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मुठभेड़ के दौरान पुलिस की पकड़ में आए नकली नोटों के व्यापारी

Posted on 04 May 2010 by admin

लेन-देन विवाद होने के कारण फंस गए जाल में

चित्रकूट -   नकली नोटों का व्यापार करने वालों में लेन-देन करते समय आपस में झगड़ा हो गया। उनको आपस में झगड़ता देख आस-पास मौजूद लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और युवकों की बीच हुई मुठभेड़ में तीन को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उनके कब्जे से 32 बोर का देशी रिवाल्वर व एक 315 बोर का तमंचा भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार लोगों में से दो का तो लंबा आपराधिक इतिहास भी पुलिस द्वारा बताया जा रहा है। जिसमें हत्या, अपहरण समेत कई गम्भीर मामले दोनों के विरुद्ध विभिन्न जनपदों में चल रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की दोपहर सीतापुर कस्बे के रामघाट के नजदीक स्थित पितृ स्मृति विश्राम गृह के दो नवयुवक एक अधेड़ व्यक्ति के ऊपर असलहा तान दो लाख रुपये साथी से मंगाने की बात कह रहे थे। इसी बीच किसी ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक बीरबहादुर सिंह को दे दी। उन्होंने तत्काल चौकी प्रभारी सीतापुर इन्द्रपाल बुन्देला को मौके पर भेजा। पुलिस कर्मी तीन पार्टियां बनाकर कुछ ही देर में रामघाट पहुंच गए और युवकों को घेरने का प्रयास करने लगे। पुलिस को आता देख युवकों ने पुलिस पार्टी पर फायर करना शुरू कर दिया। जिसका बचाव करते हुए कुछ ही देर बाद दोनों नवयुवकों समेत अधेड़ को चौकी के सिपाही सन्तोष ओझा, सीताराम, चन्द्रमा तिवारी, भानु प्रताप व रामध्वज ने पकड़ने में सफलता पाई। पुलिस ने पकड़े गए दोनो नवयुवकों में से एक पास से 32 बोर का देशी रिवाल्वर व दूसरे के पास 315 बोर का तमंचा भी बरामद करते हुए सीतापुर पुलिस चौकी लाए। जहां उनकी पहचान शातिर अपराधी उमाकान्त पाण्डेय पुत्र श्यामसुन्दर निवासी रसिन व शैलेन्द्र उर्फ बउवा पुत्र जगपाल अलीगंज बान्दा के रूप में हुई। जिसमें उमाकान्त ने बताया कि उसकी कौशांबी निवासी राजेश तिवारी से दो लाख नकली नोट के बदले एक लाख के असली नोट देने का वायदा हुआ था। उसी का लेन-देन करने के लिए वे लोग रामघाट पहुंचे थे। जहां वह पहले से तय रणनीति के अनुसार अपने साथी शैलेन्द्र उर्फ बउवा को भी लिवा लाया था। जो दो लाख रुपये नकली नोट मिलते ही राजेश तिवारी व उसके आने वाले साथी को गोली मार रुपये लेकर रफूचक्कर हो जाता। उसने बताया कि लेकिन जब राजेश उसे अकेले मिला तो उसने नोट मांगे। इस पर राजेश ने उससे असली नोट दिखाने की बात कही उस वक्त तक राजेश का साथी कहीं नज़र नहीं आ रहा था। इसी बीच शैलेन्द्र उर्फ बउवा ने रिवाल्वर निकाल राजेश की कनपटी पर सटा दिया और फोन कर उससे अपने साथी को नकली नोटों के साथ बुलाने के लिए कहा। इसी बीच वे लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए और नकली नोट लेकर आया राजेश का अज्ञात साथी मौके से भागने में सफल रहा।  वहीं कोतवाली प्रभारी सीडी गौड़ ने बताया कि उमाकान्त शातिर अपराधी है उसके ऊपर अपहरण समेत लूट के कई मामले दर्ज हैं और उसकी तलाश में पुलिस काफी समय से जुटी हुई थी। उन्होंने बताया कि शैलेन्द्र उर्फ बउवा बान्दा जिले का चर्चित अपराधी है। इसके खिलाफ भी दो दर्जन से अधिक मामले जनपद समेत विभिन्न थानों में चल रहे हैं। जिसमें बान्दा जिले का चर्चित दोहरा हत्याकाण्ड  समेत बियर दुकान चलाने वाले युवक की नृशंसता पूर्वक हत्या का मामला शामिल है।

उन्होंने कहा कि काफी समय से यह जनपद चित्रकूट के आस-पास ही रहकर घटनाओं को अंजाम दे रहा था और उसकी व उमाकान्त की दोस्ती जेल में उस समय हुई थी जब दोनों अलग-अलग मामलों में बन्द थे। वहीं श्री गौड़ ने बताया कि राजेश तिवारी का आपराधिक रिकार्ड वे पड़ोसी जनपद कौशांबी से मंगवा रहे हैं ताकि इसके द्वारा किए गए दूसरे अपराधों की जानकारी हो सके। दूसरी ओर रामघाट में दोपहर के समय हुए इस मामले से लोगों में दहशत फैल गई कि नकली नोटों के कारोबारी यहां भी अपनी पैठ जमाने लगे हैं जिसमें लेन-देन के चक्कर में ही यह तीनों व्यक्ति पुलिस से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ 307, 12/14 आदि धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

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