Archive | लखनऊ.

महिलाओं के खिलाफ अपराध में 24 प्रतिशत वृद्धि हुई है

Posted on 29 October 2018 by admin

उ0प्र0 में लगातार बिगड़ रही कानून और व्यवस्था मौजूदा योगी सरकार की अक्षमता का प्रमाण है। राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही हत्याएं, लूट और बलात्कार की घटनाएं बेहद गंभीर एवं चिन्ताजनक हैं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डाॅ0 उमाशंकर पाण्डेय ने जारी बयान में कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार उ0प्र0 में प्रतिदिन औसतन आठ महिलाओं का बलात्कार और तीस महिलाओं का अपहरण होता है। पिछले साल के मुकाबले इस साल महिलाओं के खिलाफ अपराध में 24 प्रतिशत वृद्धि हुई है। राजधानी लखनऊ में राजभवन के सामने लूट एवं हत्या, विवेक तिवारी एवं ठाकुरगंज में दो सगे भाईयों की हत्या जैसी जघन्य घटना को लोग भूल भी नहीं पाये थे कि आज ही लखनऊ के पाॅश इलाके गोमतीनगर में बैंक में पैसा जमा कराने जाते हुए एक निजी संस्था के मैनेजर से दस लाख रूपये की लूट के बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। वहीं कल लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में एक नौ वर्षीय मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या किया जाना, दुःखद एवं निन्दनीय घटनाएं हैं।
श्री पाण्डेय ने कहा कि पिछले चार सालों में जहां देश में प्रतिवर्ष बलात्कार और हत्या की घटनाएं बेतहाशा बढ़ी हैं वहीं देश में उ0प्र0 इन वारदातों में पहले और दूसरे स्थान पर बना हुआ है। देश में प्रत्येक 15.2 मिनट में एक महिला के साथ बलात्कार एवं 3.8 दिन में एक महिला से पुलिस की कस्टडी में बलात्कार का औसत है। यह आंकड़ें भयावह और केन्द्र की मोदी जी एवं प्रदेश की योगी जी की सरकार की चुनावों में महिला अत्याचारों पर जनता से किये हुए वादों का मखौल उड़ाते हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार बलात्कार के 29 प्रतिशत मामलों में ही सरकार सजा दिला पायी, 86 प्रतिशत बलात्कार के मामले अभी भी अदालतों में लम्बित हैं। वर्ष 2017 में देश में 28947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं दर्ज हुईं इसमें 4882 मामले मध्य प्रदेश, 4816 मामले उत्तर प्रदेश एवं 4189 मामले महाराष्ट्र के हैं। सम्पूर्ण भारत में इस वर्ष 16863 नाबालिग बालिकाओं के साथ बलात्कार के मामले सामने आये। उपरोक्त तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
मौजूदा सरकार में स्थिति इतनी भयावह है कि तीन वर्षीय मासूम से लेकर 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला सभी असुरक्षा के माहौल में हैं। इस स्थिति में भी उ0प्र0 के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी का यह कहना कि पिछले 15 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कानून और व्यवस्था सबसे बेहतर है शर्मनाक ही है। उ0प्र0 के मुख्यमंत्री को कानून एवं व्यवस्था को दुरूस्त करना चाहिए एवं महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अत्याचार को तत्काल रोकने के लिए गंभीर एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए। मौजूदा परिवेश यह बताता है कि सरकार का डर अपराधियों के मन में बिल्कुल भी नहीं है। जिससे अपराधी बेखौफ प्रदेश के सभी जिलों में वारदातें कर रहे हैं और सरकार कड़ी कार्यवाही, समीक्षा बैठक, चेतावनी, जांच आदि जुमलों का ढोल पीटती नजर आ रही है।

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वर्तमान प्रदेश सरकार लोगांे को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए कृतसंकल्पित: मुख्यमंत्री

Posted on 29 October 2018 by admin

सांस्कृतिक जड़ें हमारे देश की आत्मा

press-10मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य
अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने हेतु
पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ
शटल बसों व 03 सी0एन0जी0 बसों को झण्डी दिखाकर रवाना किया

मुख्यमंत्री ने नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं
नवनिर्मित काॅन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण किया

सुरेन्द्र अग्निहोत्री, लखनऊ : 29 अक्टूबर, 2018

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगांे को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए कृतसंकल्पित है। यात्राएं आदिकाल से विकास का प्रमुख कारक रही हैं। सांस्कृतिक जड़ें हमारे देश की आत्मा हैं। इसके दृष्टिगत देश, प्रदेश और समाज की प्रगति और विकास के लिए बेहतर परिवहन सेवाएं बहुत आवश्यक हैं। बेहतर परिवहन साधनों की वजह से आवागमन सरल और सहज होता है। परिवहन के साधनों से आर्थिक गतिविधियां तो सुगम होती ही हैं, साथ ही, सांस्कृतिक एकीकरण को भी बढ़ावा मिलता है।press-29
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अतंर्राज्यीय बस सेवाओं को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों के मध्य पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर व्यक्त किये। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 51 प्रयागराज कुम्भ शटल बसों व 03 सी0एन0जी0 बसों को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत एक सम्प्रभु राज्य है, दो राज्यों के मध्य यह करार इस बात को सिद्ध भी करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश साझी विरासत और परम्परा से जुड़े हैं। इन दोनांे राज्यों के मध्य धार्मिक एवं सामाजिक सम्बन्धों में काफी प्रगाढ़ता रही है। इसके साथ ही, दोनों राज्यों की शैक्षिक संस्थाओं एवं सांस्कृतिक धरोहरों में दोनों राज्यों के लोगों की पारस्परिक अभिरुचि भी असीम है। उन्होंने ने कहा कि यह परिवहन समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अतर्राष्ट्रीय परिवहन का बढ़ावा देने का काम भी कर रही है। इसके दृष्टिगत नेपाल तक भी बस सेवा संचालित है। press-441
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परिवहन विभाग को पी0पी0पी0 माॅडल पर काम करने की आवश्यकता है। इससे जहां आमजन को बेहतर परिवहन सेवायें मिल सकेंगी वहीं परिवहन विभाग का भी लाभांश बढ़ेगा। उन्हांेने कहा कि परिवहन विभाग को पुलिस व लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय कर यातायात से जुड़े जागरुकता के कार्यक्रम चलाने चाहियें। इससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। संवाद समाधान का सबसे अच्छा रास्ता है। उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश के मध्य कई विवाद थे, उन सभी विवादों का निस्तारण विराट सोच का परिणाम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने नवीनीकृत जनता दर्शन हाल एवं नव निर्मित काॅन्फ्रेंस रूम का बटन दबाकर लोकार्पण किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के सकरात्मक रुख के कारण यह समझौता सम्भव हो सका। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का उत्तर प्रदेश से धार्मिक, आर्थिक, सामाजिक व भावनात्मक नाता है।
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार परिवहन सुविधाओं की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करने के लिए संकल्पित है।
इससे पूर्व, उत्तराखण्ड सरकार के सचिव परिवहन श्री शैलेश बगौली और उत्तर प्रदेश की प्रमुख सचिव परिवहन सुश्री आराधना शुक्ला ने मुख्यमंत्री के समक्ष अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।
इस मौके पर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री आशुतोष टंडन, श्री एस0पी0 सिंह बघेल, डाॅ0 महेन्द्र ंिसंह, श्री मोहसिन रजा, श्री नन्दगोपाल गुप्ता नंदी, श्री मन्नू लाल कोरी तथा उत्तराखण्ड के परिवहन मंत्री श्री यशपाल आर्य, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अध्यक्ष श्री संजीव सरन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।press-331
ज्ञातव्य है कि इस समझौते से दिल्ली-ऋषिकेष, दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-कोटद्वार, दिल्ली-हल्द्वानी, दिल्ली-हरिद्वार, मथुरा-हरिद्वार, आगरा-सहारनपुर-देहरादून, आगरा-मेरठ-ऋषिकेश, मुरादाबाद-हल्द्वानी, मुरादाबाद-हरिद्वार-सहारनपुर,अलीगढ़-हल्द्वानी, बरेली-हरिद्वार, लखनऊ-देहरादून, कानपुर-ऋषिकेश, बहराईच- रूपैडिहा-हरिद्वार, वाराणसी-लखनऊ-बरेली-हरिद्वार, मथुरा-जयपुर -मथुरा-हरिद्वार, दिल्ली- मुरादाबाद-बनबसा-महेन्द्रनगर(नेपाल), आदि स्थान सीधे बस सेवाओं से जुड़ जाएंगे। इस समझौते के तहत 216 मार्गों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में प्रतिदिन कुल 13,9071 किमी0 तथा उत्तराखण्ड राज्य परिवहन निगम द्वारा उत्तर प्रदेश के 335 मार्गों पर प्रतिदिन कुल 252592 किमी0 का संचालन किया जाएगा।

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‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के द्वारा राज्य सरकार ने प्रदेश के परम्परागत उत्पाद एवं उद्यमिता को आगे बढ़ाने के अपने वायदे को पूरा किया: मुख्यमंत्री

Posted on 28 October 2018 by admin

‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के
क्रियान्वयन में बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी

press-8देश के अन्य राज्य भी ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ को
मान्यता दे रहे हैं और अपने यहां ऐसी योजना शुरू कर रहे हैं

मुख्यमंत्री जी ने 10 हस्त शिल्पियों को ‘टूल किट’ तथा
10 उद्यमियों को ऋण धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया

11 हजार 755 हस्त शिल्पियों को बैंकों के माध्यम से
01 हजार करोड़ रुपए से अधिक की ऋण राशि उपलब्ध करायी

‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से
01 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया

मुख्यमंत्री ने अमेजन के माध्यम से अच्छा कार्य करने वाले ‘एक
जनपद-एक उत्पाद’ योजना के उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

मुख्यमंत्री ने ‘चिकनकारी व जरी-जरदोजी’
पर केन्द्रित एक कैटलाॅग का विमोचन कियाpress-62

‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से 02 वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र
में बड़ा बदलाव आएगा: लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री

मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत
‘चिकनकारी व जरी-जरदोजी’ पर आयोजित समिट को सम्बोधित किया

सुरेन्द्र अग्निहोत्री, लखनऊ : 28 अक्टूबर, 2018

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओ0डी0ओ0पी0) योजना के द्वारा राज्य सरकार ने प्रदेश के परम्परागत उत्पाद एवं उद्यमिता को आगे बढ़ाने के अपने वायदे को पूरा किया है। इस योजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कम पूंजी निवेश से बेहतर रोजगार की भरपूर सम्भावना है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना को हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगी। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के लिए बजट व्यवस्था की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन में बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्य भी इस योजना को मान्यता दे रहे हैं और अपने यहां ऐसी योजना शुरू कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अवध शिल्प ग्राम में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत ‘चिकनकारी व जरी-जरदोजी’ पर आयोजित समिट में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर 100 से अधिक हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को ‘टूल किट’ वितरित की गई। मुख्यमंत्री जी ने 10 हस्त शिल्पियों को ‘टूल किट’ तथा 10 उद्यमियों को ऋण धनराशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। साथ ही, अमेजन पर अच्छा कार्य करने वाले उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने ‘चिकनकारी व जरी-जरदोजी’ के ऊपर एक कैटलाॅग का विमोचन भी किया। इस अवसर पर ओ0डी0ओ0पी0 योजना के सम्बन्ध में जानकारी देने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। press-44
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद का कोई न कोई विशिष्ट उत्पाद है। यह पारम्परिक उत्पाद उस जिले की पहचान भी है और स्थानीय जनता के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी। इन उत्पादांे को बढ़ावा देकर प्रत्येक जनपद के आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है और नौजवानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर भी। इसे ध्यान में रखकर ही प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के संचालन का निर्णय लिया था तथा प्रथम उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के अवसर पर 24 जनवरी, 2018 को इसका शुभारम्भ किया गया। इस योजना की पहली समिट का उद्घाटन राष्ट्रपति महोदय द्वारा किया गया। इस मौके पर 04 हजार से अधिक उद्यमियों को 01 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित किया गया था। आज इस मौके पर 11 हजार 755 हस्त शिल्पियों को बैंकों के माध्यम से 01 हजार करोड़ रुपए से अधिक की ऋण राशि उपलब्ध करायी जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहां पर आयोजित ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ समिट में चिकनकारी व जरी-जरदोजी के हस्तशिल्प से जुड़े 08 जनपदों की प्रदर्शनी आयोजित की गई है। प्रदेश का हर जनपद किसी न किसी विशिष्ट उत्पाद से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार द्वारा इन सभी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत हस्त शिल्पियों को ऋण भी सुलभ कराए जा रहे हैं। हस्त शिल्पियों को क्यूसीआई, एमेजन आदि की मदद से मार्केट भी सुलभ कराया जा रहा है। मार्केट से सीधे जुड़ने के कारण हस्त शिल्पियों की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को भी बड़ा फायदा हुआ है।
‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना को सफलता से लागू करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी तथा मुख्य सचिव की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि योजना के लागू होने के बाद से 02 बड़ी समिट आयोजित की गई हैं। हर जनपद इससे सम्बन्धित समिट के आयोजन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि योजना के लागू होने के बाद से इसके माध्यम से 01 लाख 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। press-33
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हस्त शिल्पियों को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जोड़ने के लिए उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षित हस्त शिल्पियों और उद्यमियों को टूल किट के साथ प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। यह प्रमाण-पत्र हस्त शिल्पी की कुशलता, कार्य एवं उत्पाद के लिए प्रमाण है। उन्होंने कहा कि परम्परागत हस्त शिल्पियों और उद्यमियों को उत्पादन एवं मार्केटिंग के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मुद्रा, स्टैण्ड-अप, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आदि से भी सहायता दी गई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने कहा कि 24 जनवरी, 2018 को शुभारम्भ के पश्चात ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के माध्यम से 01 वर्ष में 01 लाख 65 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है। योजना के माध्यम से हस्त शिल्पियों, कारीगरों तथा उद्यमियों की क्षमता संवर्धन पर बल दिया जा रहा है। उन्हें भरपूर आमदनी हो, इसके लिए उत्कृष्ट किस्म के टूल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। क्षमता और गुणवत्ता से इन्हें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत यह दूसरा कार्यक्रम है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 02 वर्षों में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। press-110
कार्यक्रम में अपने स्वागत सम्बोधन में मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि यह समिट चिकनकारी व जरी-जरदोजी से जुड़े 08 जिलों के हस्त शिल्पियों के लिए आयोजित की गई है। इसमें विशेषज्ञों के सत्र आयोजित किये गये हंै। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग के लिए भी सत्र आयोजित किया गया है। भविष्य में भी इसी प्रकार के विशिष्ट व्यवसायों के सम्बन्ध में समिट का आयोजन किया जाएगा। अमेजन द्वारा विभिन्न जिलों में हस्त शिल्पियों तथा उद्यमियों की ट्रेनिंग भी शुरू कर दी गई है तथा 150 से अधिक उद्यमियों को आॅन बोर्ड भी कर दिया गया है। इससे प्रदेश का उत्पाद पूरे विश्व में पहुंचेगा। आइकिया से बरेली और सहारनपुर के काष्ठ कला के उद्यमियों को जोड़ने का कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस समिट में बायर्स और डिजाइनर्स को भी आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल आॅफ हैण्डीक्राफ्ट के एमडी श्री राकेश ने कहा कि भारत सेे लगभग 23 हजार करोड़ रुपए के हैण्डीक्राफ्ट का निर्यात होता है, जिसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना से प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि होने के साथ ही स्थानीय रूप से रोजगार में भी बढ़ोत्तरी होगी। देश के अन्य राज्य भी इस योजना को लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना में उत्तर प्रदेश को बड़ी बढ़त है, क्योंकि यहां पर उत्पादों की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योजना की सफलता के लिए पैकेजिंग, डिजाइनिंग में नवाचार की जरूरत पर बल दिया।
‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना से जुड़ी फर्नीचर एवं होम फर्निशिंग में कार्यरत स्वीडन की कम्पनी आइकिया, आॅनलाइन मार्केटिंग कम्पनी अमेजाॅन के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अंत में आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग श्री के0 रवीन्द्र नायक ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री जी ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 महेन्द्र सिंह, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री श्री मन्नूलाल कोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री भुवनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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यह किसानों के साथ सरासर धोखा है

Posted on 28 October 2018 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार कृषि कुम्भ के नाम पर किसानों को भ्रमित कर रही है। कृषि कुम्भ से किसानों को उम्मीद थी कि सरकार कृषि उपकरणों/यन्त्रों को जीएसटी से बाहर करेगी किन्तु ऐसा न करके किसानों की मंशा पर पानी फेर कर धोखा देने का काम किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में किसानों के लिए जो बड़े-बड़े वादे किये थे 18 महीने बीत जाने के बाद भी कहीं भी वह धरातल पर नहीं दिख रहा है। महज आगामी चुनावों को लेकर इवेन्ट आयोजित किये जा रहे हैं। एक तरफ किसान कृषि मण्डियों में लुट रहा है, सिंचाई का संकट है, उसकी जमीन कर्ज में डूबी है जिसको लेकर बराबर उत्तर प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है।
प्रवक्ता ने कहा कि इन सबके बावजूद कृषि को लेकर सरकार सिर्फ मंथन और बैठक तक ही सीमित है कृषि फसलों के निर्यात को लेकर सरकार की कोई ठोस रणनीति अभी तक सामने नहीं आयी है जिसके चलते आज किसान अपने खून पसीने की कमाई की फसल को औने-पौने दामों पर मण्डियों पर बिचैलियों के हाथों बेंचने पर मजबूर है जबकि सरकार ने वादा किया था कि वह किसानों की फसलों का मूल्य स्वामीनाथन रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को देंगे लेकिन आज किसान जब अपनी बात सरकार तक पहुंचाने निकलता है तो उसे बदले में लाठी और गोली खानी पड़ रही है। और तो और पहली बार इस सरकार ने 50 किलो यूरिया की बोरी को घटाकर 45 किलो की कर दी है और कीमत 50 किलो मात्रा का ही किसानों से वसूला जा रहा है। यह किसानों के साथ सरासर धोखा है।
गन्ना पेराई सत्र 2018-19 सिर पर है लेकिन अभी तक गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है उत्तर प्रदेश में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 86 प्रतिशत गन्ना पर्यवेक्षक के पद खाली हैं और उन पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी ठण्डे बस्ते में है।
प्रवक्ता ने कहा कि किसानों की खेतों में खड़ी फसल को बराबर अवारा घुमन्तू जानवरों द्वारा नष्ट किया जा रहा है किसान पूरी-पूरी रात जागकर अपनी फसलों की रखवाली में लगा हुआ है और यह सरकार ए.सी. कमरों मंे कृषि कुम्भ के नाम पर उन्हें एक बार फिर छलने का कुत्सित प्रयास कर रही है।

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17 नवम्बर को प्रदेश में निकलेगी कमल संदेश बाइक रैली- सुनील बंसल

Posted on 28 October 2018 by admin

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी बाइक रैली में होगें शामिल
लाखों मोटर साइकिल से भाजपा कार्यकर्ता हर बूथ से करेंगे लोकसभा चुनाव का शंखनाद
लखनऊ 28 अक्टूबर 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने बैठक में कमल संदेश बाइक रैली का योजना रचना को विस्तार से रखा। श्री बंसल ने कहा कि कमल संदेश बाइक रैली उत्तर प्रदेश की राजनीति में टर्निंग प्वाइंट साबित होगी। 17 नवम्बर को बाइक रैली से पूरा प्रदेश भाजपामय होगा। हर बूथ से कम से कम 5 बाइक और 10 व्यक्ति कमल संदेश बाइक रैली का हिस्सा बनेंगे।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने सभी जनपदों के कमल संदेश बाइक रैली प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डा. दिनेश शर्मा सहित प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, संासद तथा विधायक कमल संदेश बाइक रैली में अलग-अलग स्थानों पर शामिल होंगे। प्रदेश के पदाधिकारी, भी बाइक रैली का हिस्सा बनेंगे।
श्री बंसल ने कहा कि कमल संदेश बाइक रैली में सभी कार्यकर्ता झण्डे, टोपी, पट्टिकाएं गले में डालकर रैली का हिस्सा बनेंगे। बाइक रैली विधानसभा स्तर पर आयोजित होगी। विधानसभा में बाइक रैली प्रारम्भ एवं समापन स्थल का पूर्व में ही चयन हो, साथ ही रैली के रूट का निर्धारण तय किया जाए। कमल संदेश बाइक रैली अनुशासित व पंक्तिबद्ध चलाई जाए एवं नारो का उद्घोष हो जिससे भारतीय जनता पार्टी विचार आधारित पार्टी के रूप में जनता के बीच पहुंचे। बाइक रैली में सभी से हेलमेट पहनकर पहुॅंचने का अनुरोध करना है। रैली में लाखों की संख्या में निकलने वाली मोटरसाइकिले 2019 लोकसभा चुनाव का शंखनाद करेगी। भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता 17 नवम्बर को बाइक रैली में शामिल होगा। होर्डिंग, झण्डे, बैनर, स्वागत द्वार से वातावरण भाजपामय होगा।
बैठक को अभियान संयोजक डा0 महेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। बैठक में प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ल व विजय बहादुर पाठक, प्रदेश मंत्री अमर पाल मौर्य, शिव भूषण सिंह, पशुपति शंकर बाजपेयी व राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे।

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मन की बात

Posted on 28 October 2018 by admin

लखनऊ 28 अक्टूबर 2018, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘मन की बात‘‘ के 49वें संस्करण में अपने विचार जनता से साझा किये। मोदी जी ने कहा कि 31 अक्टूबर को सबके प्रिय सरदार वल्लभ पटेल की जयन्ती है और हर वर्ष की तरह रन फाॅन यूनिटी के लिए देश के युवा एकता के लिए दौड़ने को तैयार हो गया है। मेरा आग्रह है कि आप सभी बडी संख्या में एकता की इस दौड़ में भाग लें। मोदी जी ने कहा कि 27 जनवरी 1947 को विश्व प्रसिद्ध पत्रिका टाइम्स मैगजीन ने जो संस्करण प्रकाशित किया था, उसके कवर पेज पर सरदार पटेल की फोटो लगी थी। अपनी लीड स्टोरी में उन्होंने भारत का एक नक्शा दिया था, ये वैसा नक्शा नही था जैसा हम आज देखते है।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि ये एक ऐसे भारत का नक्शा था। जो कई भागों में बंटा हुआ था, तब 550 से ज्यादा देशी रियासते थी। भारत को लेकर अंग्रेजो की रूचि खत्म हो चुकी थी, लेकिन वो इस देश को छिन-भिन्न करके छोड़ना चाहते थे। टाइम्स पत्रिका ने लिखा था कि भारत पर विभाजन, हिंसा, खाद्यान्न-संकट, मंहगाई और सत्ता की राजनीति जैसे खतरे मंडरा रहे थे। गांधी जी ने सरदार पटेल से कहा कि राज्यों की समस्याएं विकट है ओर केवल आप ही इनका हल निकाल सकते है, सरदार पटेल ने सभी रियासतों का भारत में विलय कराया और देश को एकता के सूत्र में पिरोने के असंभव कार्य को पूरा कर दिखाया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एकता के बंधन में बंधे इस राष्ट्र को देख कर हम स्वाभाविक रूप से सरदार बल्लभ भाई पटेल का पुण्य स्मरण करते है। इस 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयन्ती और भी विशेष होगी। इस दिन सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धाजंलि देते हुए हम ‘‘स्टैच्यू आॅफ यूनिटी‘‘ राष्ट्र को समर्पित करेंगे। गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर स्थापित इस प्रतिमा की ऊॅचाई अमेरिका के स्टेच्यु आॅफ लिवर्टी से दो गुनी है ये विश्व की सबसे ऊॅची गगन चुम्बी प्रतिमा है।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि आप सभी को याद होगा कि हमने 2017 में फीफा अंडर 17 विश्व कप का सफल आयोजन किया था। देश के अलग-अलग स्टेडियम में 12 लाख से अधिक लोगों ने फुटबाल मैंचो का आनंद लिया और युवा खिलाड़ियों का हौसला बढाया, इस वर्ष भारत को भुवनेश्वर में पुरूष हाॅकी वल्र्ड कप 2018 के आयोजन का सौभाग्य मिला है। यह 28 नवम्बर से प्रारम्भ हो कर 16 दिसम्बर तक चलेगा। खेल के साथ में ओडिशा दर्शन का भी बडा अवसर है। इस दौरान पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर समेत कई विश्व प्रसिद्ध दर्शनीय और पवित्र स्थल भी जरूर देख सकते है। मन की बात में मोदी जी ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण संरक्षण की चर्चा कर रहा है। भारत भी इस समस्या से अछूत नही है। इसके हल के लिए हमें अपने इतिहास और परम्पराओं को देखना होगा, खासकर अपने जनजातीय समुदायों की जीवनशैली को समझना होगा। सामाजिक कार्य के लिए जिस प्रकार से लोग आगे आ रहे है, इसके लिए स्वयं सेवा के कार्य कर रहे है ये पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है, वैसे तो सेवा परमों धर्मः ये भारत की विरासत है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर के रहना हमारे आदिवासी समुदायों की संस्कृति में शामिल रहा है। हमारे आदिवासी भाई-बहन पेड़-पौधों और फूलों की पूजा देवी-देवताओं की तरह है।
मोदी जी ने कहा कि पंजाब का एक गांव कल्लर माजरा इसलिए चर्चित हुआ है क्योंकि वहां के लोग धान की पराली जलाने के बजाय उसे जोतकर उसी मिट्टी में मिला देते है, कल्लर माजरा और उन सभी जगह के लोगो को बधाई जो वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए अपना श्रेष्ठ प्रयास कर रहे है। उन्होने कहा कि भारत के लिए 11 नवम्बर को विशेष महत्व है क्योंकि 11 नवम्बर को आज से 100 वर्ष पूर्व प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ था, यानी उस दौरान हुए भारी विनाश और जनहानि की समाप्ति की एक सदी पूरी हो जाएगी, जब कभी भी विश्व शान्ति की बात होती है तो इसको लेकर भारत का नाम और योगदान स्वर्ण अक्षरों में अंकित दिखेगा।
मोदी जी ने कहा कि हमारे पूर्वोत्तर की बात ही कुछ और है, पूर्वोत्तर का प्राकृतिक सौन्दर्य अनुपम है और यहां के लोग अत्यंत प्रतिभाशाली है। पूर्वोत्तर अब बेस्ट डीडस के लिए भी जाना जाता है। कुछ दिन पहले सिक्किम ने सस्टेनेबल फूड सिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिष्ठित अवार्ड जीता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौसम बदलने के साथ-साथ त्योहारों का भी मौसम आ गया है धनतेरस, दीपावली, भैय्या-दूज, छठ एक तरीके से कहा जाए तो नम्बर का महीना त्यौहारों का महीना है उन्होंने देशवासियों को बधाई भी दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात लखनऊ में सुनने वालों में प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री एमएलसी विजय बहादुर पाठक, प्रदेश महामंत्री गोबिन्द नारायण शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता अशोक पाण्डेय व प्रदेश मीडिया सह प्रभारी हिमांशु दुबे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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भाजपा अनुसूचित मोर्चा करेगा सामाजिक बैठकें- सुनील बंसल

Posted on 28 October 2018 by admin

लखनऊ 28 अक्टूबर 2018, भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय हुई। प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने कहा सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से अनुसूचित मोर्चा को भाजपा सरकारों की जनकल्याण की येाजनाएं कार्यक्रम व नीतियां अनुसूचित वर्ग के बीच ले जाना है। श्री बंसल ने कहा कि इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर अनुसूचित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों का आयोजन भी तय करिए।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर अनुसूचित मोर्चा की बैठक में कहा कि नवम्बर में अनुसूचित मोर्चा सामाजिक बैठकों एवं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों के माध्यम से भाजपा की नीति-रीति और मोदी-योगी सरकार की गरीब, शोषित, वंचित, उपेक्षित समाज के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता को लोगों तक पहंुचाने का काम करे। इसके साथ ही मोदी सरकार व योगी सरकार द्वारा अनुसूचित वर्ग के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक उत्थान की योजनाओं की उनके बीच चर्चा करें। केन्द्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का साहित्य अनुसूचित वर्ग तक पहंुचाने का काम भी इसके साथ ही करना है।
श्री बंसल ने कहा कि सामाजिक बैठको एवं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों के आयोजन से पूर्व हमें कार्यक्रम की सफलता के लिए परिश्रम से जुटना है। हमारा जितना अधिक परिश्रम होगा कार्यक्रम उतना ही अधिक सफल होगा। इसलिए प्रदेश के 93 संगठनात्मक जिलों में तिथि, स्थान, समय के पूर्व निर्धारण सहित छोटे-छोटे कार्यो तक का माइक्रो मैनेजमेंट होना चाहिए।
बैठक में प्रदेश महामंत्री व अनुसूचित मोर्चा प्रभारी गोबिन्द नारायण शुक्ला, प्रदेश महामंत्री व एमएलसी विद्यासागर सोनकर, अनुसूचित मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश रत्न, मोर्चा सहप्रभारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अनुसूचित मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व अभियान प्रमुख राम नरेश पासवान, दिवाकर सेठ सहित प्रदेश व क्षेत्र के अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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शोक संदेश

Posted on 28 October 2018 by admin

लखनऊ 28 अक्टूबर 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खुराना जी का निधन संगठन की अपूर्णीय क्षति है। डा. पाण्डेय ने कहा कि दिल्ली का शेर हम सभी को छोड़कर चला गया। दिल्ली में भाजपा को मजबूत करने में संगठन शिल्पी की भूमिका निभाने वाले मदन लाल खुराना के निधन से भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता दुखी है। प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि खुराना जी को सदैव एक अच्छे कार्यकर्ता और एक लोकप्रिय जननेता के रूप में याद किया जाएगा। उनकी आत्मा की शान्ति और परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना है।

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सच तो यह है कि ‘कृषि कुंभ‘ तो एक बहाना है

Posted on 27 October 2018 by admin

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि शब्दकोष से नए-नए शब्दों की खोज में भाजपा नेताओं का कोई जवाब नहीं। अभी तक सदियों से लोग ‘कुंभ‘ और ‘अर्धकुंभ’ से परिचित थे। भाजपा सरकारों ने इस वर्ष इलाहाबाद में पड़ने वाले अर्धकुंभ को कुंभ प्रचारित कर दिया। किसान अभी तक गोष्ठियों, सेमिनारों और सम्मेलनों में भागीदारी करते थे। भाजपा सरकार ने इस वर्ष ‘कृषि कुंभ‘ ईजाद कर दिया। अभी पता नहीं भाजपा और कितने कुंभ बनाएगी।
भाजपा को सारे संसाधन चूंकि पूंजीघरानों से ही मिलते हैं इसलिए उनके हितों का पोषण-संरक्षण उसकी प्राथमिकता में रहता है। किसान अपनी कर्जमाफी के लिए आज भी आंदोलित है, बैंक उनसे वसूली करने लगे हैं, फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी किसान को नहीं मिल रहा है। इस सबसे परेशान 50 हजार से ज्यादा किसान भाजपा राज में आत्महत्या कर चुके हैं। आलू किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का अता पता नहीं। गन्ना किसानों का दस हजार करोड़ रूपया अभी भी बकाया है जबकि चीनी मिलों का पेराई सत्र प्रारम्भ होने वाला है।
सच तो यह है कि ‘कृषि कुंभ‘ तो एक बहाना है। भाजपा की किसान विरोधी नीति से ध्यान भटकाना है। इस कुंभ में जो किसान आए वह अपनी बात कहने के लिए तरसते रह गए। उनकी बातें न सुनी जानी थी न ही सुनी गई। किसानों का वोट हथियाने के लिए संकल्प पत्र में जो वादे किए गए थे उनके बारे में भी तो इस कुंभ में बताना चाहिए था लेकिन भाजपा सरकार ने जब कुछ किया धरा ही नही ंतो वह किसानों को बताती क्या?
प्रधानमंत्री जी ने सोलर पैनल की बात ऐसे की जैसे वह उसकी कोई अपनी योजना हो जबकि हकीकत यह है कि वह समाजवादी सरकार की योजनाओं का ही भाजपाई झूठा श्रेय ले रहे है। समाजवादी सरकार में सोलर प्लांट लगा था और लोहिया आवास में सोलर लाईट लगाई जा रही थी। सबसे पहले समाजवादी सरकार में ही मुफ्त सोलर पैनल और पम्प दिए गए थे।
भाजपा अब तक नहीं बता पाई है कि उसने कितने किसानों का कर्ज माफ किया। डीजल-पेट्रोल, खाद-बीज की मंहगाई क्यों नहीं रूक रही और गन्ना डिलीवरी के 14 दिनों के अंदर भुगतान के वादे का क्या हुआ? मुख्यमंत्री जी तो कह रहे हैं कि गन्ना की खेती ही बंद हो क्योंकि उससे डायबिटीज रोग होता है। वैसे भी मुख्यमंत्री जी के फार्मूले अजीबोगरीब होते हैं जैसे बंदर उत्पात करें तो हनुमान चालीसा पढ़ा जाए। मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करते हैं लेकिन यह नहीं बताते कि किसानों की आत्महत्या के आंकड़े क्यों बंद कर दिए हैं।
जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी उत्तर प्रदेश में पहली बार मुफ्त सिंचाई योजना लागू की थी जिसके तहत 12 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई का लक्ष्य प्राप्त किया गया। किसानों को समय से खाद-बीज उपलब्ध कराया गया था। उत्तर प्रदेश के बजट की 75 प्रतिशत राशि गांव-खेती के लिए रखी गई थी। समाजवादी सरकार में 50 हजार तक के लोन माफ करते हुए 7,86,1,67 किसानों को सीधा फायदा पहुंचा था।
भाजपा सरकार की उल्टी सीधी हरकतों के कारण ही उत्तर प्रदेश शीर्ष आसन में ट्रोल कर गया है। राज्य की भाजपा सरकार ने 20 माह से कम समय में उत्तर प्रदेश को विकास में 20 वर्ष पीछे ढकेल दिया है। उत्तर प्रदेश को बर्बादी के कगार पर पहुंचाने का श्रेय भाजपा को ही जाएगा।

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ऐतिहासिक कृषि कुम्भ, किसानों के हित में योगी सरकार का अद्भुत आयोजन - हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव

Posted on 27 October 2018 by admin

लघु-सीमान्त किसानों के साथ-साथ भूमि हीन कृषि मजदूरों के लिए योजनाएं

लखनऊ 27 अक्टूबर 2018, अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बनेगा। कृषि कुम्भ उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अपने उद्बोधन से देश व उत्तर प्रदेश के किसानों को प्रेरित करने का कार्य किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का संकल्प साकार होने लगा है जिससे किसान की आय दोगुनी हो रही है, किसान समृद्ध व खुशहाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान समृद्ध होकर राष्ट्र की उन्नति का इंजन बने उस दिशा में कृषि उत्पाद के समर्थन मूल्य को उत्पादन लागत का 1.5 गुना किया जाना, भूमि के गुणवत्तानुरूप फसल के लिए स्वायल हेल्थ कार्ड बनाया जाना, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के अन्र्तगत सोलर पम्प तथा स्प्रिन्कलर सिंचाई पद्धतियों के माध्यम से सिंचित क्षेत्र बढ़ाना तथा डीजल व बिजली पर निर्भरता को कम करना, उत्तम बीज, खाद की उपलब्धता को सुनिश्चित करना, कृषि बीमा योजना के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपदा से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, गन्ना, धान, दलहन, आलू, गन्ना की खरीद तथा किसानों के खाते में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्णयों को योगी जी की सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में पूरी तरह सुनिश्चित किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कृषि कुम्भ के लिए योगी जी की सरकार बधाई की पात्र है क्यांे कि कृषि कुम्भ के माध्यम से देश भर के कृषि विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों का लाभ उ0प्र0 के किसानों को मिल सका, यह अपने आप में अभिनव व अद्भुत प्रयास है। हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि कृषि कुम्भ में जहां कृषि से संबन्धित नवोन्मेषी तकनीक, शोध व अनुभव का लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है, वहीं बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन से लेकर कृषि आधारित उद्योगों के लिए सस्ती से सस्ती सुलभ तकनीक व विशेषज्ञ जानकारियों को एक ही परिसर में उपलब्ध कराना व विभिन्न योजनाओं का जीवंत प्रस्तुतीकरण करना किसानों के हित में सरकार का अत्यन्त सराहनीय प्रयास है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कृषि कुम्भ में जहां भारत के सभी कृषि शोध संस्थानों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ 14 सत्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर प्रबोधन तथा कृषि समस्याओं पर संवाद, प्रश्न प्रति प्रश्न के माध्यम से समाधान दे रहे है, वहीं इजरायल तथा जापान की उन्नत कृषि तकनीकि का लाभ भी हमारे प्रदेश व देश के किसानों को प्राप्त होगा यह भी इजरायल व जापान के साथ प्रदेश के आपसी तकनीक व विशेषज्ञता के आदान-प्रदान समझौते से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि जापान द्वारा प्रदेश में कृषि क्षेत्र में निवेश किसानों की खुशहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है। हरिश्चन्द्र श्रीवास्वत ने बताया कि हजारों की संख्या में कृषि कुम्भ में आए किसान इस बात से खासे उत्साहित नजर आए कि प्रदेश के इतिहास में कृषि कुम्भ एक ऐसा आयोजन है जो व्यावहारिक तौर पर लघु-सीमांत किसानों से लेकर भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए लाभकारी योजनाओं का सफल आयोजन है।

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