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प्रदेश की कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं - मुख्यमंत्री

Posted on 18 May 2012 by admin

  • सभी को मिलकर प्रदेश के विकास का सकारात्मक आधार तैयार करना होगा
  • राज्य सरकार नया उत्तर प्रदेश बनाने का हर संभव प्रयास करेगी
  • भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष भूमिका
  • कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा सम्पन्न

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होंने अपराध नियंत्रण एवं सुदृढ़ कानून-व्यवस्था को प्रदेश के विकास के लिये आवश्यक बताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया आवश्यकता पड़ने पर कठोर फैसले लिये जायें। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिये जनता ने उनकी सरकार को ऐतिहासिक मौका दिया है। इसलिए राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाकर नया उत्तर प्रदेश बनाने का हर संभव प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री आज यहां सचिवालय स्थित तिलक हाल में कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने उनकी पार्टी की नीतियों और घोषणाओं पर आस्था जताते हुए पूर्ण बहुमत देकर सत्ता सौंपी है। उन्होंने कहा कि जनता से किये गये वायदों को पूरा करना उनकी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और राज्य सरकार इसके लिए कटिबद्ध है। उन्होंने जनता की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपेक्षा करते हुए अधिकारियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गलत नीतियों एवं प्रशासनिक कमियों के कारण राज्य विकास के मामले में काफी पिछड़ गया था।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भारत वर्ष की प्रति व्यक्ति आय की लगभग आधी है। उनकी सरकार को राज्य की आर्थिक स्थिति खस्ता हाल दशा में मिली है। उन्होंने कहा कि अब हम सभी को मिलकर प्रदेश के विकास का सकारात्मक आधार तैयार करना होगा, ताकि लोगों को परिवर्तन की सुखद अनुभूति हो। इसके लिये जहां राज्य के संसाधनों को बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक केन्द्रीय संसाधन प्राप्त करने के प्रयास करने होंगे, ताकि सर्वांगीण विकास के लक्ष्य तक जल्दी से जल्दी पहुंचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिये सूबे में अमन-चैन का वातावरण बनाना एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसी जाति, धर्म अथवा समुदाय विशेष के लोगों के लिये नहीं बल्कि सभी नागरिकों के हितों की समान रूप से रक्षा करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जहां एक ओर आम जनता अपने को सुरक्षित महसूस करे, वहीं दूसरी ओर आपराधिक एवं गुण्डा प्रवृत्तियों के मन में भय उत्पन्न हो। उन्होंने अपराधियों, माफिया एवं गुण्डों के विरूद्ध वर्तमान कानूनों के प्रभावी इस्तेमाल का निर्देश देते हुए आगाह किया कि अपराध नियंत्रण की आड़ में निर्दोष व्यक्तियों को किसी भी प्रकार परेशान न किया जाये। उन्होंने कहा कि थाने पर जो व्यक्ति आये उसे उचित सम्मान दिया जाये। उन्होंने महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं कमजोर वर्गों का उत्पीड़न रोकने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के साथ ही नेपाल सीमा पर सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिये हैं।
प्रदेश में साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने तथा साम्प्रदायिक घटनाओं को रोकने की पहली जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की बताते हुए श्री यादव ने कहा कि यदि कहीं साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की जाती है तो इस सम्बन्ध में पूर्ण तत्परता के साथ निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दंगे में शामिल और दंगा भड़काने वाले तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने में कोताही न बरती जाये। माफिया, गुण्डों व अपराधियों के विरूद्ध कड़ी व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में स्थानीय निकाय चुनाव संपादित होंगे। निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयरहित चुनाव संपादित कराने के लिये शरारती तत्वों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध समय रहते कार्रवाई कर ली जाए। उन्होंने हिरासत में मृत्यु एवं आपराधिक गतिविधियों में पुलिस की संलिप्तता की चर्चा करते हुए कहा कि इससे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनायें घटित होने पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को तेजी से आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति की दिशा में ले जाने के लिये शासन द्वारा तैयार किये गये विकास एजेण्डे की चर्चा करते हुए कहा कि इसे पूरी लगन एवं मेहनत के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस एजेण्डे के लागू होने से जनता का जीवन स्तर बेहतर होगा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा तथा लोगों को आर्थिक उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन लिये 73 हजार करोड़ रूपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिकारियों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने केन्द्र के साथ सकारात्मक व रचनात्मक सहयोग का निर्देश देते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य की योजनाओं को पूरी पारदर्शिता व ईमानदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, इन्दिरा आवास योजना, सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन आदि केन्द्र सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इनमें अधिक से अधिक केन्द्रीय संसाधन प्राप्त कर इन्हें त्वरित गति से लागू किया जाए तथा इन योजनाओं के क्रियान्वयन की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
श्री यादव ने कहा कि जनता से किये गये वायदे के अनुसार बेरोजगार नवयुवकों को बेरोजगारी भत्ता देने, प्रदेश के युवा वर्ग को सूचना प्रौद्योगिकी में दक्ष बनाकर उनके लिये आर्थिक उन्नति का रास्ता अपनाने हेतु 10वीं कक्षा पास छात्रों को टैबलेट तथा 12वीं कक्षा पास छात्रों को लैपटाप देने जैसी योजनाओं के प्रारूप तैयार हो चुके हैं। इसी प्रकार कन्या विद्याधन योजना के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा को गति प्रदान करने तथा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिये कृषि बागवानी, पशुधन विकास तथा मत्स्य पालन के क्षेत्र में योजनायें बनायी जा रहीं हैं। अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु योजनायें तैयार कर उन्हें शीघ्र लागू किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को पूरी पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार रहित ढंग से लागू करने के निर्देश दिये हैं।
प्रदेश के विकास में भौतिक अवस्थापना के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इनके सृजन पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन बढ़ाने हेतु नई परियोजनाओं में निवेश का माहौल बनाया जायेगा। उन्होंने बिजली चोरी रोकने तथा ट्रांसमिशन एवं वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने के निर्देश दिये। सड़क अवस्थापना को अपनी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सहभागिता (पी0पी0पी0) से उच्च कोटि के हाईवेज एवं एक्सप्रेस-वेज के निर्माण को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जो निर्माण कार्य 75 प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता पर पूरा किया जाए, ताकि इनका उपयोग जनता द्वारा हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अस्पताल एवं स्कूल जिनके भवन तो बन गये हैं, लेकिन वे स्टाफ की कमी के कारण संचालित नहीं हैं, उनपर प्राथमिकता पर ध्यान देकर शीघ्र संचालित कराया जाए।
श्री यादव ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष भूमिका बताते हुए कहा कि सभी को निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। जन शिकायतों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने का आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि थाने एवं तहसील स्तर पर जो शिकायते प्राप्त होती हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाये। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से समस्या के समाधान के सम्बन्ध में शिकायतकर्ताओं से समय-समय पर सीधे जानकारी प्राप्त करने के निर्देश भी दिये हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए किसानों को निर्धारित क्रय मूल्य का भुगतान कराने, आगामी खरीफ एवं रबी फसलों के लिये बीज एवं उर्वरक की समय से उपलब्धता की तैयारी करने तथा सिंचाई के लिए किसानों को टेल तक पानी पहंुचाने के निर्देश दिये। उन्होंने आगामी बरसात से पहले बाढ़ सुरक्षा हेतु कटाव निरोधक कार्यों को पूरा करने तथा हैण्डपम्पों एवं राजकीय नलकूपों को चालू हालत में रखने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित होने वाला महाकुम्भ की सभी तैयारियों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पेयजल, सीवर, जल निकासी की परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने तथा सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये हैं।
बैठक में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेयी, मुख्य सचिव
श्री जावेद उस्मानी, अध्यक्ष राजस्व परिषद श्री वी0के0शर्मा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह
श्री आर0एम0 श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, पुलिस महानिदेशक श्री ए0सी0शर्मा सहित सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव, समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, आई0जी0/डी0आई0जी0 एवं एस0एस0पी0 आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व रूहेलखण्ड में एम्स अथवा रायबरेली एम्स के कैम्पस चिकित्सालय स्थापित होने से यहां की जनता को समुचित एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी

Posted on 18 May 2012 by admin

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को भेजा पत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार से जनपद रायबरेली के साथ ही प्रदेश के पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड तथा रूहेलखण्ड क्षेत्रों में भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना कराने का अनुरोध किया है।

इस सम्बन्ध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद को भेजे गये अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि प्रदेश में पहले से ही लखनऊ में एस0जी0पी0जी0आई0 जैसा उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान स्थापित है। इसी क्रम में जनपद रायबरेली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना हो जाने पर दोनों उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान प्रदेश के मध्य क्षेत्र में ही स्थित होंगे, जबकि प्रदेश के पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड एवं रूहेलखण्ड क्षेत्र उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं और यहां के निवासियों को जटिल रोगों के इलाज हेतु अन्ततः जनपद रायबरेली अथवा लखनऊ ही आना होगा, जो इनके लिए काफी दूर होने के कारण असुविधाजनक रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि इन तीनों क्षेत्रों की जनसंख्या भी काफी अधिक है और ये क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त पिछड़े हुए भी हैं। इसके अलावा प्रदेश के मध्य क्षेत्र से पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड एवं रूहेलखण्ड क्षेत्रों की दूरी काफी अधिक है। ऐसी स्थिति में उचित होगा कि भारत सरकार द्वारा जनपद रायबरेली के साथ ही इन क्षेत्रों में भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के स्तर का एक-एक उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान स्थापित किया जाये अथवा जनपद रायबरेली में स्थापित होने वाले एम्स के कैम्पस चिकित्सालय की इन क्षेत्रों में स्थापना हेतु समुचित विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान की जाये, जिससे इन क्षेत्रों की जनता को समुचित एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनपद रायबरेली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा उपयुक्त भूमि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही इस सम्बन्ध में शीघ्र ही अवगत कराया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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शासन ने निर्धारित किया विकास एजेण्डा

Posted on 17 May 2012 by admin

  • वर्तमान कृषि नीति की समीक्षा करके नई कृषि नीति बनाई जाएगी
  • उद्योगों के त्वरित विकास के लिए बनेगी नई औद्योगिक नीति
  • ई-गवर्नेन्स का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा
  • पी.पी.पी. के आधार पर सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा

उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए शासन द्वारा विकास एजेण्डा निर्धारित करते हुए सभी सम्बन्धित विभागों से इसके प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा की गयी है। राज्य का तेजी से विकास करने और योजनाओं को जनोपयोगी बनाने के लिए विभागों से प्रस्ताव और सुझाव आमंत्रित किए गए। शासन द्वारा उच्च स्तर पर गहन विचार-विमर्श के बाद विकास एजेण्डे को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें मुख्य तौर पर कृषि, उद्योग, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अवस्थापना विकास आदि से जुड़े लगभग 100 बिन्दुओं को पहले चरण में शामिल किया गया है। सत्ताधारी पार्टी द्वारा चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदे जैसे-जैसे योजनाओं में परिवर्तित होते जायेंगे, उन्हें भी शासन के विकास एजेण्डे में शामिल कर लिया जायेगा।
विकास एजेण्डा शासन की मंशा के मुताबिक क्रियान्वित हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव यथासम्भव प्रत्येक त्रैमास में विकास एजेण्डे के विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा कर अवश्यक निर्देश प्रदान करेंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव भी प्रत्येक माह विकास एजेण्डे की प्रगति की समीक्षा करंेगे।
शासन ने प्रदेश के विकास के लिए राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य को प्रत्येक दशा में प्राप्त करने पर विशेष बल दिया है, क्योंकि इस धनराशि का उपयोग विभिन्न विकास व जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए राजस्व संग्रह का कुल लक्ष्य 73 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
प्रदेश में कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए नई कृषि नीति बनाई जाएगी। ज्ञातव्य है कि प्रदेश की मौजूदा कृषि नीति वर्ष 2005 में अपनायी गयी थी, जिसकी समीक्षा करते हुए नई कृषि नीति को अंतिम रूप दिया जायेगा। इसी प्रकार उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा आलू की खेती के समग्र विकास के लिए भी नई नीतियां बनाई जाएंगी। भारत सरकार की मेगा फूड पार्क स्कीम के तहत अधिकाधिक वित्तीय सहायता प्राप्त कर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के उद्योगों को विकसित किया जायेगा। प्रदेश के समस्त किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने तथा जिला सहकारी बैंको के सुदृढ़ीकरण की योजना भी शासन के एजेंडे में शामिल है। गन्ने की उन्नत प्रजातियों के विकास के अलावा गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (ई-समाधान) का उपयोग किया जायेगा। इसके अतिरिक्त कृषि आधारित अन्य गतिविधियों जैसे पशुपालन, पोल्ट्री उत्पादन और मत्स्य विकास पर भी ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाने तथा उद्योगों के त्वरित विकास के लिए वर्ष 2004 मंे औद्योगिक नीति बनाई गई थी। तब से लेकर वर्तमान तक प्रदेश में नई औद्योगिक नीति नहीं बनाई गई। इसे ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा वर्ष 2004 की औद्योगिक नीति की समीक्षा कर नई औद्योगिक नीति बनाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही उद्योग बन्धु को सुदृढ़ करने का निर्णय भी लिया गया।
विकास एजेण्डे के मुताबिक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पी.पी.पी.) के आधार पर सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी आधार पर आगरा-लखनऊ के बीच एक्सप्रेस-वे का निर्माण तथा गाजियाबाद में नार्दन पेरीफेरल रोड बनायी जाएगी। साथ ही समस्त जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों तथा असंतृप्त ग्रामों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा अधूरे सेतुओं को भी पूरा किया जाएगा।    लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण, कुशीनगर एवं आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मथुरा-वृन्दावन-गोवर्धन क्षेत्र में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का विकास तथा क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण के लिए कदम उठाये जायेंगे। इसी के साथ बौद्ध परिपथ के स्थलों का पर्यटन के दृष्टिकोण से विकास एजेण्डे में शामिल किया गया है।
प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए कई योजनाओं पर तेजी से काम कर इन्हें पूरा किया जाना भी विकास एजेंडे में शामिल है। बिजली उत्पादन की निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा किया जायेगा और नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना हेतु तत्परता से प्रयास किए जायेंगे। इसके तहत जवाहरपुर, अनपरा-डी, हरदुआगंज विस्तार, पनकी तथा ओबरा-सी तापीय परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। कृषि व ग्रामीण फीडर अलग करते हुए मीटर लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति में सुधार किया जाएगा तथा विद्युत पारेषण के क्षेत्र में सुधार के लिए सब स्टेशनों तथा लाइनों का निर्माण करके उनकी क्षमता में वृद्धि की जायेगी। इस कार्य में पी0पी0पी0 आधार पर भी परियोजनायें संचालित की जायेंगी। इसके अलावा प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत उत्पादन नीति बनाने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए काम किया जायेगा।
स्वास्थ्य सेक्टर में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अन्तर्गत नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया जायेगा। आम लोगों को आकस्मिक चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु इमरजेन्सी ट्रान्सपोर्ट सर्विसेज को शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए गरीबी रेखा से नीचे के सभी परिवारों को योजना से आच्छादित किया जाएगा। साथ ही, सभी राजकीय मेडिकल कालेजों में ट्रामा सेन्टर और गहन चिकित्सा कक्ष (आई.सी.यू.) भी स्थापित किए जाएंगे।
समस्त प्रकार की छात्रवृत्तियों तथा सामाजिक सहायता पेंशन की वितरण व्यवस्था पारदर्शी एवं सुगम बनाई जाएगी। विशेष रूप से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए इनकी कमियों का निराकरण किया जायेगा। अल्पसंख्यकांे के कल्याण के लिए चल रहे 15 सूत्री कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के अलावा मदरसों में तकनीकी शिक्षा का प्रसार किया जाएगा। कन्या विद्या धन योजना के माध्यम से बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित करने तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों की स्थापना की जायेगी।
राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति के युग की शुरूआत करते हुए कक्षा 10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को टैबलेट तथा कक्षा 12 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को लैपटाॅप उपलब्ध कराया जायेगा। इसके साथ ही बेरोजगारी भत्ता योजना-2012 का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जायेगा। शिक्षकों की सेवा सम्बन्धी समस्याओं के समाधान के लिए उनके वेतन, पेंशन तथा जी0पी0एफ0 की व्यवस्था का कम्प्यूटरीकरण कराया जायेगा। इसके साथ ही जन उपयोगी विभागों में रिक्त पदों को भरा जाएगा।
डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत पाँच वर्षों में 10 हजार ग्रामों को संतृप्त करने तथा बुन्देलखण्ड पैकेज के प्रभावी क्रियान्वयन को विकास एजेंडे में सम्मिलित किया गया है। इसके अलावा पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि की धनराशि से गुणवत्तापरक योजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी। प्रदेश में नहरों की सफाई व्यवस्था पारदर्शी की जाएगी तथा बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ उसके सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच लाख लीटर दुग्ध भण्डारण क्षमता की डेयरी की स्थापना की जायेगी। इसके साथ ही लखनऊ में ही जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेण्टर का निर्माण कराया जायेगा और कैंसर रोग के इलाज के लिए कैंसर इंस्टीट्यूट भी स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त नई शहरी आवास एवं पर्यावास नीति बनाई जाएगी। बड़े शहरों में यातायात में सुधार किया जायेगा और नगर निकायों में साॅलिड वेस्ट प्रबन्धन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जायेगा। सरकारी ठेकों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेन्डर/ई-प्रोक्योरमेन्ट प्रणाली लागू की जाएगी। प्रदेश में स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेन्स व्यवस्था लागू की जाएगी। ई-गवर्नेन्स का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा और आई.टी. सिटी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी को लागू कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी0डी0एस0) में आमूलचूल सुधार किया जायेगा। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अधिकाधिक केन्द्रीय सहायता प्राप्त कर मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, मध्यान्ह भोजन योजना, जे0एन0एन0यू0आर0एम0 सहित विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि इनमें कोई अनियमितता न होने पाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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स्टेट पोेर्टल की शुरूआत 16 मई से ट्रायल रन आधार पर प्रारम्भ

Posted on 17 May 2012 by admin

प्रदेश के सभी विभागों की वांछित सूचनाएं प्राप्त कर आमजन को आॅनलाइन आवश्यकतानुसार अपना आवेदन करने की सुविधा

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी के निर्देशानुसार  www.uponline.up.nic.in  पर स्टेट पोेर्टल की शुरूआत आज 16 मई से ट्रायल रन आधार पर कर दी गई है। स्टेट पोर्टल को आगामी 30 जून तक ट्रायल के आधार पर चलाया जायेगा। इसके बाद पूरी तरह से लाइव कर दिया जायेगा।
सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स श्री जीवेश नन्दन ने बताया कि स्टेट पोर्टल के विषय में सुझाव एवं शिकायत आदि uponline.info@nic.in  एवं uponline.support@nic.in ई-मेल पर भेजी जा सकती है। उन्होंने बताया कि पोर्टल के रखरखाव तथा अपडेशन का कार्य सूचना विभाग द्वारा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि स्टेट पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी विभागों की वांछित सूचनाएं प्राप्त कर आमनागरिक आॅनलाइन आवश्यकतानुसार अपना आवेदन भी भेज सकते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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हज यात्रियों के लिए राज्य सरकार द्वारा अच्छी व्यवस्था की जायेगी - मुख्यमंत्री

Posted on 16 May 2012 by admin

  • केन्द्र सरकार से राज्य के हज कोटे में बढ़ोत्तरी का अनुरोध करेंगे
  • गाजि़याबाद के हज हाउस का निर्माण एक वर्ष में पूरा किया जायेगा

cm-photo-1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि इस वर्ष हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए राज्य सरकार द्वारा अच्छी व्यवस्था की जायेगी। प्रदेश के हज यात्रियों का कोटा आवश्यकता से कम बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के हज कोटे में बढ़ोत्तरी के लिए वे केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध करेंगे। उन्होंने गाजि़याबाद के हज हाउस के निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूरा कराने तथा वाराणसी में शीघ्र भूमि की व्यवस्था कर हज हाउस का निर्माण शुरू कराने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान प्रेक्षागृह में हज 2012 हेतु कुर्रा/लाॅटरी कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा उनकी पार्टी की सरकार द्वारा लखनऊ में हज हाउस का निर्माण कराया गया लेकिन विगत 05 वर्षों में इसके रख-रखाव और मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि लखनऊ के हज हाउस के सभी जरूरी मरम्मत कार्य कराये जायेंगे।
श्री यादव ने कहा कि नई दिल्ली से हज के लिए रवाना होने वाले राज्य के हज यात्रियों की सुविधा के लिये पिछली सपा सरकार द्वारा गाजि़याबाद में भूमि की व्यवस्था करके हज हाउस के निर्माण का प्रयास किया गया था। लेकिन बाद में वहां हज हाउस का निर्माण कार्य आगे नहींे बढ़ सका। उन्होंने आश्वस्त किया कि गाजि़याबाद के हज हाउस का निर्माण कार्य अगले एक वर्ष में पूरा कराया जायेगा। उन्होंने हज के लिये चयनित यात्रियों को अपनी शुभकामनायें दीं और उनकी सकुशल यात्रा की मंगल कामना करते हुए कहा कि हज पर जाने के लिये लोग काफी समय पूर्व से ही तैयारी शुरू कर देते हैं। लेकिन हज यात्रियों का कोटा कम होने के कारण जिन लोगों का चयन नहीं हो सका है उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें अगले वर्ष हज पर जाने का फिर मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का कोटा भी बढ़ाये जाने हेतु पूरा प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्म व जातियों के लोगों ने समर्थन देकर बड़ी उम्मीदों से उनकी पार्टी की सरकार बनवाई है। प्रदेश सरकार का कार्यकाल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा राज्य में शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में काफी बदलाव होगा और उनकी सरकार जनता की आशाओं पर खरी उतरेगी।
cm-photo-3इससे पहले उ0प्र0 राज्य हज समिति के अध्यक्ष तथा प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री मो0 आज़म खाँ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले पाँच वर्षों में लखनऊ हज हाउस अव्यवस्थाओं का शिकार रहा। इसके घटिया निर्माण के फलस्वरूप दो कमरों की छत गिरने से एक मज़दूर की मृत्यु हो गयी थी और कुछ गम्भीर रूप से हताहत भी हो गये थे। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री जी से लखनऊ के हज हाउज की मरम्मत और इसका सौन्दर्यीकरण कराने, ग़ाजि़याबाद के हज हाउज़ का निर्माण कार्य शुरू कराने एवं वाराणसी में भी हज हाउज़ बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ग़ाजि़याबाद व वाराणसी में हज हाउस बन जाने से प्रदेश से हज  पर जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
इस मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण सचिव श्रीमती लीना जौहरी ने कहा कि लाॅटरी में चयनित हज यात्रियों के नाम उ0प्र0 राज्य हज समिति की वेबसाइट www.uphajcommittee.com  पर उपलब्ध हैं। कार्यक्रम का संचालन राज्यसभा सांसद चैधरी मुनव्वर सलीम ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री चितरंजन स्वरूप एवं उ0प्र0 राज्य हज समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने विधान परिषद की सदस्यता की शपथ ली

Posted on 14 May 2012 by admin

02उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव को आज यहां सचिवालय स्थित तिलक हाल में विधान परिषद के सभापति श्री गणेश शंकर पाण्डेय ने विधान परिषद की सदस्यता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर सभापति ने श्री अम्बिका, श्री उमर अली खान, श्री नरेश चन्द्र उत्तम, श्रीमती मधु गुप्ता, श्री राजेन्द्र चैधरी, श्री रामसकल गुर्जर, श्री विजय, डा0 महेन्द्र कुमार सिंह और श्री चैधरी मुश्ताक को भी विधान परिषद की सदस्यता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, संसदीय कार्य मंत्री श्री मो0 आजम खाँ, लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अहमद हसन, पंचायती राज मंत्री श्री बलराम यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सैफई में खोले जाएंगे दो नए स्पोट्र्स कालेज, मुख्यमंत्री ने की इटावा के विकास कार्यों की समीक्षा

Posted on 13 May 2012 by admin

पी.जी.आई. में तीमारदारों के ठहरने के लिए बनेंगे हाॅल, पैरा मेडिकल कालेज का सत्र भी शीघ्र शुरु होगा

safai-pgi-up-cm-akhilesh-yadavउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने खेलों को बढ़ावा देने के लिये सैफई में पुरुष व महिलाओं के लिये अलग-अलग दो स्पोट्र्स कालेज खोले जाने की घोषणा की है। उन्होंने उ0प्र0 ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, सैफई में दूरदराज से आने वाले मरीजों के तीमारदारों के ठहरने के लिए रसोई घर सहित दो बड़े हाॅल बनाने और वहां सस्ता भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैण्टीन स्थापित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने निर्माणाधीन दुग्ध डेरी का जो कार्य रोक दिया था उसे शीघ्र ही चालू कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने आज इटावा के सैफई में चल रहे विकास कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करने के उपरान्त लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में विकास कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो भी विकास कार्य चल रहे है उनका कार्य पूर्ण गुणवत्ता युक्त ढंग से निर्धारित मानक के अनुरूप होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि पैरा मेडिकल कालेज का कार्य जल्दी पूर्ण कर लिया जाये और अगले शैक्षिक सत्र से विधिवत अध्ययन का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि इस कालेज के बन जाने से प्रदेश के विभिन्न भागों के बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त करके अपना भविष्य उज्जवल बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि सैफई में मिनी पी0जी0आई0 बन जाने से दूर दराज सहित अन्य प्रदेशों के लोग लाभान्वित हो रहे हंै। इसी तरह इस पैरा मेडिकल कालेज बन जाने से आस-पास के छात्रों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इण्डोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम, तरणताल, चंदगीराम स्टेडियम, हाॅकी स्टेडियम, पिक्चर हाॅल, पैरा मेडिकल कालेज के हाॅस्टल, कर्मचारी आवास, चैधरी चरण सिंह डिग्री कालेज हैंवरा सहित अन्य निर्माणाधीन भवनांे व कार्यो का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारियों को इनकी कमियों को दूर करने तथा सम्बन्धित कार्यो को समय से पूरा कराने के निर्देश दिये। उन्हांेने कहा कि किसी भी दशा में कार्य की गुणवत्ता प्रभावित नही होनी चाहिये। उन्हांेने निर्देशित किया कि किसी भी कार्य को धनाभाव के कारण न रोका जाए। इन कार्यों के लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी उपलब्ध करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विधुत विभाग, राजकीय निर्माण निगम, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यो की भी समीक्षा की। उन्होने कहा कि जनपद में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशनों का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नये स्टेशनों के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ किये जाए।
मुख्यमंत्री के साथ गए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री ने जो भी निर्देश दिये हंै उनका अनुपालन अतिशीघ्र सुनिश्चित कर उन्हें अवगत करायें। उन्होने पैरा मेडिकल कालेज के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो कार्य धनाभाव में रुके है उनका स्टीमेट शीघ्र उपलब्ध करा दें ताकि उनकी धनराशि उपलब्ध करायी जा सक,े लेकिन ध्यान यह रहे कि अगले सत्र में विद्यालय कार्य करना अवश्य शुरु कर दे। उन्हांेने क्षेत्र की सड़कों को गड्ढा मुक्त व स्तरीय बनाने व स्टेडियम के निर्माण कार्यो को तेजी से पूर्ण करने हेतु स्टीमेट आदि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्हांेने विकास कार्यक्रमों तथा योजनाओं को तेजी के साथ चलाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनका लाभ समय से लोेगों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां शास्त्री भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये

Posted on 12 May 2012 by admin

आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों की मासिक धनराशि में बढ़ोत्तरी का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों की मासिक संविदा धनराशि में बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। फैसले के अनुसार आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में संविदा पर नियुक्त चिकित्सक जो वर्तमान में कार्यरत हैं, उनको भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 13 दिसम्बर, 2007 के शासनादेश की भांति 18 हजार रूपये प्रतिमाह संविदा धनराशि आदेश जारी होने की तिथि से दिया जायेगा। आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में ये चिकित्सक स्वीकृत पदों के विरूद्ध कार्यरत हैं। स्वीकृत पदों के आधार पर बजट उपलब्ध होने के कारण अलग से बजट व्यवस्था की आवश्यकता भी नहीं है।
मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जब कभी संविदा चिकित्सकों की धनराशि संशोधित की जायेगी, तब आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में संविदा के आधार पर कार्यरत चिकित्सकों को भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासनादेश जारी होने की तिथि से संशोधित दर से संविदा धनराशि दी जायेगी।
गौरतलब है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को संविदा के आधार पर 23 अगस्त, 2004 से 12 हजार रूपये प्रतिमाह की संविदा धनराशि पर नियुक्त किया था। आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग द्वारा भी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासनादेश को मंत्रिपरिषद के माध्यम से स्वीकार करते हुए, 3 फरवरी, 2005 से संविदा चिकित्सकों की नियुक्ति 12 हजार रूपये प्रतिमाह पर की गयी थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा
13 दिसम्बर, 2007 को शासनादेश निर्गत कर पूर्व में संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों को तात्कालिक प्रभाव से अनुमन्य धनराशि 12 हजार रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 18 हजार रूपये प्रतिमाह कर दी गयी, जबकि आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के संविदा चिकित्सकों को अभी भी 12 हजार रूपये प्रतिमाह ही दी जा रही है।
यह भी उल्लेखनीय है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के चिकित्सकों द्वारा समान कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा दोनों विधाओं के नियमित चिकित्सकों को समान वेतनमान अनुमन्य है। इसलिए मंत्रिपरिषद द्वारा इस विसंगति को दूर करने का निर्णय लिया गया है।

गोरखपुर के प्राणि उद्यान का नाम परिवर्तित कर शहीद अशफाक उल्ला खाँ प्राणि उद्यान किया गया
मंत्रिपरिषद ने भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में शहीद अशफाक उल्ला खाँ के अभूतपूर्व योगदान का सम्मान करते हुए मान्यवर कांशीराम प्राणि उद्यान गोरखपुर का नाम परिवर्तित करके शहीद अशफाक उल्ला खाँ प्राणि उद्यान, गोरखपुर किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को विशिष्ट सम्मान प्रदान करने हेतु संकल्पित है। इस परिप्रेक्ष्य में उल्लेखनीय है कि शहीद अशफाक उल्ला खाँ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रान्तिकारी थे। उन्होंने काकोरी काण्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश शासन ने उन पर अभियोग चलाया और 19 दिसम्बर, 1927 को उन्हें फैजाबाद जेल में फांसी दी गई। देश की आजादी में शहीद अशफाक उल्ला खाँ के अभूतपूर्व योगदान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।

उ0प्र0 ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) नियमावली, 2012 स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) नियमावली, 2012 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। नियमावली के अनुसार ईंट भट्ठे की स्थापना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 25 एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21 के तहत स्थापना हेतु सहमति प्राप्त किए जाने के उपरान्त ही की जा सकेगी। इसके अलावा अन्य नियमों के प्राविधानों जैसे- जिला प्रशासन, माइनिंग लीज, जिला पंचायत से फायरिंग हेतु अनुमति तथा उद्यान विभाग तथा जिला पंचायत से, यदि आवश्यक हो, अनापत्ति प्रमाण पत्र/लाइसेन्स भी नियमानुसार प्राप्त किया जाना होगा।
नियमावली में यह प्राविधान भी किया गया है कि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय की 22 जुलाई, 2009 की अधिसूचना के तहत ईंट भट्ठों के लिए अधिसूचित उत्सर्जन मानक तथा प्रदूषण नियंत्रण प्रक्रिया, जिसमें चिमनी की ऊंचाई सम्मिलित है, ईंट भट्ठों पर लागू होंगे। आन्तरिक ईधन के रूप में कोयले के स्थान पर, स्थानीय कृषि औद्योगिक वेस्ट अवशेष जैसे कपास या सरसों की डन्ठल को ईधन के रूप में प्रयोग किया जायेगा। ऐसे औद्योगिक वेस्ट, जो परिसंकटमय न हो, जैसे पत्थर, धूल, चावल की भूसी की राख, रेड मड इत्यादि को ऊपरी मिट्टी में मिलाये जाने को प्रोत्साहन दिया जायेगा। इसके अलावा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत जारी किये गये नोटिफिकेशन (यथासंशोधित) के आधार पर फ्लाई ऐश र्का इंट की मोल्डिंग में उपयोग करके मिट्टी फ्लाई ऐश ईंट बनायी जायेगी।
नियमावली के अनुसार स्पेन्ट आरगैनिक साल्वेंट, तैलीय अवशेष, पेन्ट कोक बोतल, फिल्टर प्रेस केेक (परिसंकटमय अपशिष्ट) इत्यादि तथा अन्य वेस्ट जैसे प्लास्टिक, रबर, चमड़ा आदि भट्ठे में ईधन के रूप में स्वीकृत नहीं किये जायेंगे। ईंट भट्ठे की परिधि के किनारे वृक्षों की 10 मीटर चैड़ी बहु सतही एवं बहु मंजिली हरित पट्टी बनायी जायेगी तथा ईंट भट्ठे की चाहरदीवारी में वाहनों के प्रवेश एवं निकासी के लिए 10 मीटर के दो खाली स्थान छोड़े जायेंगे। ऐसे ईंट भट्ठों में जहां हरित पट्टी बनाने के लिए स्थान नहीं है, वहां 3 मीटर ऊंचाई की दीवार बनायी जायेगी ताकि धूल का निकलना रोका जा सके। हरित पट्टी के साथ ईंट भट्ठे की स्थापना के लिए कम से कम 02 एकड़ क्षेत्र आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त ईंट भट्ठे की स्टैक/चिमनी को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग के नियमों के अनुसार आकाशीय बिजलीरोधक लगाये जाने भी आवश्यक होंगे।
इसके अलावा ईंट भट्ठों के लिए समुचित रखरखाव प्रक्रिया, जिसमें कोयले की राख का निस्तारण, भट्ठे के चारों ओर दोहरी दीवार, समुचित लेआउट, ब्रिक लाइन पैसेज, उच्च गे्रड के कोयले का प्रयोग, समुचित फायरिंग प्रक्रिया, ध्वनि प्रदूषण से सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थायें भी भट्ठा स्वामियों द्वारा अपनायी जायेगी।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं एवं  मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय की दरों में बढ़ोत्तरी

मंत्रिपरिषद ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिये जाने वाले मानदेय की दरों में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह वृद्धि 01 अपै्रल, 2011 से प्रभावी होगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा मानदेय की दरों में निम्नानुसार वृद्धि स्वीकृत की गई है:-

क्र. सं.    श्रेणी    दिनांक 01.04.2008 की निर्धारित दरें    दिनांक 01.04.2011 से प्रभावी संशोधित दरें
अ    आंगनबाड़ी कार्यकत्री
1.    नान मैट्रिकुलेट    1438 रूपये    2938 रूपये
2.    नान मैट्रिकुलेट 05 वर्ष की मानदेय सेवा    1469 रूपये    2969 रूपये
3.    नान मैट्रिकुलेट 10 वर्ष की
मानदेय सेवा    1500 रूपये    3000 रूपये
4.    मैट्रिकुलेट    1500 रूपये    3000 रूपये
5.    मैट्रिकुलेट 05 वर्ष की मानदेय सेवा    1531 रूपय    3031 रूपये
6.    मैट्रिकुलेट 10 वर्ष की मानदेय सेवा    1563 रूपये    3063 रूपये
ब.    आंगनबाड़ी सहायिका    750 रूपये    1500 रूपये
स.    मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों की आंगनबाड़ी कार्यकत्री    750 रूपये    1500 रूपये

इसके अलावा वर्ष 2004-05 से राज्य सरकार द्वारा अपने स्रोतों से प्रति माह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिया जा रहा 200 रूपये तथा सहायिकाओं को 100 रूपये का मानदेय इन्हें पूर्ववत प्राप्त होता रहेगा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गर्भवती/धात्री महिलाओं, बच्चों तथा किशोरियों को कुपोषण से बचाने के लिए भारत सरकार की सहायता से समेकित बाल विकास कार्यक्रम का संचालन 897 परियोजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के अन्तर्गत 1,66,073 आंगनबाड़ी केन्द्र तथा 22,186 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत/संचालित हैं। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक कार्यकत्री एवं एक सहायिका तैनात है तथा मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र पर मात्र आंगनबाड़ी कार्यकत्री ही तैनात है। आंगनबाड़ी  कार्यकत्रियों/सहायिकाओं तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिये जाने वाले मानदेय में भारत सरकार का 90 प्रतिशत तथा राज्य सरकार का 10 प्रतिशत अंश समाहित है। भारत सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को दिये जाने वाले मानदेय की दरों को 01 अपै्रल, 2011 से बढ़ाये जाने का निर्णय लिया था, जिसे 11 जुलाई, 2011 को संसूचित किया गया था।

शासकीय निर्माण कार्यों में अनुसूचित जाति/जनजाति  के ठेकेदारों को अनुमन्य आरक्षण व्यवस्था समाप्त
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय निर्माण कार्यों हेतु ठेकेदारी में अनुसूचित जाति/जनजाति के ठेकेदारों को अनुमन्य आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया गया। मंत्रिपरिषद ने शासकीय निर्माण कार्यों हेतु ठेकेदारी में प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त करने, गुणवत्ता बनाये रखने तथा शासकीय कार्यों की निविदा प्रक्रिया में प्रतिभाग करने के लिए सभी को समान रूप से अवसर प्रदान करने के दृष्टिगत लोक हित में यह निर्णय लिया है।
ज्ञातव्य है कि 30 जून, 2009 के शासनादेश द्वारा प्रदेश में राज्याधीन विभाग, निगम, उपक्रम, प्राधिकरण, परिषद एवं निकाय के अधीन शासकीय निर्माण कार्य में पांच लाख रूपये तक लागत वाले कार्यों की ठेकेदारी में अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों को क्रमशः 21 प्रतिशत एवं 02 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। तत्पश्चात् 29 जनवरी, 2010 के शासनादेश द्वारा लागत कार्य की सीमा को बढ़ाकर पच्चीस लाख रूपये कर दिया गया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियन्ता (विकास) तथा विभागाध्यक्ष द्वारा शासन को उपलब्ध कराई गई आख्या के अनुसार इस प्रक्रिया से निविदा आमंत्रित करने में प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त नहीं हो रही हैं। इसके कारण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने प्रकरण में पुनर्विचार कर संशोधन किए जाने की संस्तुति की थी। इस पर सम्यक विचारोंपरान्त मंत्रिपरिषद ने सरकारी कार्यों की ठेकेदारी में आरक्षण की इस व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है।

उ0प्र0 बेरोजगारी भत्ता योजना, 2012 लागू करने का निर्णय
योजना से प्रदेश के लगभग 09 लाख बेरोजगार युवक/युवतियां होंगे लाभान्वित
वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार पर लगभग 1113 करोड़ रूपये का व्यय भार आयेगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां शास्त्री भवन में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में उ0प्र0 बेरोजगारी भत्ता योजना, 2012 को लागू करने का निर्णय लिया गया। योजना से प्रदेश के लगभग 09 लाख बेरोजगार युवक/युवतियां लाभान्वित होंगे तथा इसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 1113 करोड़ रूपये का व्यय भार राज्य सरकार पर आयेगा। प्रत्येक बेरोजगार व्यक्ति को प्रतिमाह 01 हजार रूपये बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा। बेरोजगारी भत्ते का भुगतान त्रैमासिक किश्तों में किया जायेगा।
मंत्रिपरिषद ने योजना को लागू करने के लिये नियम एवं शर्तों को भी मंजूरी प्रदान की है। इनके अनुसार, योजना का लाभ 30 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्तियों को, जो हाईस्कूल अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण हों तथा किसी भी रोजगार, जिसमें सरकारी, अर्द्धसरकारी व निजी क्षेत्र की नौकरी एवं स्वरोजगार सम्मिलित हैं, में न लगा हो एवं प्रदेश के किसी सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत हो, को 40 वर्ष आयु पूर्ण करने तक मिलेगा। योजना का लाभ उन्हीं बेरोजगार व्यक्तियों को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं तथा वर्तमान में राज्य में निवास कर रहे हैं।
मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गये फैसले के अनुसार बेरोजगार व्यक्ति के परिवार की समस्त स्रोतों से आय 36 हजार रूपये वार्षिक से कम हो तथा उसके माता-पिता अथवा सास-ससुर (जैसी भी स्थिति हो) कि समस्त स्रोतों से आय 1 लाख 50 हजार रूपये वार्षिक अथवा इससे कम हो। किसी वित्तीय वर्ष में 15 मार्च तक किसी सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत होने की दशा में बेरोजगारी भत्ता अगले वित्तीय वर्ष में आवेदन जमा करने के माह के अगले माह की पहली तिथि से अनुमन्य होगा।
योजना का क्रियान्वयन प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी के निर्देशन में सम्बन्धित सहायक निदेशक/जिला रोजगार सहायता अधिकारी द्वारा किया जायेगा। बेरोजगार व्यक्ति को रोजगार प्राप्त होने पर बेरोजगारी भत्ते का भुगतान रोक दिया जायेगा। यह सूचित करने का दायित्व बेरोजगार व्यक्ति का ही होगा कि उसे अमुक माह से रोजगार मिल गया है। गलत शपथ पत्र एवं गलत विवरण देने की स्थिति में सम्बन्धित व्यक्ति का बेरोजगारी भत्ता रोक दिया जायेगा तथा उसके विरूद्ध समुचित कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी।
मंत्रिपरिषद ने यह भी फैसला किया है कि बेरोजगारी भत्ता पाने वाले व्यक्तियों से सरकार/जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति में उनके निवास स्थान के विकास खण्ड अथवा नगर क्षेत्र की स्थिति में सम्बन्धित नगरीय क्षेत्र की सीमाओं में उनको रोजगारपरक कौशल की वृद्धि हेतु उनसे समय-समय पर कार्य लिया जा सकता है। यदि बेरोजगारी भत्ता पाने वाला व्यक्ति बुलाये जाने पर कार्य करने के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसका बेरोजगारी भत्ता रोका जा सकता है। इस योजना के सुचारू संचालन के लिये सेवायोजन विभाग द्वारा आॅनलाइन व्यवस्था भी विकसित की जायेगी, जिसके विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किये जायेंगे। योजना के बारे में किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित जिले का जिलाधिकारी किसी भी अधिकारी से जांच कराकर निर्णय लेगा, जो अन्तिम होगा। समस्त जिलाधिकारियों द्वारा यथावश्यकता समय-समय पर रैन्डम सत्यापन भी कराया जायेगा।

जीरो बेस बजटिंग के आधार पर 13 विभागों की 26 योजनाओं/कार्यक्रमों को समाप्त करने का निर्णय
फैसले से 4861.72 करोड़ रु0 की बचत होगी, जिसका सदुपयोग नवीन प्राथमिकता कार्यक्रमों के लिये किया जाएगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में जीरो बेस बजटिंग के आधार पर 13 विभागों की 26 योजनाओं/कार्यक्रमों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से जहां वित्तीय वर्ष 2012-13 के लेखानुदान में लगभग 4861.72 करोड़ रूपये की बचत होगी, वहीं इस बचत को वर्तमान वित्तीय वर्ष के मूल आय-व्ययक में समायोजित कर नये प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में इसका सदुपयोग किया जायेगा। जिन योजनाओं/कार्यक्रमों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, उनके विभाग अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने तथा समस्त देनदारियों के पश्चात यथोचित आदेश निर्गत करेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश के त्वरित एवं समावेशी विकास हेतु अपेक्षित संसाधन जुटाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करने के उद्देश्य से सभी विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विचार-विमर्श के दौरान 13 विभागों की 26 योजनाओं को समाप्त किये जाने पर सहमति बनी।
इसके आधार पर मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित योजनाओं/कार्यक्रमों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है:-

विभाग        योजना का नाम
1    आवास एवं शहरी नियोजन    1    मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना
2    मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन (ईको) गार्डेन का निर्माण
3    लखनऊ में परिवर्तन चैक एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर प्रतीक स्थल के सौन्दर्यीकरण एवं अनुरक्षण कार्य
2    महिला कल्याण एवं बाल विकास    4    महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना
3    नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन    5    मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना
4    ग्राम्य विकास    6    महामाया आवास योजना
7    महामाया सर्वजन आवास योजना
5    प्राविधिक शिक्षा    8    सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना
6    व्यावसायिक शिक्षा    9    सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना
7    अल्पसंख्यक कल्याण    10    मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी समग्र विकास योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन
11    सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना
8    पंचायती राज    12    डा. अम्बेडकर ग्रामों में सी0सी0 रोड तथा के0सी0ड्रेन का निर्माण
13    सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत विशेष प्रोत्साहन
9    माध्यमिक शिक्षा    14    सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना
10    ऊर्जा    15    डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना
11    समाज कल्याण    16    छात्र/छात्राओं हेतु विभागीय छात्रावासों का निर्माण
17    रोजगार सृजन, प्रशिक्षण एवं अवस्थापना सुविधा
18    अनुसूचित जाति - छात्रवृत्ति योजना
19    कोल जातियों का एकीकृत विकास
20    डा. अम्बेडकर सामुदायिक विकास केन्द्रों का निर्माण
21    मान्यता प्राप्त अनुसूचित बाहुल्य प्राथमिक विद्यालयों को एकमुश्त सहायता
22    गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्रों को विदेश शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
12    लोक निर्माण    23    मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत मार्गों के निर्माण/पुनर्निमार्ण के चालू कार्य
24    डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में सड़कों का निर्माण
13    लघु सिंचाई    25    डा. भीमराव अम्बेडकर नलकूप योजना
26    डा. अम्बेडकर सामूहिक नलकूप योजना

डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना लागू करने का निर्णय
पूर्व में संचालित समग्र ग्राम्य विकास योजना तथा डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना को समाप्त किया गया
योजना के तहत 05 वर्षों में लगभग 10 हजार ग्रामों को आच्छादित किया जायेगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास विभाग का नाम बदलकर समग्र ग्राम विकास विभाग किए जाने तथा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के लागू होने के फलस्वरूप, पूर्व में संचालित समग्र ग्राम्य विकास योजना तथा डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना को समाप्त करने का फैसला भी लिया गया।
मंत्रिपरिषद द्वारा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत 22 विभागों के 36 कार्यक्रम चिन्हित करते हुए इन्हें संचालित करने के मानक भी निर्धारित कर दिये गये हैं। योजना के तहत 05 वर्षों में लगभग 10 हजार ग्रामों को आच्छादित किया जायेगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 में 1600 ग्रामों तथा आगामी 04 वर्षों में प्रतिवर्ष 2100 ग्रामों को योजना के तहत चयनित कर विकसित किया जायेगा। ग्रामों के चयन हेतु समग्र ग्राम विकास विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पिछड़ेपन के सूचकों के आधार पर प्रदेश स्तर पर वर्षवार एवं जनपदवार ग्रामों की संख्या का निर्धारण किया जायेगा।
मंत्रिपरिषद ने चयनित ग्रामों के विकास हेतु कार्य योजना बनाने, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण के लिये जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने का फैसला भी लिया है, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष तथा परियोजना निदेशक सदस्य सचिव होंगे। इसके अतिरिक्त जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी तथा सम्बन्धित विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी समिति के सदस्य होंगे।
डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत निम्नलिखित
36 विकास कार्यक्रम संचालित होंगे:-
क्रमांक    डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम    कार्यदायी विभाग का नाम
1    2    3
1    सम्पर्क मार्ग निर्माण    लोक निर्माण विभाग
2    ग्रामीण विद्युतीकरण     ऊर्जा विभाग
3    आन्तरिक गलियों एवं नालियों का निर्माण    पंचायती राज विभाग
4    स्वच्छ शौचालय
5    आवासहीन को आवास    ग्राम्य विकास विभाग
6    स्वच्छ पेयजल
7    तालाबों का जीर्णोद्धार
8    प्राथमिक/उच्च प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय की स्थापना/निर्माण    बेसिक/माध्यमिक शिक्षा विभाग
9    स्वास्थ्य उपकेन्द्र की स्थापना/निर्माण    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
10    आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण     महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग
11    वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था एवं मार्ग प्रकाश    अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग
12    विशिष्ट परियोजनायें    विभिन्न विभाग
13    महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी कार्यक्रम    ग्राम्य विकास विभाग
14    स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना
15    निःशुल्क बोरिंग    लघु सिंचाई विभाग
16    कृषि भूमि एवं सीलिंग से सरप्लस भूमि का आवंटन    राजस्व विभाग
17    आवासीय पट्टे का आवंटन
18    मछली पालन हेतु पट्टे का आवंटन/तालाब सुधार कार्यक्रम     राजस्व/मत्स्य विभाग
19    कुम्हारीकला हेतु पट्टे का आवंटन    राजस्व विभाग
20    उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम     व्यवसायिक शिक्षा विभाग
21    बेरोजगारी भत्ता    श्रम एवं सेवायोजन विभाग
22    टैबलेट एवं पी0सी0 वितरण    माध्यमिक शिक्षा विभाग
23    वृद्धावस्था/किसान पेंशन     समाज कल्याण विभाग
24    पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायक अनुदान     महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग
25    विकलांग पेंशन    विकलांग कल्याण विभाग
26    मुख्यमंत्री पेंशन योजना    समाज कल्याण विभाग
27    अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रवृत्ति
28    पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
29    गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति     समाज कल्याण विभाग
30    अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति    अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
31    पशुओं का टीकाकरण     पशुपालन विभाग
32    कृत्रिम गर्भाधान
33    आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति    खाद्य एवं रसद विभाग
34    बीज प्रतिस्थापन     कृषि विभाग
35    किसान क्रेडिट कार्ड
36    मृदा परीक्षण

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सौर तथा पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव मदद करेगी-मुख्यमंत्री

Posted on 11 May 2012 by admin

  • राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए प्राथमिकता पर इंतजाम करेगी
  • मुख्यमंत्री ने बाराबंकी में प्रदेश के प्रथम सौर ऊर्जा उत्पादन प्लांट का उद्घाटन किया

press उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य को बिजली की ज्यादा से ज्यादा जरूरत है और इसे पूरा करने के लिए उनकी सरकार सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी बजट में ऊर्जा उत्पादन के लिए विभिन्न प्रकार की विशेष योजनाएं लाने जा रही है। जो लोग विद्युत उत्पादन से सम्बन्धित सौर ऊर्जा या पारम्परिक ऊर्जा उत्पादन के लिए प्लान्ट लगाना चाहते हैं, प्रदेश सरकार उनकी हर सम्भव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री आज बाराबंकी जनपद के बंकी विकासखण्ड के सन्दौली ग्राम में प्रदेश के प्रथम 02 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा उत्पादन प्लान्ट के उद्घाटन के उपरान्त जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की जितनी आवश्यकता है, उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए प्राथमिकता पर इंतजाम करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की शुरूआत कर दी थी, जिसके नतीजे आज देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान समाज की सबसे कमजोर कड़ी है। वह मेहनत कर अन्न उपजाता है, फिर भी उसे उसकी उपज का सही मूल्य मिलने में दिक्कतें आती हैं। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को उनकी उपज का सही समर्थन मूल्य मिले। इस व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी की जानकारी मिलती है तो कार्यकर्ता उन्हें एस0एम0एस0 द्वारा सूचना दे सकते हंै। ऐसे में उनकी ओर से तत्काल कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चुनाव घोषणा पत्र में किए गए विकास सम्बन्धी वादों को प्रत्येक दशा में पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटेड ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके लिए कम्पनी बधाई की पात्र है।
इस मौके पर प्रदेश के लोक निर्माण तथा सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आज के प्रगतिशील युग में ऊर्जा की बहुत आवश्यकता है। विशेष रूप से सौर ऊर्जा उत्पादन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस विधि से ऊर्जा उत्पादन कर पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का निवारण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाराबंकी कृषि से जुड़ा जनपद है और देश के आजाद होने के कई दशकों बाद भी यहां सिंचाई, सड़क निर्माण और ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था ठीक से नहीं हो पायी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगी।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चंद्र बाजपेयी ने इस अवसर पर कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि आज प्रदेश में प्रथम सौर ऊर्जा उत्पादन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के कर कमलों से हुआ। यह बहुत ही अग्रगामी लक्ष्य की प्राप्ति है।
इस अवसर पर प्रदेश के ग्राम्य विकास राज्य मंत्री श्री अरविंद सिंह गोप ने कहा इस तरह के ऊर्जा प्लांटों की स्थापना से ऊर्जा की समस्या के समाधान में बहुत सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को पहली कतार में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रोटोकाल राज्यमंत्री श्री अभिषेक मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि इस प्लांट की स्थापना बाराबंकी जनपद के इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ में दर्ज की जायेगी। इस अवसर पर नियोजन राज्य मंत्री श्री फरीद महफूज किदवई तथा कृषि एवं धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री श्री राजीव कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उ0प्र0 के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 07 मई, 2012 को शास्त्री भवन (एनेक्सी) में सी0आई0आई0 के प्रतिनिधयों के साथ बैठक करते हुए

Posted on 07 May 2012 by admin

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