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राज्यपाल से मिले उत्तर प्रदेश राज्य सिविल सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी

Posted on 14 September 2017 by admin

नियमानुसार कार्य करने से व्यक्ति की प्रमाणिकता बढ़ती है - राज्यपाल

dsc_4755अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करें। नियम विरूद्ध काम न करें क्योंकि हजारों आंखे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को देखती हैं। नियमानुसार कार्य करने से व्यक्ति की प्रमाणिकता बढ़ती है। योग्य काम तत्परता से करें तथा नियम विरूद्ध कार्य के लिए कुशलता से मना कर दें। अपने अधीन सरकारी निर्माण में समय और लागत का विशेष ध्यान रखें। जनहित के कार्यों में मानवीय पक्ष को नजर अंदाज न करें। उन्होंने कहा कि अहंकार मुक्त कार्यशैली से काम करने वाला ही आगे बढ़ता है। 01
राज्यपाल ने आज राजभवन में उत्तर प्रदेश राज्य सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के 40 परिवीक्षाधीन अधिकारियों से भेंट के दौरान उक्त विचार व्यक्त किए। भेंट के दौरान उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी लखनऊ के महानिदेशक श्री कुमार अरविन्द सिंह देव, प्रमुख सचिव श्री राज्यपाल सुश्री जूथिका पाटणकर, सचिव श्री राज्यपाल श्री चन्द्रप्रकाश, अपर निदेशक उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी श्री रमाकांत पाण्डेय एवं श्री संजय कुमार सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे। उत्तर प्रदेश राज्य सिविल सेवा 2015 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारी गत 24 जुलाई 2017 से 12 सप्ताह की टेªनिंग पर हैं।
राज्यपाल ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की दिनचर्या व्यस्त होती है इसलिए आने वाले कल की तैयारी पूर्व में करें। ससमय कार्य निष्पादित करें, इससे स्वमूल्यांकन में आसानी होगी। अपने क्षेत्र में कार्य संस्कृति ऐसी बनायें जिसमें जनता का हित व समय प्रबंधन का विशेष महत्व हो। लक्ष्य पर केन्द्रित होकर काम करें। छोटी-छोटी बातें भी अक्सर महत्व की होती हैं। सरकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए जनमत एवं सहमति बनाएं ताकि विकास कार्य अवरूद्ध न हो। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति व्यवहार कुशल बनें।
श्री नाईक ने अधिकारियों को व्यक्तित्व विकास, आत्मसंतुष्टि एवं सफलता प्राप्ति के चार मंत्र बताते हुए कहा कि सदैव मुस्कुराते रहें, दूसरों की सराहना करना सीखें, दूसरों की अवमानना न करें क्योंकि यह गति अवरोधक का कार्य करती हैं, अहंकार से दूर रहें तथा हर कार्य को अधिक अच्छा करने पर विचार करें। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरन्तर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
अपर निदेशक उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी श्री रमाकांत पाण्डेय ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा राज्यपाल का परिचय कराया। अपर निदेशक श्री संजय कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को अपने तीसरे वार्षिक कार्यवृत्त ‘राजभवन में राम नाईक 2016-17’ की प्रति भेंट की। परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने राज्यपाल के साथ अपना फोटो सेशन कराया तथा राजभवन का भ्रमण भी किया।
उल्लेखनीय है कि 2015 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारी गत 24 जुलाई से 12 सप्ताह की टेªनिंग पर हैं।

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