आई0जी0जोन श्री सुबेश कुमार सिंह को तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना करते हुए स्पष्ट निर्देश दिये गये थे कि इस घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये और मामले को पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता से परखा जाये।
इस क्रम में मण्डलायुक्त लखनऊ एवं आई0जी0जोन ने घटना स्थल का दौरा करने के पश्चात् जानकारी देते हुए बताया कि मोहम्मदी तहसील के लेखपाल संघ द्वारा सभा की जा रही थी, उसी दौरान कुछ लेखपालों  द्वारा, उधर से गुजरते हुए वकीलों पर बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गयी, जिसके फलस्वरूप दो वकीलों की मृत्यु हो गयी और छः घायल हो गये। घटना स्थल पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पहुंचे।
मण्डलायुक्त, लखनऊ ने बताया कि वकीलों द्वारा इस घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ0आई0आर0) दर्ज करायी गयी है। राज्य सरकार द्वारा घटना की मैजिस्टीरियल जांच के आदेश दिये गये हैं, जिसके तहत निष्पक्षता के साथ तेजी से कार्यवाही की जा रही है और 33 लेखपालों व अन्य दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य, शान्तिपूर्ण और नियन्त्रण में है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

उ0प्र0 में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है

Posted on 03 September 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने लखीमपुर जनपद की मोहमदी तहसील प्रागंण में आज हुई लेखपालों द्वारा दिन-दहाड़े गोली बारी से तीन वकीलों की हत्या एवं अनेकों घायल अधिवक्ताओं की घटना की निन्दा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का कानून व्यवस्था से नियंत्रण समाप्त हो गया है। दिन-दहाड़े अधिवक्ताओं की हत्याओं से जनजीवन भयाक्रान्त हो गया है। इस वीभत्स हत्याकाण्ड की जितनी भी निन्दा की जाय कम है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है। अपराधियों के होंसले बुलन्द हैं।
श्री शाही ने इस घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय अधिवक्ताओं का एक जांच दल घोषित किया है। जिसमें अधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह, प्रदेश मंत्री अनुपमा जायसवाल, अधिवक्ता हरिशंकर बाजपेई, राजेश कटियार, प्रशांत अटल शामिल हैं। यह जांच दल 5 सितम्बर को मोहमदी तहसील के लिए रवाना हो जाएगा। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

थाने में नाबालिग लड़की सोनम के साथ बलात्कार और हत्या की जांच रिपोर्ट

Posted on 13 June 2011 by admin

10 जून 2011 को लखीमपुर (खीरी) के थाना निघासन में चैदह वर्षीय नाबालिग लड़की सोनम के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसकी हत्या की घटना को संज्ञान में लेते हुए मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) का पांच सदस्यीय जांच दल ने 11 जून 2011 को घटना स्थल का दौरा किया।

जांच दल जांच के दौरान पीड़ित पक्ष के परिजनों व आस-पास के लोगों से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी हासिल की। जांच टीम ने पुलिस अधिकारियों से मिलकर मामले के बारे में पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन उनका रवैया असहयोगात्मक रहा।

जांच दल से सोनम की मां ने तरन्नुम ने बताया कि शुक्रवार को दिन में करीब ग्यारह बजे मेरी बेटी सोनम उम्र 14 वर्ष व बेटा अरमान उम्र पांच वर्ष भैस चराने गए थे, भैंस थाने के अंदर घुस गई थी, जिसको लेने मेरी बेटी थाने के अंदर गई। जहां पुलिस वालों ने उसे खींच लिया और मेस के अंदर घसीटते हुए ले गए और वहां मेरी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसे थाने के पीछे भिलोर के पेड़ पर लटका दिया। सोनम की मां ने जांच दल से बताया कि यह जब उसके बेटे अरमान ने उसे बताया तब वह दौड़ती हुई सोनम की लाश के पास पहुंची, जहां सोनम की लाश पेड़ से लटक रही थी, उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे, उसके शरीर पर चोटों के निशान थे तथा उसकी यौनी खून से लथपथ थी। यह देखकर वह चिल्लाने लगी। तभी पुलिस वाले और उन्होंने गाली देते हुए कहा कि यहां क्यों शोर मचा रही हो, तुम्हारी लड़की ने आत्म हत्या किया है। लाश ले के यहां से भाग जाओ नहीं तो तुमको बहुत मार मारेंगे। मैं अपनी बेटी की लाश लेकर रोती-चिल्लाती अपने घर पहुंची जहां काफी भीड़ इक्ट्ठा हो गई। इसी दौरान एसओ निघासन, एसडीएम तथा सादी वर्दी में सीओ साहब पहुंचे मैंने और वहां मौजूद बाकी लोगों ने जब दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की तो पुलिस वाले मुझे धमकाने लगे और कहने लगे कि तुम्हारी लड़की ने आत्म हत्या किया है कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा और वे लोग घर पर ही लाश का पंचनामा भरने लगे जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाने लगे। लोगों का बढ़ता विरोध देखकर पुलिस वाले मुकदमा दर्ज करने के लिए तैयार हो गए और मेरे घर पर जो पंचनामा भरा गया था उसे पुलिस वालों ने फाड़ दिया। मैंने अपने बेटे अरमान के बताए गए हुलिए के अनुसार दरोगा वीके सिंह, सिपाही एसके सिंह तथा फालोवर रामचंद्र के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी, लेकिन पुलिस वालों ने मेरी तहरीर लेने से मना कर दिया और कहा कि मुकदमा अज्ञात में दर्ज करवाना हो तो करवा लो नहीं तो मामला यहीं खत्म कर देंगे। मजबूरन दबाव में मैंने पुलिस वालों के कहे अनुसार लिखी तहरीर पर अंगूठा लगा दिया।

जांच दल ने जब सोनम के भाई पांच वर्षीय अरमान से बातचीत की तो उसने बताया कि मैं अपनी दीदी के साथ भैस चरा रहा था, जब भैस थाना परिसर में चली गई तो हम लोग उसे लेने गए तभी कुछ पुलिस वाले आए जिनमें से एक ने वाले मेरे सिर पर बंदूक तानकर चुप रहने को कहा और दीदी को अंदर कमरे में घसीटते हुए ले गए। काफी देर बाद पुलिस वालों ने दीदी को पेड़ से लटका दिया और मुझे वहां से भगा दिया। अरमान ने बताया कि वह वहां से भागकर घर आया और अपनी मां से सारी बात बताई।

सोनम के पिता ने जांच दल को बताया कि बेटे अरमान ने जिन पुलिस वालों के बारे में बताया उसके मुताबिक वे तीन लोग हैं- दरोगा वीके सिंह, सिपाही एसके सिंह और फालोवर रामचंद्र।

जांच दल ने पुलिस पक्ष से घटना के बारे में पूछताछ कर मामले के बारे में उनका पक्ष तथा पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और प्रथम सूचना रिपोर्ट की नकल प्राप्त करने की कोशिश की लेकिन जांच दल के साथ पुलिस पक्ष का व्यवहार असहयोगात्मक और अभद्रतापूण रहा।

जांच दल ने घटना के बारे में स्थानीय लोगों से भी बातचीत की तथा स्थानीय समाचार पत्रों का भी अवलोकन किया। सबसे चैंकाने वाली बात सोनम के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना में पुलिस की सलिप्तता को स्पष्ट करती है कि पुलिस इस पूरे मामले को आत्म हत्या के रुप में प्रचारित करने में जुटी हुई है और इसके लिए तथ्यों को छुपाने तोड़ने मरोड़ने में लगी हुई है, यहां तक कि पोस्ट मार्टम को भी जारी नहीं किया गया है। इस तथ्य की पुष्टि बारह जून 2012 के अमर उजाला की यह खबर भी करती है जिसमें ‘‘देर शाम साढ़े सात बजे शव का अंतिम संस्कार निघासन कस्बे में कर दिया गया। इसके बाद भी पुलिस मुखिया ने पोस्ट मार्टम न मिलने की बात कही है। वहीं सीएमएस डाक्टर एचटी हुसैन ने अमर उजाला को बताया कि रिपोर्ट पोस्ट मार्टम के कुछ देर बाद भेज दी गई थी। इसकी कापी एसपी कार्यालय को भेजी गई।’’ वहीं दूसरी ओर दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान में बारह जून 2011 को ‘‘पीएम रिपोर्ट से उलझी गुत्थी रेप की पुष्टि नहीं’’ शीर्षक से छपी खबर में हैं ‘‘दिन भर हुए बवाल के बाद देर शाम जब डाक्टरों ने पीएम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी तो उस रिपोर्ट में बालिका के साथ रेप करने की कहीं पुष्टि नहीं हुई। पीएम रिपोर्ट आने के बाद अब ये मामला और उलझ गया है।’’ जांच दल को समाचार पत्रों के अवलोकन से यह भी विदित हुआ कि सोनम की मां तरन्नुम की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है तथा पुलिस अधिक्षक लखीमपुर (खीरी) द्वारा घटना के समय ड्यूटी पर तैनात ग्यारह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

परिजनों की सामाजिक-आर्थिक स्थितिः
सोनम के पिता इन्तजाम अली फेरी लगाकर अपना और अपने परिजनों का भरण-पोषण करते हैं। इस दौरान वे निर्माणाधीन निघासन थाने में बतौर मजदूर काम करने लगे थे और जिसमें  उन्हें रोजाना मजदूरी मिल जाती थी। इंतजाम अली का घर थाने से लगा हुआ था इसलिए ठेकेदार ने उन्हें सामान की रात में रखवाली के लिए चैकीदार के रुप में भी काम दे रखा था। घटना वाले दिन इंतजाम अली घर पर नहीं थे और वे अपनी बड़ी बेटी रुक्सार की शादी का कार्ड बांटने अपने ससुराल गए थे।

जांच दल के निष्कर्षः
1- नाबालिग सोनम के साथ बलात्कार और हत्या पुलिस कर्मियों ने थाना परिसर निघासन में किया।
2- बलात्कार और हत्या को छिपाने के लिए दोषी पुलिस कर्मियों ने आत्म हत्या का केस बनाने के लिए शव को पेड़ से लटका दिया।
3- बलात्कार और हत्या की घटना को छिपाने और विधिक प्रक्रिया से बचने के लिए थाने के परिसर में पेड़ से लटके सोनम के शव को पुलिस कस्टडी में न लेकर दोषी पुलिस कर्मियों द्वारा सोनम की मां को डरा धमकाकर शव के साथ भगा दिया गया।
4- दोषी पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए एसओ निघासन, एसडीएम निघासन और सीओ निघासन द्वारा सोनम की मां को डराया धमकाया गया तथा नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट न दर्ज कर अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट कराने के लिए मजबूर किया गया।
5- दोषी पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए पोस्ट मार्टम का निष्कर्ष आने के बावजूद जारी नहीं किया गया जो पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की सत्यता पर संदेह पैदा करता है।

जांच दल की संस्तुतिः
1- सोनम की थाना परिसर में बलात्कार के बाद हत्या की निष्पक्ष जांच किसी सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या जनपद न्यायाधीश से कराई जाय।
2- सोनम के परिजनों को उचित मुआवजा तथा सुरक्षा राज्य सरकार से मुहैया कराय जाय।
3- सोनम के बलात्कार और हत्या में लिप्त दोषी पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाय।
4- राज्य सरकार को निर्देशित किया जाय कि मानवाधिकार आयोग तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डीके बसु केस में जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित कराए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

रात्रि आग लगने से छः लोगों की मृत्य , आश्रितों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता

Posted on 19 April 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने जनपद लखीमपुर-खीरी के छः गांँवों में गत रात्रि आग लगने से छः लोगों की मृत्य पर दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि घायलों को समुचित चिकित्सीय सुविधा एवं अन्य सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अग्निकाण्ड से पीड़ित परिवारों को खाने-पीने की और अन्य राहत सामग्री तुरन्त उपलब्ध कराने के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिये हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि तात्कालिक सहायता के रूप में भोजन की व्यवस्था, बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था एवं जिनके आवास अग्निकाण्ड में जल गये हैं उनके रहने के लिए प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए आज यहां बताया कि इस अग्निकाण्ड में कुल 24 राजस्व ग्राम प्रभावित हुए हैं और छः गाँंवों की आबादी प्रभावित हुई है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 600-700 परिवार इस अग्निकाण्ड से प्रभावित हुए हैं। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि माननीया मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार मृतकों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये के चैक उपलब्ध कराये जा चुके हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि इस अग्निकाण्ड में घायल हुए तीन व्यक्तियों का इलाज चल रहा है तथा उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं एवं अन्य सुविधाएं जिला प्रशासन उपलब्ध करा रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि इस अग्निकाण्ड से जो गांव मुख्य रूप से प्रभावित हुए हैं, वे हैं-महोलिया, पिपरिया, बंजरिया, पलिया, चठिया एवं शिवपुरी। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस अग्निकाण्ड में लगभग 30 लाख की सम्पत्ति का नुकसान होने का अनुमान है। प्रवक्ता ने कहा कि जिलाधिकारी लखीमपुर-खीरी ने अवगत कराया है कि अग्निकाण्ड से हुई वास्तवकि क्षति के सर्वे का कार्य टीमें गठित कर कराया जा रहा है जो कि आज शाम तक पूर्ण होने की सम्भावना है। प्रवक्ता ने कहा कि इसके उपरान्त नियमानुसार अहेतुक सहायता, गृह अनुदान, पशुओं की मृत्यु का अनुदान, किसानांे को फसलों की क्षति हेतु खलिहान दुर्घटना बीमा योजना अंतर्गत सहायता एवं अन्य अनुमन्य सहायता वितरित किये जाने की कार्यवाही तत्काल की जायेगी।

प्रवक्ता ने कहा कि तात्कालिक सहायता के रूप में भोजन की व्यवस्था, बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था एवं जिनके आवास अग्निकाण्ड में जल गये हैं उनके रहने के लिए प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था करा दी गयी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को 20-20 किलोग्राम अनाज भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

January 2018
M T W T F S S
« Dec    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
293031  
-->









 Type in