वर्ष 2007 से पत्रकार शलभ भदौरिया, विष्णु वर्मा पर धारा 120 बी,420, 467, 468, 471 भादवि में मामला ई.ओ.डब्ल्यू. में पंजीबद्ध प्रकरण मु य न्यायायिक दण्डाधिकारी हेतु तैयार दबाव से रूका है।

Posted on 21 April 2010 by admin

जानकारी के अनुसार राज्य आर्थिक अनवेषण ब्यूरो भोपाल में प्रकरण क्रमांक 0भ्/06
पंजीयन दिनांक 23.2.06 को हुआ। प्रकरण का घटना स्थल पत्रकार भवन है। प्रकरण में
फरियादी गुलाबसिंह राजपूत थाना प्रभारी रा.आ.अप. अन्वेषण ब्यूरो भोपाल है जिसमें
सन्देही/आरोपी शलभ भदौरिया एवं विष्णु वर्मा विद्रोही है जिसकी विवेचना 30.10.2007
को पूर्व कर पुलिस अधीक्षक सुधीर लाड़ ब्यूरो इकाई भोपाल ने की।  ब्यूरो में
पंजीबद्ध प्रकरण में श्रमजीवी पत्रकार मासिक पत्र का आर.एन.आई. प्रमाण पत्र क्र.
3276/72 दिनांक 12.8.72 दिया वह स्पूतनिक तेलगू पाक्षिक राजमून्दरी आंध्र प्रदेश का
पाया गया।

उक्त  प्रमाण फर्जी पत्र के आधार पर शलभ भदौरिया एवं विष्णु वर्मा विद्रोही ने
डाक पंजीयन कराकर जनवरी 2003 से अगस्त 2003 तक 34.7भ्भ् रु. का अवैध रूप से आर्थिक
लाभ लिया। बुक पोस्ट की दरों में वृद्धि के कारण राशि 1,4062भ् हुई। अतज् प्रथम 
दृष्टा अन्तर्गत धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 भादवि का दण्डनीय पाये जाने से
प्रकरण पंजीबद्ध किया। पत्र के संबन्द्ध में विष्णु वर्मा ने जानकारी दी कि
श्रमजीवी पत्रकार की 4भ्00 प्रतियां प्रतिमाह सदस्यों को भेजी जाती है। झूठे प्रमाण
पत्र के आधार पर आरोपी शलभ भदौरिया एवं विष्णु वर्मा द्वारा सांठगांठ कर कूट रचना
की। जप्त दस्तावेजों के आधार एवं शलभ भदौरिया एवं विष्णु वर्मा के द्वारा दिये
दस्तावेज एवं मौखिक साक्ष्य के आधार पर आरोप पूर्ण रूप से सत्य पाये।

जनस पर्क विभाग की सक्रियता एवं नियमों का पालन करने के कारण विभाग ने समस्त
समाचार पत्र पत्रिकाओं मासिक एवं साप्ताहिक को विज्ञापन नीति के परिपालन के लिये
आर.एन.आई. प्रमाण पत्र मांगे तब श्रमजीवी पत्रकार मासिक पत्र के प्रमाण पत्र की
प्रति विष्णु वर्मा द्वारा दी गई 1भ्.भ्.2002 को जांच में पाया गया कि वर्ष 1999 से
2003 तक श्रमजीवी पत्रकार समाचार पत्र के प्रधान संपादक शलभ भदौरिया थे तथा इनके
द्वारा कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल, प्रवर अधीक्षक डाक घर ाोपाल
में भी शलभ भदौरिया द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज प्रस्तुत किये। फर्जी प्रमाण पत्र
के आधार पर आर्थिक लाभ प्राप्त कर भारत शासन के साथ धोखाधड़ी कर शासन को 1,74970
रुपये की आर्थिक क्षति की।

मामला स पूर्ण दस्तावेजों एवं जांच रिपोर्ट के बाद महानिदेशक आर्थिक अपराध
अन्वेषण ब्यूरो को वर्ष 2007 में भेजा जा चुका है जिसे माननीय मु य न्यायायिक
दण्डाधिकारी महोदय जिला भोपाल में प्रस्तुत करना
है।                                          -

राधावल्लभ शारदा
प्रदेश  अध्यक्ष वकिZग जर्नलिस्ट यूनियन

–
Vikas Sharma
bundelkhandlive.com
E-mail
:editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

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