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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम एवं जापानीज इंसेफ्लाइटिस के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु बनाई गयी राज्य कार्य योजना-2018 का क्रियान्वयन समय से सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित विभाग द्वारा आगामी 10 फरवरी तक विभागवार कार्य योजना बनाई जाये: मुख्य सचिव

Posted on 01 February 2018 by admin

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम एवं जापानीज इंसेफ्लाइटिस के रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु बनाई गयी विभागवार कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु आगामी 15 दिन में पुनः मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा की जायेगी: राजीव कुमार

जेई एवं एई के रोग से बचाव हेतु आवश्यक कदम समय से उठाने के लिये ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर आम नागरिकों को जागरूक किया जाये: मुख्य सचिव

जेई एवं एई रोग से प्रभावित बच्चों का इलाज समय से नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाये ताकि कोई भी बच्चा इलाज के अभाव में जेई/एई रोग से ग्रसित न होने पाये: राजीव कुमार

नगरीय क्षेत्रों में विशेषकर मलिन बस्तियों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुये शौचालय एवं सोप-किट का निर्माण भी आवश्यकतानुसार कराया जाये: मुख्य सचिव

जेई/एई रोगियों हेतु निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था के लिये
रोगी वाहन सेवा आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया जाये: राजीव कुमार

सभी संवेदनशील ग्रामों में स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत ग्रामों में प्रत्येक मकान में शौचालय का निर्माण कराकर ग्रामवासियों को खुले में शौच से मुक्त कराया जाये: मुख्य सचिव

ग्राम स्तर पर गठित विलेज हेल्थ सेनीटेशन न्यूट्रिशन कमेटी के माध्यम से एईएस
एवं जेई के रोकथाम हेतु ‘‘क्या करें-क्या न करें’’ का सघन प्रचार-प्रसार
सुनिश्चित कराकर ग्रामवासियों को जागरूक किया जाये: राजीव कुमार

लखनऊ: 01 फरवरी, 2018

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम एवं जापानीज इंसेफ्लाइटिस के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु बनाई गयी राज्य कार्य योजना-2018 का क्रियान्वयन समय से सुनिश्चित कराने हेतु सम्बन्धित विभाग आगामी 10 फरवरी तक विभागवार कार्य योजना बनाई जाये। उन्होंने कहा कि एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम एवं जापानीज इंसेफ्लाइटिस के रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु बनाई गयी विभागवार कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु आगामी 15 दिन में पुनः मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जेई एवं एई के रोग से बचाव हेतु आवश्यक कदम समय से उठाने के लिये ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर आम नागरिकों को जागरूक किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि प्रस्तावित राज्य कार्य येाजना के अनुसार आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित नर्सों की नियुक्तियां नियमानुसार कराने के साथ-साथ चिकित्सकीय स्टाफ को आवश्यकतानुसार समय से प्रशिक्षण दिलाया जाये। उन्होंने कहा कि जेई एवं एई रोग से प्रभावित बच्चों को इलाज समय से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाये ताकि कोई भी बच्चा इलाज के अभाव में जेई/एई रोग से ग्रसित न होने पाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में जापानी इन्सेफ्लाइटिस (जे.ई) एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम (ए.ई.एस) रोग के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने नगर विकास विभाग को निर्देश दिये कि नगरीय क्षेत्रों में विशेषकर मलिन बस्तियों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराते हुये शौचालय एवं सोप-किट का निर्माण भी आवश्यकतानुसार करायें। उन्होंने कहा कि किसी भी नगरीय क्षेत्र में कतई नालियां खुली न रहने पाने के लिये खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में समय-समय पर फाॅगिंग कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जेई/एई रोगियों हेतु निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था के लिये रोगी वाहन सेवा आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने एई/जेई रोगियों के प्रबन्धन हेतु स्वास्थ्य कर्मियों का दक्षता संवर्द्धन कराये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एईएस एवं जेई रोकथाम एवं निंयत्रण गतिविधियों हेतु राज्य, जनपद, ब्लाॅक तथा पंचायत तथा ग्राम स्थलों पर विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय हेतु नोडल विभाग का कार्य करेगा।
श्री राजीव कुमार ने यह भी निर्देश दिये कि संवेदनशील ग्रामों में सभी बच्चों को जेई एवं एई के टीके से आच्छादन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष अभियान चलाया जाये। उन्होंने सभी संवेदनशील ग्रामों में स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत ग्रामों में प्रत्येक मकान में शौचालय का निर्माण कराकर ग्रामवासियों को खुले में शौच से मुक्त कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जलाश्य एवं नालियों की नियमित सफाई कराते हुये निकटतम उद्योग इकाई से प्रदूषण मुक्त कराने के उपाय सुनिश्चित कराये जायें। उन्होंने कहा कि जल निकासी एवं साफ-सफाई, वाटर सील शौचालयों की आवश्यकता ग्राम स्तर पर कचरा निस्तारण एवं प्रबन्धन की व्यवस्था विकसित कराई जाये। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सफाई, हाथ धोना, शौचालय की सफाई, घर से जल निकासी हेतु जन-जागरण अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिये कि ग्राम स्तर पर गठित विलेज हेल्थ सेनीटेशन न्यूट्रिशन कमेटी का दायित्व होगा कि ग्राम स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं एवं उपायों हेतु निरन्तर निगरानी रखकर आवश्यक कार्यवाहियां समय से सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि गठित यह समितियां एईएस एवं जेई की रोकथाम के लिये ब्लाॅक स्तर पर बीडीसी की त्रैमासिक बैठकों में भाग लेकर आवश्यक कार्यवाहियों हेतु विशेष प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर गठित विलेज हेल्थ सेनीटेशन न्यूट्रिशन कमेटी के माध्यम से एईएस एवं जेई के रोकथाम हेतु ‘‘क्या करें-क्या न करें’’ का सघन प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराकर ग्रामवासियों को जागरूक किया जाये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज चंचल कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव, सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास श्री अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, पशुपालन श्री सुधीर एम0बोबड़े सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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