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चिकित्सालयों में मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर, एम्बुलेंस की सुविधा सुलभ कराने हेतु प्रवेश द्वार पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करें

Posted on 19 April 2018 by admin

चिकित्सालयों के प्रवेश द्वार से लेकर आॅपरेशन थियेटर तक
सी0सी0टी0वी0 कैमरा स्थापित/क्रियाशील कराये जायें
- सिद्धार्थ नाथ सिंह

जिला चिकित्सालयों की रिवेम्पिंग हेतु यूपीएचएसएसपी
की बैठक सम्पन्न

लखनऊ: 19 अप्रैल, 2018
1प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने निर्देश दिये हैं कि जिला चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर, एम्बुलेंस एवं अन्य आवश्यक सुविधायें सुगमता से सुलभ हो सकें, इसके लिये चिकित्सालयों के प्रवेश द्वार पर दो कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जिला चिकित्सालयों के प्रवेश द्वार से लेकर आॅपरेशन थियेटर तक सी0सी0टी0वी0 कैमरा स्थापित/क्रियाशील कराये जायें।
श्री सिंह आज यहां इन्दिरा नगर स्थित उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना कार्यालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाय। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक जिला अस्पताल में बर्न यूनिट की स्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाय। प्रदेश के चिकित्सालयों में गुणवत्तापरक चिकित्सा राज्य सरकार की प्राथमिकता है एवं सरकार इसके लिए सतत प्रयासरत् है, जिससे जनमानस को बेहतर चिकित्सा सुविधायें सुलभ करायी जा सकें।
बैठक में बताया गया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग परियोजना द्वारा 51 जिला स्तरीय चिकित्सालयों में चिकित्सालय रिवेम्पिंग का कार्य नवम्बर 2017 में प्रारंभ किया गया। इस कार्य का मुख्य उद्देश्य चिकित्सालयों में प्रदान की जा रही सुविधाओं में गुणात्मक सुधार, मरीजों की संतुष्टि, सुरक्षा तथा मानकीकरण है।

इस कार्यक्रम में चिकित्सालयों के पुनरुद्धार के लिए अति आवश्यक संसाधनों, गुणवत्ता आश्वासन, अनुरक्षण एवं पर्यावरण प्रबंधन को दृष्टिगत रखते हुए कुल 109 व्यावहारिक बिन्दुओं को समाहित किया गया है, जिनके आधार पर परियोजना स्तर से इस कार्य हेतु गठित सात टीमें दैनिक आधार पर आच्छादित चिकित्सालयों से कार्यप्रगति का ब्यौरा लेते रहते हैं एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान भी प्रदान करते हैं। इस हेतु 07 टीमें- डॉ अनिल कुमार चैधरी, की अध्यक्षता में रॉयल चैलेंजर, डॉ अजय मिश्र की अध्यक्षता में रेनैस्संस, डॉ शिप्रा पाण्डेय की अध्यक्षता में द अचीवर्स, डॉ ब्रिजेन्द्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में साइलेंट किलर्स, अरुण कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में फीनिक्स, डॉ संतोष कुमार की अध्यक्षता में गल्वनाइजेर्स, तथा डॉ धीरज कुमार तिवारी की अध्यक्षता में वारियर्स कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सालय स्तर पर प्रबंधक द्वारा समन्वय स्थापित किया जाता है। इसके अतिरिक्त परियोजना स्तर से सघन रूप से चिकित्सालयों का भ्रमण किया जा रहा है, ताकि वस्तु-स्थिति का सन्दर्भ लिया जा सके। अभिमुखीकरण एवं कार्य में प्रगति लाने के लिए राज्य स्तर पर कई कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है एवं मंडलीय स्तर पर भी परियोजना के सलाहकार सम्बंधित लोगो को प्रशिक्षण देते रहते हैं। संरचनात्मक सुधार हेतु यूपीएचएसएसपी द्वारा आईआईएचएस बंगलुरु एवं आईएमएस दिल्ली के माध्यम से रिक्तता का आंकलन करवाया जा रहा है जो कि 5० प्रतिशत संपादित हो चुका है, शेष कार्य आगामी एक माह में पूर्ण हो जायेगा, तत्पश्चात यूपीएचएसएसपी द्वारा अनुरक्षण का कार्य करवाया जायेगा, जिसे आगामी दिसम्बर 2018 तक पूर्ण किया जाना है।

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