Categorized | लखनऊ.

जाति-पांत की राजनीति तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण मायावती की कार्यशैली- डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

Posted on 20 September 2017 by admin

मेरठ रैली में दिये गए बयान की कड़ी निन्दा
लखनऊ 19 सितम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय आज बसपा सुप्रीमों मायावती के द्वारा कल मेरठ की जनसभा में भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए आरोप को सिरे से खारिज करते हुए उसकी कडे शब्दों में निन्दा की है। तथा कहा कि मायावती के अर्नगल बयान से जनता भ्र्रमित होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस दल के लोगों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की थी उनसे भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बचाने का काम किया था। उस दल के प्रति मायावती जी आज मौन है। उन्होंने कहा भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए काम करने वाला दल है तथा समाज जीवन से लेकर राजनैतिक जीवन में नैतिक मूल्यों की के प्रति  प्रतिबद्ध है।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमों ने जिस तरह से जाति-पांत की राजनीति को तथा भ्रष्टाचार के संरक्षण को अपनी राजनैतिक कार्यशैली बनाई थी उसका सच जनता के सामने है। उनके अनेक सहयोगियों ने दौलत के प्रति उनके मोह का सच भी खुलेआम उजागर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि मायावती जी सहारनपुर में जिस जातीय संघर्ष को हवा देकर अपनी राजनीतिक रोटी सेकना चाहती थी वह भी हमारी सरकार की तत्परता के कारण सफल नही हो सकी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गरीबों, शोषितों और वंचितों के सबसे बडे हितैषी भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री मा0 नरेन्द्र मोदी जी है। जिनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार तथा भाजपा नेतृत्व की प्रदेश सरकार ने गरीब कल्याण के लिए अनेक योजनाओं पर सबके साथ सबके विकास  के संकल्प के साथ काम कर रही है।
डाॅ0 पाण्डेय ने कहा कि मायावती जी अर्नगल और झूठे आरोपों के बजाए बसपा की कार्यशैली पर आत्मचिन्तन कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनेक चीनी मिलों को कौड़ियों के मोल बेचकर किसानों के साथ किये गए अन्याय के लिए क्षमा मांगनी चाहिए। प्रदेश की जनता बहुत जागरूक है उसे बखूबी पता है कि उसके हक के साथ अगर कोई खड़ा है  तो वह भारतीय जनता पार्टी है जिसका लक्ष्य, प्रण और पथ अन्त्योदय है।

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in