Categorized | लखनऊ.

आजीविका मिशन के तहत महिला समूहों के उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए गांवों में केन्द्र खोले जायेंगे-डा0 महेन्द्र सिंह

Posted on 20 February 2019 by admin

सरस महोत्सव में ग्राम्य विकास मंत्री ने 5 महिलाओं को आजीविका एक्सप्रेस
की चाबी सौंपी
सुरेन्द्र अग्निहोत्री,लखनऊ: दिनांक: 20 फरवरी, 2019
mahendra-singh-up
उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री ग्राम्य विकास (स्वतंत्र प्रभार) तथा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा0 महेन्द्र सिंह ने कहा है कि
ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार
उपलब्ध कराने तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए गांव स्तर पर केन्द्र
बनाये जायेंगे और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए सहयोग प्रदान
किया जायेगा। उन्होंने कहा कि महिला समूहों द्वारा उत्पादों की बेहतर
ब्राण्डिग के माध्यम से हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी के लिए
प्रयास किया जायेगा।
राज्यमंत्री आज ग्राम विकास विभाग की ओर से नदवा रोड स्थित झूलेलाल पार्क
में आयोजित सरस महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह महोत्सव 14
फरवरी से शुरू होकर 23 फरवरी तक चलेगा। इस मेले में दूरदराज के ग्रामीण
अंचलों की भारी संख्या में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं भाग ले रही
हैं तथा 175 स्टालों के माध्यम से पूरे देशभर से आये उद्यमियों के
उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।
डा0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को यह सरस
मेला बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही महिलाओं
के उत्पादों को लोकप्रिय बनाने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि समूह
से समृद्ध की ओर का संकल्प महिलाओं में नया आत्मविश्वास पैदा करने के साथ
ही उन्हें कमाने का अच्छा अवसर प्रदान करेगा।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि घर को चलाने में महिलाओं की अह्म भूमिका
होती है। गृहस्थी को चलाने के साथ ही आजीविका मिशन उनको घर बैठे एक बेहतर
आमदनी का जरिया उपलब्ध कराने का माध्यम है। महिलाओं की आमदनी बढ़ने से
उनमें आत्म विश्वास के साथ ही कुछ नया करने का जज़्बा भी पैदा होता है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ
ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के
साथ ही उनके जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहा है। वह अपने परिवार की
देखभाल अच्छे ढंग से करने के साथ ही बच्चों की शिक्षा-दीक्षा तथा एक
अच्छा जीवन देने में सफल हो रही है।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी योजना ‘‘बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ’’, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, सौभाग्य योजना आदि के माध्यम
से सर्वाधिक महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। आजीविका मिशन के तहत सोलर लैम्प
बनाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही अस्पतालों की कैन्टीन संचालन, स्कूलों
के ड्रेस सिलाई आदि जैसे कार्य से जोड़कर महिलाओं की आमदनी बढ़ायी जा रही
है।
आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के महिलाओं को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं
के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कुम्हारी कला
के अन्तर्गत मोटरचालित चाक से बर्तन बनाने, सोलर चर्खा, लिफाफा बनाना,
सिलाई-कढ़ाई व वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा डेयरी
डेवलपमेन्ट बोर्ड और आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं जोड़कर डेयरी
संचालित करने की योजना बनायी गयी है।
उन्होंने इस मौके पर आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत 5 महिलाओं
को आजीविका एक्सप्रेस वाहन की चाबी सौंपी। इसके अलावा मलिहाबाद, माल एवं
अन्य विकास खण्डों की 9 महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्र भी
वितरित किया। उन्होंने स्टालों पर जाकर हस्तशिल्प के सामानों को देखा और
उत्पादकों से बातचीत की। केरल व राजस्थान के उत्पाद आकर्षण के केन्द्र
रहे।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास आयुक्त श्री एन.पी. सिंह ने मेले के आयोजन तथा
आजीविका मिशन की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने
कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के जीवन में बदलाव बहुत तेजी से आ
रहा है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। कार्यक्रम से पूर्व
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट
का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक आजीविका मिशन, उपायुक्त मनरेगा सहित अन्य
अधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in