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ट्रेन से टकराई बस, 37 बारातियों की मौत और 30 बुरी तरह जख्‍मी

Posted on 07 July 2011 by admin

उत्‍तर प्रदेश के कांशीराम नगर जिले में देर रात हुए ट्रेन हादसे में कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई। करीब एक बजकर 47 मिनट पर फर्रुखाबाद और कासगंज के बीच एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर यह हादसा हुआ। मथुरा-छपरा एक्‍सप्रेस से पटरी पार कर रही बारातियों से भरी बस टकरा गई।

ट्रेन में करीब 100 बाराती सवार थे, जो एटा से कांशीरामनगर जा रहे थे। हादसा इतना भीषण था कि बस ट्रेन के साथ घ्‍ासीटती हुई 500 मीटर तक चली गई, जिससे लोगों के चीथड़े उड़ गए। स्‍थानीय प्रशासन के मुताबिक घटनास्‍थल से 37 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। करीब 30 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आशंका है कि इस हादसे में मारे जा ने वाले लोगों की संख्‍या 50 तक पहुंच सकती है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस हादसे पर शोक व्‍यक्‍त किया है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार तथा मामूली रूप से घायल लोगों को 10-10 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री राहत कोष की ओर से किया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह हादसा बस चालक की गलती से हुआ है। फिलहाल रेलवे ट्रैक को खाली करा लिया गया है और 15108 छपरा एक्‍सप्रेस को रवाना कर दिया गया है।

Vikas Sharma
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पुराने अभियुक्त होंगे चिन्हित

Posted on 07 July 2011 by admin

प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों से निपटने के लिए शासन ने नया तरीका निकाला है। हत्या, प्राणघातक हमला व दुष्कर्म के दस साल पुराने मामलों की जांच होगी। इन प्रकरणों के अभियुक्तों को थाने में बुलाकर बातचीत की जाएगी। साथ ही उन्हें दो-दो लाख रुपये की धनराशि से पाबंद किया जाएगा। यह फैसला वादी अथवा गवाहों से धमकाए जाने की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है।

शासन ने अपराधियों पर अंकुश लगाने और लोगों को न्याय दिलाने के लिए नया फार्मूला ईजाद किया है।  जिले की पुलिस अब पिछले दस साल के दौरान हुई हत्या, प्राणघातक हमले व दुष्कर्म के मामलों को छांट रही है। देखा जा रहा है कि कितने मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं। इन प्रकरणों में आरोपित लोगों की वर्तमान में क्या स्थिति है और मुकदमा के वादी के प्रति किस तरह का व्यवहार है? पीड़ित पक्ष द्वारा समय - समय पर गवाह व वादी को बयान देने पर धमकी दी जाती है। इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अधिक से अधिक मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए नए सिरे से काम होगा। सभी प्रकरणों के आरोपियों को थाने में बुलाकर बातचीत की जाएगी और उनसे दो - दो लाख रुपये के मुचलके भरवाए जाएंगे। मुचलका भरने के बाद उन्हें इस ताकीद के साथ छोड़ा जाएगा कि वह अदालत में वांछित प्रकरण के वादी, पीड़ित पक्ष अथवा गवाह को किसी भी तरह से न तो उत्पीड़ित करेंगे न ही धमकाएंगे। यदि इस तरह के प्रकरण संज्ञान में आते हैं तो पाबंद की गई धनराशि को तो जब्त किया ही जाएगा, साथ ही प्रकरण दर्ज करते हुए सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंडल के जालौन व ललितपुर जनपद में तो करीब साठ फीसदी आरोपियों से मुचलके भरवा लिए गए हैं।

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गरीबों का इंतजार खत्म जिले को मिले 3,33,81,000 रुपये

Posted on 07 July 2011 by admin

शादी - बीमारी योजना से मिलने वाले अनुदान की बाट जोह रहे गरीबों का इंतजार खत्म हो गया है। जिले को 3,33,81,000 रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। योजना का लाभ वर्ष 2011-12 में आवेदन करने वालों को दिया जाएगा। अनुदान का पैसा लाभार्थियोें के खाते में भिजवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की लड़की की शादी एवं मुखिया के इलाज के लिए सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत शादी के लिए अनुसूचित जाति को बीस हजार रुपये एवं अन्य को दस हजार रुपये मिलते हैं, जबकि बीमारी में इलाज के लिए पांच - पांच हजार रुपये देने का प्रावधान है। वर्ष 2011-12 में अब तक जिले में 2499 व्यक्तियों ने अनुदान के लिए आवेदन किया था। जिलाधिकारी मनीष चौहान द्वारा गठित समिति ने अनुदान वितरण के लिए 333.81 लाख रुपये के बजट को मंजूर कर दिया है। इस राशि से अनुसूचित जाति के 1349 लोगों को शादी व 49 लोगों को बीमारी अनुदान के रूप में 292.25 लाख रुपये, पिछड़ा वर्ग के 255 लोगों को शादी व 15 लोगों को बीमारी अनुदान के रूप में 26.25 लाख रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 29 लोगों को शादी अनुदान के रूप में 2.26 लाख रुपये एवं सामान्य वर्ग के 129 लोगों को शादी तथा तीन लोगों को बीमारी अनुदान के रूप में 13.05 लाख रुपये दिए जाएंगे। विभाग के अनुसार इस राशि से सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग के सभी पात्र आवेदक लाभान्वित हो जाएंगे, लेकिन पिछड़ा वर्ग के 500 तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 70 आवेदन लंबित रहेंगे। लंबित आवेदकों को दूसरी किस्त मिलने पर लाभान्वित किया जाएगा।

प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि अनुदान राशि से पहले विधवा व विकलांग आवेदक को लाभान्वित किया जाएगा। इसके बाद उन लोगों को अनुदान दिया जाएगा जिनके यहां पहले शादी है। उन्होंने बताया कि अनुदान राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजनी शुरू कर दी गयी है और दस दिन के भीतर सभी के खाते में पैसा पहुंचा दिया जाएगा।

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एसबीआई लाइफ ने फ्लेक्सी स्मार्ट बीमा नामक परिवर्तनशील बीमा योजना की पेशकश की

Posted on 04 July 2011 by admin

mr-m-n-rao-md-ceo-of-sbi-life-insurance-coनई पीढ़ी की अग्रणी बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ ने एक लाभ-रहित परिवर्तनशील बीमा योजना फ्लेक्सी स्मार्ट बीमा जारी की है। इस उत्पाद को जोखिम की चिंता से मुक्त वैसे ग्राहकों के निवेश की सुरक्षा के नजरिए से तैयार किया गया है जो गैर-यूनिट लिंक्ड योजनाएं चाहते हैं। अंतरिम और अतिरिक्त ब्याज दर, प्रीमियम भुगतान में छूट का लचीला विकल्प, बदलती जरूरतों के अनुसार बीमाधन को कम करना या बढ़ाना तथा टाॅप-अप प्रीमियम की सुविधा इस ग्राहकोन्मुखी फ्लेक्सी स्मार्ट बीमा की कुछ विशेषताएं हैं।

बीमाधारक के द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम पर वित्तीय वर्ष 2011-12 में 7 प्रतिशत की दर से अंतरिम व्याज की आमदनी होगी। अंतरिम ब्याज दर की घोषण प्रत्येक वित्तीय वर्ष के आरंभ में की जाएगी। फंड पर निवेश के रिटर्न के अनुसार, प्रत्येक साल के अंत में 31 मार्च को अतिरिक्त ब्याज दर की घोषणा की जा सकती है, जिसे बीमाधारक के खाते में अंतरिम ब्याज दर के साथ जोड़ दिया जाएगा।

यह योजना न्यूनतम 1500 रूपये प्रतिमाह के आसान प्रीमियम के साथ उपलब्ध है। बीमाधारक, प्रीमियम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक विधि से कर सकते हैं।

एसबीआई लाइफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एम एन राव ने कहा कि, ‘‘लचीलापन, वहन करने योग्य एवं खोजपरकता फ्लेक्सी स्मार्ट के मूल तत्व हैं। हालांकि हम अपने ‘सरल एवं आकर्षक‘ यूलिप उत्पादों की श्रृंखला तथा परंपरागत उत्पादों को सशक्त करने की दिशा में प्रयासरत रहेंगे ताकि हम अपने विभिन्न वर्ग एवं समुदायों के ग्राहकों को उनकी जोखिम क्षमता के अनुकूल सुरक्षा एवं बचत संबंधी उत्पाद उपलब्ध करा सकें।

प्रीमियम भुगतान में छूट, इस ग्राहकोन्मुखी फ्लेक्सी स्मार्ट बीमा की एक और विशेषता है। किसी अप्रत्याशित आर्थिक समस्या की हालत में, पूरी बीमा अवधि में बीमाधारक को तीन साल तक प्रीमियम भुगतान करने से छूट की सुविधा मिलेगी। फिर भी, बीमाधारक को इस छूट की अवधि में भी मृत्युदर शुल्क का भुगतान किये बिना जोखिम-सुरक्षा मिलती रहेगी।

इसके अतिरिक्त, फ्लेक्सी स्मार्ट बीमा के तहत बीमाधारक को यह सुविधा है कि सह किसी अतिरिक्त राशि को टाॅप-अप प्रीमियम के तौर पर जमा कर सकता है। फिर, सुरक्षा की बदलती जरूरतों के अनुसार, ग्राहक चाहे तो नियमित प्रीमियम को बढ़ाए बिना, बीमा राशि को घटा या बढ़ा भी सकता है। यह सुविधा पाॅलिसी के चैथे वर्ष से और उसके बाद लागू होती है।

विभिन्न ग्राहकों के विभिन्न तबके का बीमा और दीर्घकालीन निवेश की जरूरतों को पूरा करते हुए, एसबीआई लाइफ के पास ‘सिंपल और स्मार्ट‘ उत्पादों की व्यापक श्रृंखला है जिनमें आइआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुकूल यूलिप उत्पाद, प्योर प्रोटेक्शन एवं परंपरागत योजनाएं शामिल हैं। इस श्रृंखला में उच्च आमदनी वर्ग के लिए स्मार्ट इलिट, निश्चित एनएवी वाली स्मार्ट परफाॅर्मर, बिनी डाक्टरी जांच वाली यूलिप-सरल महा आनंद,  लोचदार यूलिप-यूनिट प्लस सुपर, बच्चों के लिए-स्मार्ट स्काॅलर, पूर्व निर्धारित एनएवी वाली यूलिप-स्मार्ट वेल्थ ऐश्योर, पेंशन वाली यूलिप-स्मार्ट पेंशन और स्वतः निधि निर्धारण वाली यूलिप- स्मार्ट होराइजाॅन जैसी बीमा योजनाएं उपलब्ध हैं। नवीनतापूर्ण खूबियों से भरी, बिना डाक्टरी जांच के विशुद्ध जोखिम-सुरक्षा वाली योजना-सरल शिल्ड, उच्च आय वर्ग के लिए विशुद्ध जोखिम-सुरक्षा वाली योजना-स्मार्ट शिल्ड और बिना डाक्टरी जांच के परंापरागत बचत योजना - सरल लाइफ जैसी योजनाओं को गत वित्तीय वर्ष में जारी किया गया था।

गत वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान, एसबीआई लाइफ ने 33 प्रतिशत वृद्धि के साथ 366 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया और वित्तीय वर्ष 2009-10 की तुलना में 28 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ कुल रु.12,912 करोड़ की प्रीमियम राषि का संग्रह किया। नव व्यवसाय से 7,572 करोड़ रूपये प्रीमियम राशि का संग्रह किया गया जो गत वित्तीय वर्ष 2009-10 की अपेक्षा 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसे और शानदार बनाते हुए, वित्तीय वर्ष 2009-10 के 3,063 करोड़ रूपये की तुलना में 74 प्रतिशत की भारी वृद्धि के साथ 2010-11 में नवीकरण प्रीमियम संग्रह ने 5,340 करोड़ रूपये का आंकडा दर्ज किया। 13 महीने के उद्योग मानकों के अनुसार, स्थिरता-स्तर वित्तीय वर्ष 2009-10 के 50 प्रतिशत के बिन्दु से 11 प्रतिशत बिन्दु ऊपर उठकर 2010-11 में 69 प्रतिशत पर पहुंच गया। इसी तरह, प्रबंधनाधीन संपदा (एस्सेट अंडर मैनेजमेंट) 40 प्रतिशत उछाल के साथ 31 मार्च, 1010 के 28,703 करोड़ रूपये से बढ़कर 40,163 करोड़ रूपये पर पहुंच गई।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जिला प्रशासन का छापा हजार बोरी खाद्यान्न पकड़ा

Posted on 04 July 2011 by admin

मल्लावां कोतवाली क्षेत्र का ग्राम भिरिया स्थित एक राइस मिल पर जिला प्रशासन की टीम ने सरकारी राशन चावल और गेूहं को पकड़ा। बताया जाता है कि यह राशन सहकारी सस्तें गल्ले की दुकानों का था। इससे ब्लैक में मार्केेट के अंदर बेचा जाता था। राइस मिल में पकड़े जाने पर हडकंप मच गया। परंतु मिल मालिक सुल्तान सिंह राजपूत इसे अपना बता रहे है नायब तहसीलदार अजीत सिंह की अगुवाई में पूर्ति निरीक्षक अमिय कांत श्रीवास्तव, पूर्ति लिपिक राकेश कुमार ने मिलकर छापा डाला। तलाशी के दौरान मिल के अंदर गोदाम में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन की बोरियों की चट्टा मिला। अधिकारियों ने इसकी गिनती करवाई। जिसमें साठ किलों चावल की 820 बोरियां, पचास किलो चावल की 179 बोरियां और अस्सी बोरी गूेूहं की मिली। सूत्रोें के मुताबिक यह खाद्यान्न आस पास के कोटेदारांे से खरीद कर जमा किया गया था। बोरी और लेविल बदलकर सरकारी गोदामों में आपूर्ति की भी जानकारी प्राप्त हुई है। इस सबमें खास बात यह है कि यह छापा मारी ऐसे समय की गई जब खाद्यान्न जांच हेतु प्रमुख सचिव आरईएस मनोज कुमार सिंह जिलें में जन कल्याणकारी योजनाओं का जायजा ले रहे है। खाद्यान्न कब्जें में लेेने के बाद मिल को सील कर दिया गया है। परंतु सबसे ताजुब्ब की बात यह है कि छापामारी ब्यौरा कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। एसडीम बिलग्राम सतीश चंद्र ने जानकारी पर इंकार कर रहे है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गरीबों पर सरकार हुई मेहरबान

Posted on 04 July 2011 by admin

अंबेडकर ग्रामांे मंे गरीबों का आशियाना बनाने के लिए सरकारी खजाने का द्वार खुल गया है जून माह के अंतिम सप्ताह में एक अभियान केे तहत आवास हेतु लाभार्थियों को लागत राशि की पहली किस्त जारी कर दी गई है। प्रशासनिक आकड़ों के हिसाब से इंदिरा आवास महामाया योजना आवास, के लगभग 7000 लाभार्थियों को पहली किस्त की धनराशि जारी हो चुकी है। जिनमें आवासों का निर्माण भी प्रांरभ कर दिया गया हैं जिले के 85 अंबेडकर ग्रामों में लाभार्थियों को शासन के निर्देश पर प्रथम किस्त अवमुक्त हो गई है। विकास विभाग के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में 2471 महामाया आवास योजना का प्रस्ताव है। यह लाभ अंबेडकर ग्रामों के दलित लोगों को दिए जाने का प्रस्ताव है। प्रति लाभार्थी 33750 रूपए की राशि दी जा रही है। इसके अलावा पिछले वर्ष के अलावा वर्ष के शेष 1068 लाभार्थियों को महामाया आवास योजना के लाभार्थियों को प्रथम किस्त भी दी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 6918 इंदिरा आवास में लाभार्थियों को 3253 रूपए की राशि बैंक खातों के माध्यम से दी गई है। पीडीडीआरडीए श्रीनिवास मिश्र ने बताया कि जिन्हें किस्त दी जा रही है उन्हंे निर्देश है कि निर्माण कार्य तुरंत जारी कर दें। उन्हें बैंको की पास बुकंे शिविर लगाकर दी जा रही है। यदि इनमें से किसी व्यक्ति ने लापरवाही बरती और पैसे का नाजायज प्रयोग किया तो उनसे रिकवरी भी की जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कूड़े की भेट चढ़ गए मनरेगा के अभिलेख- अजय सिंह

Posted on 04 July 2011 by admin

भरखनी विकास खंड की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कामों के अभिलेख बोरो में बाधकर इधर उधर फंेक दिए गए है कंाग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने उन सभी बोरो को और उनमें भरे हुए सभी कागजों को मीडिया के सामने पेश करते हुए कहा कि अब वह कतई चुप नहीं बैंठेगे। हम अपनी बात को यहा से लेकर के कांग्रेस की महापंचायत में इस मुद्दे का हम जोर शोर से उठाएंगें। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह बोरे भरखनी ब्लाॅक के ग्राम पंचायतों केे तहत कराए गए कार्यो का जिनमें मस्टररोल, एबी आदि महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मिडिया को दिखाते हुए कहा कि यह करोडों का खेल गरीबों का हक मार कर किया गया है। जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच जिला प्रशासन का करवानी चाहिए। अन्यथा कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता अधिकारियों का घेराव करेगें। फिर हमकों दोष न दिया जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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किशोर को पीटकर मार डाला

Posted on 04 July 2011 by admin

लकड़ी के बटवारे को लेकर हुए विवाद में एक किशोर को लाठी से पीटकर मार डाला। एक अन्य घटना में तीन लोगों को जमकर पीटा गया।

खीरी के पसगवां थाना क्षेत्र के सोहरू गांव निवासी 18 वर्षीय संतराम तथा गांव के सुनील ने आंधी के दौरान गिरे एक पेड़ को काटा था। दोनों लोगों में लकड़ी के बटवारे को लेकर कहासुनी हो गयी। इस दौरान सुनील, गुड्डू व लल्लू ने संतराम को लाठी से पीटकर अधमरा कर दिया। उसकी भाभी जगदेई पत्नी सुरेन्द्र बचाने आई तो उसे भी पीट दिया। गंभीर रूप से घायल संतराम को परिजन देर रात जिला अस्पताल लेकर आए तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। वह अविवाहित था। मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर रोजा थाना क्षेत्र के हथौड़ा बुजुर्ग गांव निवासी 35 वर्षीय जहीर हसन खां की गांव में इस्लाम और इंतजार से रंजिश चल रही है। वह शनिवार की शाम घर आ रहा था। दोनों लोगों ने उसे घेर लिया और लाठी से पीटकर घायल कर दिया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जलालाबाद थाना क्षेत्र के यूसुफजई निवासी आसिफ अली को मोहल्ले के तीन लोगों ने लोहे की राड से पीटकर घायल कर दिया। तिलहर थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी अन्नू के दरवाजे पर शनिवार की शाम शराब पीकर तीन लोग गाली दे रहे थे। गाली का विरोध करने पर सिर में बांका मारकर घायल कर दिया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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समिति में लाखों का फर्जीवाड़ा

Posted on 04 July 2011 by admin

किसानों के आर्थिक उन्नयन व तरक्की के लिए बनी सहकारी समितियां उनके दोहन व उत्पीड़न का पर्याय बनने लगीं हैं। जमुका किसान साधन सहकारी समिति पर हुआ फर्जीवाड़ा इसका प्रमाण है। यहां सचिव ने किसानों को विश्वास में लेकर उनसे हस्ताक्षरित चेक हथियाकर अपेक्षित खाद दे दी। बाद में इन्हीं चेकों पर बोरियों की संख्या बढ़ाकर उन्हें चूना लगा दिया।

समिति क्षेत्र के ग्राम सरसवां निवासी पीड़ित सुंदर सिंह पुत्र महाराम ने बताया कि उन्होंने 23 नवम्बर 2010 को जिला सहकारी बैंक की रोजा शाखा से चेक नम्बर 422098, 422099 से क्रमशरू 10 बोरी एनपीके और पर 20 बोरी यूरिया बतौर ऋण प्राप्त की। उस समय उन्हें 10090 रुपये के ऋण की जानकारी दी गई। 15 जून को जब सुंदर सिंह को 21202 रुपये की ऋण अदायगी का नोटिस मिला तो वह दंग रह गये। उन्होंने सचिव रामकृष्ण सक्सेना से सम्पर्क किया तो पता चला कि उनके नाम चेक नम्बर 422098 पर 10 बोरी एनपीके व 20 बोरी यूरिया तथा चेक नम्बर 422099 पर 20 बोरी डीएपी दर्ज है। जिसकी कीमत 20277 रुपये है। 795 रुपये का ब्याज शामिल करके उन्हें नोटिस भेजा गया है। कृषक सुंदर सिंह का कहना है कि वह तत्कालीन सचिव सुशील कुमार मिश्रा से मिला तो उन्होंने गबन को स्वीकारा और पैसा देने की बात की लेकिन अब टाल मटोल कर रहे हैं। इसी तरह निघोना के राजेन्द्र सिंह के खाते से रकम निकाल कर चपत लगाई गई।

कई और भी मामले रू जमुका किसान साधन सहकारी समित के सचिव रामकृष्ण सक्सेना ने बताया कि इसी तरह की तमाम शिकायतों की वजह से ही बोर्ड ने 18 मई की बैठक में सचिव सुशील मिश्रा को निलंबित कर दिया। चेकों से अधिक खाद निकाल कर किसानों को चपत लगाने के कई और भी मामले हैं, लेकिन एक को छोड़ किसी किसान ने लिखित शिकायत नहीं की।

जांच कराकर दिलाएंगे न्याय रू सहायक निबंधक सहकारी समितियां हरिश्चंद्र मिश्रा ने किसानों को न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि चेक से धनराशि तभी निकालना संभव है जब किसान के हस्ताक्षर हों। लेकिन फिर भी ऐसे मामलों के निस्तारण की एक विधिक प्रक्रिया है। जांच के बाद मामले को आर्बिटेशन में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी, दोषी पाये जाने पर कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भट्टा पारसौल में किसान महापंचायत के लिए गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन द्वारा अनुमति न देने संबंधी कांग्रेस का बयान तथ्यों से परे

Posted on 03 July 2011 by admin

  • भट्टा पारसौल वासी अपने क्षेत्र में राजनैतिक हस्तक्षेप नहीं चाहते
  • जिला प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी के अनुरोध पर रामलीला मैदान में किसान महापंचायत के आयोजन की अनुमति दी

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी श्री हृदयेश कुमार ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भट्टा पारसौल में किसान महापंचायत आयोजित किये जाने के लिए जिला प्रशासन गौतमबुद्ध नगर द्वारा अनुमति न दिये जाने संबंधी बयान को पूरी तरह से तथ्यों से परे बताते हुए कहा है कि ग्राम भट्टा पारसौल के निवासी इन गांवों के नाम पर कोई राजनीति नहीं चाहते।

जिलाधिकारी ने आज यहां बताया कि भट्टा पारसौल एवं आस-पास के गांवों के लोगों ने 02 जून, 2011 को लिखे गये एक पत्र के माध्यम से यह अनुरोध किया था कि इन गांवों के नाम पर कोई राजनीति न की जाये। वहां के ग्राम प्रधान एवं निवासी अपने गांव के साथ-साथ आस-पास के सभी गांवों में शान्तिपूर्ण माहौल तथा सामाजिक समरसता बनाये रखना चाहते हैं।

कांग्रेस पार्टी को भट्टा पारसौल में किसान महापंचायत के लिए अनुमति दिये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि  29 जून, 2011 को जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर द्वारा भट्टा पारसौल अथवा जेवर ब्लाक में प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत आयोजित करने हेतु अनुमति दिए जाने विषयक पत्र जिला प्रशासन को प्राप्त हुआ था। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी के जनपद अध्यक्ष को अवगत कराया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में विशिष्ट महानुभावों एवं जनता के भाग लेने की सम्भावना है। चंूकि इस रिमोट एरिया में अति विशिष्ट एवं विशिष्ट महानुभावों का बड़ी संख्या में पहले कभी आगमन नहीं हुआ है, जिसके दृष्टिगत महापंचायत में आने वाले अतिविशिष्ट एवं विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा एवं भीड़ के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में जिला प्रशासन को कठिनाई होती। इसके अलावा विशिष्ट महानुभावों के आगमन के दौरान उनके जीवन भय के स्तर को देखते हुए सुरक्षा प्रबन्ध एवं अपरिहार्य स्थिति में चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में काफी कठिनाई होती।    इसे दृष्टिगत रखते हुए गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं से यह अनुरोध किया था कि गौतमबुद्ध नगर जिले के किसी उपयुक्त स्थान पर यदि वे किसान महापंचायत करने की अनुमति मांगे तो उस पर नियमानुसार विचार किया जायेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुनः कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष द्वारा 30 जून, 2011 को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जेवर ब्लाक में कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति मांगी गयी। इसके पश्चात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जिलाधिकारी को 02 जुलाई, 2011 को पत्र लिखकर गौतमबुद्ध नगर के भट्टा-पारसौल, जेवर, दनकौर, बिलासपुर एवं दादरी में से किसी एक जगह किसान महापंचायत करने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गयी थी। इस पर जिला प्रशासन द्वारा विचार किया ही जा रहा था कि तभी उनकी ओर से 02 जुलाई, 2011 को ही जिलाधिकारी को एक अन्य पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें  कांग्रेस पार्टी ने नोएडा के सिटी सेन्टर अथवा रामलीला मैदान नोएडा स्टेडियम में किसान महापंचायत आयोजित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया। जिला प्रशासन ने सम्यक विचारोपरान्त रामलीला मैदान में 09 जुलाई, 2011 को किसान महापंचायत करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

श्री कुमार ने बताया कि प्रस्तावित किसान महापंचायत के आयोजन स्थल को लेकर कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा समय-समय पर पत्रों के माध्यम से आयोजन स्थल में बदलाव किया जाता रहा, जिसकी वजह से भ्रम की स्थिति बनी रही। ऐसा प्रतीत होता है कि किसान महापंचायत के आयोजन स्थल के सम्बन्ध में कांग्रेस के पदाधिकारी यह स्वयं तय नहीं कर पा रहे थे कि कार्यक्रम को किस स्थान पर आयोजित किया जाय। उन्होंनेे बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कांग्रेस पार्टी को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि यदि वे किसी उपयुक्त स्थान पर किसान महापंचायत के आयोजन की अनुमति का अनुरोध करेंगे तो उस पर सम्यक विचारोपरान्त निर्णय लिया जायेगा। चंूकि कांग्रेस पार्टी द्वारा सिटी सेन्टर/ रामलीला मैदान नोएडा स्टेडियम में किसान महापंचायत की अनुमति मांगी गयी थी, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने इस अनुरोध पर सम्यक विचारोपरान्त रामलीला मैदान में अविलम्ब किसान महापंचायत के आयोजन की स्वीकृति दे दी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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