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-तीन तलाक पर विधेयक मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए - डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

Posted on 25 December 2017 by admin

-तीन तलाक का प्रविधान शरीयत में नहीं
-मुस्लिम महिलाओं को सम्मान के साथ जीवन जीने का हक
लखनऊ 25 दिसम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी ने आज कहा कि तीन तलाक विधेयक को लेकर मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड वर्षो से तीन तलाक के कारण पीड़ित और प्रताड़ित भारतीय मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ हुए अन्याय का प्रायश्चित करे तथा महिला अधिकारों के सम्मान, महिला अधिकारों की सुरक्षा तथा महिलाओं की मर्यादा का सम्मान करते हुए विधेयक के समर्थन में आगे आए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि अनेक मुस्लिम धर्म के अनुयायी देश है जहां तीन तलाक का निषेध है उन्होंने कहा कि भारत में भी मुस्लिम महिलाओं को सम्मान और मर्यादा के साथ जीवन जीने का हक है।
डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व की पहल का ही नतीजा है कि सैंकडों वर्षो से भारत में तीन तलाक का दंश झेल रही मुस्लिम समाज की महिलाएं भी अब इस कुरीति के खिलाफ संघर्ष के लिए आगे आ रही है। उन्होंने कहा मुस्लिम समाज से अनेक शिक्षित तथा जागरूक महिलाओं ने खुलकर सरकार द्वारा तीन तलाक पर लाए जा रहे विधेयक और उसमें किए गए सजा के प्राविधान को आवश्यक बताया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड द्वारा तीन तलाक से सम्बधित विधेयक को शरीयत तथा संविधान की मौलिक अधिकारों से जोड़ा जाना गलत है। डाॅ0 पाण्डेय ने यह भी कहा कि तीन तलाक का प्राविधान शरीयत में नहीं है तथा यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि करोड़ों की संख्या में भारत में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग समाज में व्याप्त इस कुरीति के सख्त खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अनेक पढे़ लिखे जागरूक मुस्लिम समाज के लोगों ने विधेयक का मुखर होकर समर्थन किया है। डाॅ0 पाण्डेय ने कहा कि फतवा जैसे कुरीति के डर से मुस्लिम समाज से बडी संख्या में लोंगो की मौन समर्थन हैं उन्होंने कहा कि हम उन सब लांेगो का स्वागत करते है जो आधी आबादी के प्रति हो रहे अन्याय के खिलाफ विधेयक के समर्थन में है।

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