उपन्यास ‘मदारीपुर जंक्शन’ का मंचन कल

Posted on 24 February 2018 by admin

सुरेन्द्र अग्निहोत्री ,लखनऊ ।बालेन्दु द्विवेदी, संप्रति जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, लखनऊ द्वारा लिखित उपन्यास ‘मदारीपुर जंक्शन’ का मंचन दिनांक 25-02-18 को बाबू बनारसी दास एजूकेशनल ग्रुप, लखनऊ के डाॅ0 अखिलेश दास गुप्ता आॅडिटोरियम में किया जा रहा है। जिसमें मुख्य अतिथि दारा सिंह चैहान कैबिनट मंत्री, उ0प्र0 सरकार तथा अन्य सम्मानित व्यक्ति राज बिसारिया, प्रख्यात रंग निर्देशक, बृजेश शांडिल्य, उदीयमान बालीवुड पाश्र्वगायक, अजीत राय, प्रसिद्ध रंग समीक्षक, शिवमूर्ति, प्रसिद्ध साहित्यकार, सचिन चन्द्र, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, राम मणि त्रिपाठी, प्रसिद्ध रंग अभिनेता एवं निर्देशक तथा श्रीमती आसमा हुसैन, लोकप्रिय फैशन डिज़ायनर आदि अतिथि होंगे।fb_img_1517385831973
नाटक का निर्देशन ‘दि थर्ड बेल’ संस्था के प्रसिद्ध रंगकर्मी और निर्देशक आलोक नायर द्वारा किया जाएगा, सह निर्देशक-अभिषेक मिश्रा, संगीत-ऋतिका अवस्थी, वस्त्र विन्यास-गौरव शर्मा, रूपसज्जा-संजय चैधरी, प्रकाश-सुजाॅय घोषाल तथा प्रस्तुति नियंत्रक-राज सिंह द्वारा किया जाएगा। नाटक के प्रमुख किरदारों को सचिन चंद्रा, राममणि त्रिपाठी, देवेंद्र राजभर,गौरव शर्मा, आशू कपूर, नीतू आनंद, अभिषेक मिश्रा, संध्या शुक्ला, कौस्तुभ पांडे, मनोज पाठक, आकाश श्रीवास्तव आदि द्वारा किया जाएगा। पूर्व में दिनांक 30.01.2018 को इलाहाबाद में भी इस उपन्यास का नाट्य मंचन किया जा चुका है। निर्देशक आलोक नायर ने बताया कि उपन्यास की लोकप्रियता को देखते हुए देश के कई अन्य प्रमुख शहरों में इसे मंचित किये जाने की योजना पर कार्य चल रहा है।fb_img_1517385842935
बालेन्दु द्विवेदी ने बताया कि उपन्यास अपने ग्रामीण कलेवर में कथा के प्रवाह के साथ विविध जाति-धर्मों के ठेकेदारों की चुटकी लेता और चिंगोटी काटता चलता है। वस्तुतः उपन्यास के कथानक के केंद्र में पूर्वी उत्तर प्रदेश का मदारीपुर-जंक्शन नामक एक गाँव है जिसमें एक ओर यदि मदारीमिज़ाज चरित्रों का बोलबाला है तो दूसरी ओर यह समस्त विद्रूपताओं का सम्मिलन-स्थल भी है। इस लिहाज़ से मदारीपुर-जंक्शन अधिकांश में सामाजिक विसंगतियों-विचित्रताओं का जंक्शन है।

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in