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राज्य सरकार के अधिकारियों/कर्मचारियों की वाषिZक स्थानान्तरण नीति जारी

Posted on 22 April 2010 by admin

इस वर्ष किसी भी संवर्ग में किसी भी श्रेणी के कार्मिकों के स्थानान्तरण नहीं होंगे

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में विगत दिवस सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों की वाषिZक स्थानान्तरण नीति को मन्जूरी प्रदान कर दी गई। नई स्थानान्तरण नीति के अनुसार सत्र 2010-11 में किसी भी संवर्ग में किसी भी श्रेणी के कार्मिकों का स्थानान्तरण नहीं किया जायेगा।

इस सम्बंध में मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता की ओर से समस्त प्रमुख सचिवों/सचिवों को भेजे गये शासनादेश में कहा गया है कि पदोन्नति, सेवा समाप्ति, सेवा निवृत्ति एवं मा0 न्यायालयों के आदेशों के प्रभाव से वांछित स्थितियों में स्थान रिक्त होने पर तैनाती की कार्यवाही विभागीय मन्त्री के माध्यम से मुख्यमन्त्री जी के पूर्वानुमोदन प्राप्त कर की जा सकेगी। अपरिहार्य परिस्थितियों, ज्ैासे-चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा, प्रशासनिक कारणों आदि के आधार पर आवश्यक स्थानानतरण विभागीय मन्त्री के माध्यम से मुख्य मन्त्री के पूर्वानुमोदन प्राप्त कर किये जा सकेंगे।

शासनादेश में कहा गया है कि इस स्थानान्तरण नीति के प्राविधान सार्वजनिक निगमों/उपक्रमों आदि पर पूरी तरह लागू होंगें। पुलिस विभाग की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए इस स्थानान्तरण नीति से पुलिस विभाग को मुक्त रखा गया है। अपरिहार्य परिस्थितियों में जिले के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान तथा जिले के अन्दर एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानानतरण किये जा सकेंगें। इसके अलावा जनहित में मुख्यमन्त्री द्वारा कभी भी किसी भी कार्मिक को स्थानान्तरित किये जाने के आदेश दिये जा सकते हेैं।

मुख्य सचिव ने स्थानान्तरण नीति सम्बंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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