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बुन्देलखण्ड में पेयजल की समस्या को दूर करने हेतु लम्बित पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाये: मुख्य सचिव

Posted on 01 November 2017 by admin

किसी भी गांव में पेयजल की कोई समस्या कतई उत्पन्न न होने पाये, आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्य योजना यथाशीघ्र बनाकर समय से क्रियान्वित कराना सुनिश्चित कराया जाये: राजीव कुमार

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई विभाग की निर्माणाधीन 19 परियोजनाओं में से
लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी 12 परियोजनाओं में से 08 परियोजनाओं
को मार्च, 2018 तथा 04 परियोजनाओं को माह जून, 2018 तक
निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाये: मुख्य सचिव

बुन्देलखण्ड में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु 09 जलाशयों में
आरक्षित जल की मात्रा प्रत्येक दशा में सुनिश्चित हो: राजीव कुमार

244 ग्रामों हेतु निर्माणाधीन 40 ग्रामीण पेयजल योजनाओं में से 19 पेयजल योजनाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही पूर्ण कराकर पेयजल आपूर्ति आरंभ करायें: मुख्य सचिव

मुख्य सचिव द्वारा बुन्देलखण्ड में पेयजल समस्या निस्तारण
हेतु विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक

लखनऊ: 31 अक्टूबर, 2017

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि बुन्देलखण्ड में पेयजल की समस्या को दूर करने हेतु लम्बित पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की निरन्तर माॅनिटरिंग कर पूर्ण कराकर यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाये कि बुन्देलखण्ड के किसी भी गांव में पेयजल की कोई समस्या कतई उत्पन्न न होने पाये। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्य योजना यथाशीघ्र बनाकर समय से क्रियान्वित कराना सुनिश्चित कराया जाये।
श्री राजीव कुमार ने यह भी निर्देश दिये कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई विभाग की निर्माणाधीन 19 परियोजनाओं में से लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी 12 परियोजनाओं में से 08 परियोजनाओं को मार्च, 2018 तथा 04 परियोजनाओं को माह जून, 2018 तक निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था यथाशीघ्र सुनिश्चित करा दी जाये। उन्होंने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जलाशयों की स्थिति की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि बुन्देलखण्ड में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु 09 जलाशयों में आरक्षित जल की मात्रा प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराई जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में बुन्देलखण्ड की पेयजल समस्या निस्तारण हेतु विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने निर्देश दिये कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम एवं अन्य कार्यक्रमों के अन्तर्गत 244 ग्रामों हेतु निर्माणाधीन 40 ग्रामीण पेयजल योजनाओं में से 19 पेयजल योजनाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही पूर्ण कराकर पेयजल आपूर्ति आरंभ कराया जाये।
श्री राजीव कुमार ने निर्देश दिये कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद झांसी के पारीछा, पहूंज, सपरार, बड़वार, जनपद ललितपुर के माताटीला, गोविन्द सागर, जनपद चित्रकूट केे गुण्टा बांध, जनपद महोबा के उर्मिल एवं जनपद हमीरपुर के मौदहा बांध जलाशयों में पेयजल हेतु आरक्षित जल की मात्रा निर्धारित हजार घन मीटर में निरन्तर उपलब्धता अवश्य सुनिश्चित कराई जाये।
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास श्री अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कुल 4504 ग्रामों की वर्तमान आबादी 82 लाख हेतु 153449 इण्डिया मार्का-प्प् हैण्डपम्प अधिष्ठापित हैै। उन्होंने बताया कि सभी ग्रामों को निर्धारित मानक 150 आबादी हेतु 01 हैण्डपम्प के अनुसार, समस्त क्षेत्र इण्डिया मार्का -प्प् हैण्डपम्प से संतृप्त किया जा चुका है तथा इस प्रकार प्रत्येक हैण्डपम्प से 54 व्यक्ति आच्छादित है। उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 07 जनपदों के 1827 ग्रामों की 33 लाख जनसंख्या हेतु 581 पाइप पेयजल योजनाएं अनुरक्षणाधीन हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2017-18 में पेयजल समस्या के त्वरित निस्तारण हेतु 1168 हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन तथा 4755 हैण्डपम्पों की रिबोरिंग का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि संचालित 132 पेयजल योजनाओं को पूर्ण क्षमता के साथ क्रियाशील कराने हेतु प्राप्त धनराशि में से 108 पाइप्ड पेयजल योजनाओं को क्रियाशील करा दिया गया है तथा अवशेष 24 पाइप्ड पेयजल योजनाओं को आगामी मार्च, 2018 तक पूर्ण करा दिया जायेगा।
प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई श्री कुणाल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि लम्बित परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु विभागीय बजट के अतिरिक्त 362.44 करोड़ रूपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि 08 परियोजनाओं-जमरार बांध परियोजना, पहूज बांध पुनरोद्धार परियोजना, पहाड़ी बांध परियोजना, रसिन बांध परियोजना (जनपद-चित्रकूट), लहचूरा बांध के एपर्टीनेन्ट कार्य, गुन्टा बांध के रेस्टोरेशन/रेनोवेशन आॅफ एलाइड वर्क, जाखलौन पम्प कैनाल टाॅप पर 3.42 मेगावाट क्षमता की सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना, जाखलौन पम्प कैनाल पर 2.50 मेगावाट क्षमता की सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना को मार्च, 2018 तक पूर्ण कराने हेतु 137.75 करोड़ रूपये की अतिरिक्त धनराशि तथा 04 परियोजनाओं-प0 दीनदयाल उपाध्याय पथरई बांध परियोजना के पुनर्वास के अवशेष कार्यों की परियोजना, चै0 चरण सिंह लखेरी बांध परियोजना के पुनर्वास के कार्यों की परियोजना, भावनी बांध परियोजना, बण्डई बांध परियोजना को जून, 2018 तक पूर्ण कराने हेतु 224.69 करोड़ रूपये की अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण अभियंत्रण मो0 इफ्तेखारुद्दीन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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