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चिमनी गिरने के मामले में उर्जा मन्त्री व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमें के लिए कोर्ट की शरण

Posted on 04 June 2010 by admin

विगत रोज पारीछा थर्मल पावर प्लांट में चिमनी गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी तथा शासन को करोडों रूपयें की हानि हुई थी। इस प्रकरण में उ,प्र, कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव भानु सहाय ने प्रदेश के उर्जा मन्त्री समेत अन्य विद्युत अधिकारियों के विरूद्व कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर न्यायालय की शरण ली है।
कांग्रेसी नेता भानु सहाय ने जुडिशियल मजिस्ट़ेट कक्ष संख्या-12 के न्यायालय में धारा 156 - 3 के तहत दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि चिमनी गिरने के बाद शासन की ओर से मात्र निर्माण कम्पनी के विरूद्व एफ,आई,आर दर्ज कराई गई है। जबकि प्रदेश के उर्जा मन्त्री समेत अन्य विद्युत अधिकारियों के विरूद्व कोई कार्यवाही नही की गई। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि चिमनी गिरने से शासन को न केवल करोडों रूपयें की हानि हुई, बल्कि उक्त विद्युत परियोजना कई वर्ष पीछे अधर में लटक गई है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वादी ने प्रदेश के उर्जा मन्त्री समेत अन्य के विरूद्व कार्यवाही के सम्बन्ध में झांसी के एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था, किन्तु कोई कार्यवाही नही की गई। इस पर वादी ने न्यायालय की शरण ली। प्रार्थना पत्र में उसने प्रदेश के उर्जा मन्त्री रामवीर उपाध्याय समेत अधिशाशी अभियन्ता जीपी श्रीवास्तव, सहायक अभियन्ता ओमप्रकाश भाटिया, हेमचन्द्र जैन, अवर अभियन्ता भीमसेन शुक्ल , आर,एस, गुप्ता व आरपी चौपडा के विरूद्व धारा 304ए,227,337,336 ता,हि, व धारा-7 प्रेवेन्शन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 धारा-3, प्रेवेन्शन ऑफ डेमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट के तहत एफआईआर कराए जाने की मांग की है। न्यायालय ने वादी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद पुन: सुनवाई के लिए 8जून की तिथि नियत की है।

Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
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Ph-09415060119

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