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डाइक्लोफिनेक औशधि व इसके फामुलेशन का पशुओं पर उपयोग, निर्माण एवं विक्रय पर विधिक कार्यवाही करने के निर्देश

Posted on 01 April 2010 by admin

औशधि का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमों के तहत कठोरतम कार्यवाही की जाय

उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपदों में तैनात औशधि निरीक्षकों को निर्देश दिये हैं कि वे “डाइक्लोफिनेक´´ औशधि तथा इसके फामुZलेशन का पशुओं के ऊपर प्रयोग से बचाने हेतु कठोर कार्यवाही सुनििश्चत करें। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय ने डाइक्लोफिनेक औशधि तथा इसके फामुZलेशन का पशुओं के ऊपर उपयोग हेतु पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है जिसके क्रम में राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। यह कार्यवाही मृत पशुओं में औशधि डाइक्लोफिनक अथवा इसके फामुZलेशन के कुप्रभाव जिसमें विशेशकर पक्षियों की कुछ प्रजातियों जैसे गिद्ध, चील आदि को ऐसे पशुओं को मांस खाने से उनकी मृत्यु हो जाने की उच्च सम्भावना के परिप्रेक्ष्य मेें की गई है।

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं औशधि प्रसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री दुगाZ शंकर मिश्र ने इस प्रतिबन्ध का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी खाद्य एवं औशधि निरीक्षकों को निर्देिशत किया कि डाइक्लोफिनेक व इसके फामुZलेशन का पशुओं पर उपयोग करने वालों पर कड़ी नज़र रखी जाय। उन्होंने बताया कि इस औशधि व इसके फामुZलेशन (पशुओं के उपयोग हेतु) यदि किसी दवा विक्रेता के यहां मिले अथवा किसी निर्माणशाला में निर्माण होते पायी जाये, तो इस औशधि को तत्काल सीज कर दिया जाये।
श्री मिश्र ने बताया कि इस औशधि का इस्तेमाल करने वाले दोशी व्यक्तियों के विरूद्ध औशधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अधीन कठोरतम विधिक कार्यवाही भी सुनििश्चत की जाये। उन्होंने कहा कि औशधि एवं प्रसाधन अधिनियम की धारा-26ए के उल्लंघन में धारा-28बी के अन्तर्गत अधिकतम तीन वशZ का कारावास एवं रू0 पांच हजार के जुर्माने का प्राविधान है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि इस औशधि नियन्त्रण से पशुओं, विशेशकर पक्षियों जैसे-गिद्ध, चील आदि की घटती संख्या पर रोक लगेगी और इसका सीधा लाभ पर्यावरण को मिलेगा। उन्होंने कहा कि डाइक्लोफिनेक औशधि नान स्टीरायडल इन्टी इन्फलामेटरी श्रेेणी की औशधि है तथा मानव उपयोग हेतु इसके निर्माण, विक्रय पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है। यह औशधि िशड्यूल-एच के अन्तर्गत आती है तथा केवल पंजीकृत चिकित्सकों के पर्चे पर ही इस औशधि की बिक्री की जाती है। इसलिये सभी औशधि निरीक्षकों को इस औशधि व इसके फामुZलेशन का विक्रय निर्धारित प्रक्रिया के अन्तर्गत सुनििश्चत करने के निर्देश दिये गये हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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