Categorized | राज्य

सपा व बसपा,जनता को मूर्ख बनाने के लिये ही विरोध-प्रदर्शन का नाटक कर रहे हैं - दीक्षित

Posted on 30 June 2010 by admin

लखनऊ - भारतीय जनता पार्टी ने पेट्रो पदार्थो की मूल्यवृद्धि व महंगाई के लिये कांग्रेस, सपा व बसपा को मुख्य अभियुक्त ठहराया है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने आज बुधवार को कहा कि मूल्यवृद्धि और महंगाई की कुख्यात हिस्ट्रीशीटर केन्द्र की कांग्रेसी सरकार को सपा व बसपा का खुला समर्थन है। दोनो ने महंगाई के समर्थन में लोकसभा में केन्द्र सरकार का साथ दिया है। सपा और बसपा भी पेट्रो पदार्थो की मूल्यवृद्धि व भारी महंगाई के पाप में बराबर के भागीदार हैं। लेकिन दोनो जनता को मूर्ख बनाने के लिये ही विरोध-प्रदर्शन का नाटक कर रहे हैं। सपा, बसपा को चाहिए कि पहले महंगाई बढ़ाऊ केन्द्र सरकार से समर्थन की वापसी करें और तब ईमानदारी से आम जनता के बीच आन्दोलन करें।

श्री दीक्षित ने कहा कि भाजपा केन्द्र की सभी जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध संसद और सड़क पर खुलकर विरोध करती है। पार्टी ने राज्य के सभी जिला केन्द्रों, महानगरों में व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया है। अब प्रत्येक गांव व वार्ड स्तर तक का विरोध-प्रदर्शन कल 1 जुलाई से शुरू होगा। स्थानीय स्तर का विरोध प्रदर्शन 1 से 3 जुलाई तक चलेगा। 4 जुलाई को पार्टी द्वारा लखनऊ में आयोजित महंगाई विरोधी सभा को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गढकरी सम्बोधित करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। लखनऊ हवाई अड्डे से कार्यक्रम स्थल तक उनका स्वागत होगा। वे सायं 4.30 बजे निरालानगर में आयोजित महंगाई विरोधी सभा में पेट्रो पदार्थो की मूल्यवृद्धि और महंगाई पर भाषण देंगे।

श्री दीक्षित ने कहा कि भाजपा लोकसभा में भी सरकार को घेरेगी। पार्टी महंगाई को लेकर लोकसभा में सरकार को घेर चुकी है। लेकिन सपा, बसपा ने केन्द्र का साथ दिया है। श्री दीक्षित ने बसपा प्रमुख मुख्यमन्त्री मायावती तथा सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमन्त्री मुलायम सिंह से पूछा कि क्या वे पेट्रो पदार्थो की मूल्यवृद्धि के विरूद्ध लोकसभा में केन्द्र सरकार के खिलाफ मतदान करने को तैयार हैं ? यदि नहीं तो सदन में समर्थन और सड़क पर विरोध प्रदर्शन की नौटंकी का मतलब क्या है ?

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in