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मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश

Posted on 19 November 2017 by admin

मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ का प्रान्तीय अधिवेशन 30-31 दिसम्बर को होगा
प्रदेश में एएनएम के 40 प्रतिशत पद रिक्त,दोहरा काम कर रही एएनएम
pic-5लखनऊ,19 नवम्बर 2017। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक 19 नवम्बर को राजधानी के डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोनिवि प्रेक्षागृह सम्पन्न हुई। इस बैठक में संघ के प्रान्तीय अधिवेशन/ चुनाव की तिथि 30-31 दिसम्बर 17 घोषित की गई। बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष मणीनायर ने बताया कि बैठक में समस्त जनपदों की अध्यक्ष एवं मंत्रियों ने अधिवेशन के उपरान्त वृहद आन्दोलन का निर्णय लिया है। बैठक में इस बात पर विशेष चिन्ता जताई गई है कि प्रदेश में लगभग हर जनपद में 40 प्रतिशत एएनएम के पद रिक्त है परिणाम स्वरूप हर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता से दोहरा काम बिना वाहन के लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जाए रहा हैं। 5000 की जनसंख्या के मानक पर एक स्वास्थ्य कार्यत्रियों को दर किनार कर 10-30 हजार की संख्या पर एक कार्यकत्री से काम लिया जा रहा है। ऐसे में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू कर उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मानक के अनुसार महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों की तैनाती के लिए अतिशीघ्र नई भतियाॅ कराई जानी चाहिए। जबकि महामंत्री श्रीमती रामा यादव ने कहा कि करोड़ों संख्या वाले इस प्रदेश में लगभग 12 हजार की संख्या में ही महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियाॅ तैनात है इसलिए काम का अत्याधिक दबाव है। उन्होंने कहा चार एनएम पर एक स्वास्थ्य निरीक्षक की पदोन्नति का मामला लम्बे अरसे से लम्बित है। शासनादेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर भी संघ कई बार शासन से पत्राचार कर चुका है। बैठक को सम्बोधित करते हुए संरक्षक शोभा शर्मा ने बताया कि नवम्बर 2011 के बाद से तैनात स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला/ पुरूष को 2000 ग्रेड वेतन की जगह 2800 ग्रेड वेतन की मांग को लेकर संघ दर्जनों बार सातवें वेतन आयोग और शासन से पत्राचार कर चुका है। उन्होंने वेतन विसंगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य निरीक्षिकों का वेतन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता का वेतनमान एक सा हो गया है जबकि नियमानुसार पूर्व की भाॅति स्वास्थ्य निरीक्षिकों का वेतनमान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से दो स्तर होना चाहिए। इस पर वेतन आयोग और शासन मौखिक रूप से सहमत है लेकिन अब तक कोई शासनादेश न होने से स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला/ पुरूष भारी नाराजगी है। इस बैठक में सुनीता मण्डल रायबरेली, पुष्पा यादव फरूखाबाद,शकुनतला देवी अलीगढ, प्रभा सिंह आजमगढ़, शकुनतला देवी बनारस, कुसुम सिंह,तारा यादव,रमा भदोरिया सहित समस्त जनपदों की अध्यक्ष मंत्री मौजूद थी।

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