Categorized | लखनऊ.

ट्रासफार्मरों को क्षतिग्रस्ता से बचाने हेतु उ0प्र0 पावरकारपोरेशन अध्यक्ष ने जारी किये दिशा निर्देश

Posted on 25 August 2017 by admin

ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रासफार्मर जलने पर होगी जाँच
अतिभारिता की स्थिति में कैम्प लगाकर कनेक्षन बाँटे जायेगें तथा स्वीकृत भार में होगी वृद्धि

ग्रामीण क्षेत्रों के ट्रासफार्मर ओवर लोडिंग से जल रहे है। जिसमें विद्युत की आपूर्ति बाधित होती है। कारपोरेषन ने इस समस्या से निपटने के लिये अब जले हुये ट्रासफार्मर के कारणों की जाँच करानें का निर्णय लिया है। जिसमें यह देखा जायेगा कि यदि अतिभारित होने के कारण से ट्रांसफार्मर फुंका है तो उस ट्रासफार्मर से संयोजित सभी संयोजनों के भार की जांच करते हुये आवष्यकतानुसार उपभोक्ताओ के कैम्प लगाकर भार में वृद्धि की जायेगी तथा सभी अविद्युतिकृत घरो को नियमानुसार संयोजन प्रदान किया जायेगा। इसके उपरान्त क्षेत्र के सम्यक भार को देखते हुए परिवर्तक क्षमता वृद्धि अथवा परिवर्तन का कार्य 48 घण्टे के अन्दर सम्पादित किया जायेगा।

ये जानकारी देते हुये प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेष पावर कारपोरेषन के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने बताया है कि पावर फार आल योजना के अन्तर्गत जहां सभी घरों को विद्युत तंत्र से जोडने का लक्ष्य है वही उन्हे निर्बाध विद्युत आपूर्ति भी प्रदान की जानी है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति में ट्रांसफार्मर का जलना एवं क्षतिग्रस्त होना एक बड़ी बाधा है। ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने के कारणों का अध्ययन करने पर पाया गया कि उपभोक्ताओं द्वारा अनुबन्धित क्षमता से अधिक भार का प्रयोग किया जाना परिवर्तको के क्षतिग्रस्त होने अथवा जलने का सबसे मुख्य कारण है।

इसी तरह निजी नलकूपों के लिये भी नयी व्यवस्था लागू की गयी है। उपखण्ड अधिकारी द्वारा उसके क्षेत्र में नलकूप पर स्थापित किसी परिवर्तक के जलने पर परिवर्तक के जलने की तत्काल जांच की जायेगी। यदि खण्ड द्वारा यह पाया जाता है परिवर्तक क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण उसका अधिभारित होना है तो ट्रांसफार्मर से संयोजित सभी निजी नलकूपों के भार एवं उपभोक्ताओं पर लम्बित विद्युत बकाये की सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा तत्काल जाॅच की जायेगी।

अनुबन्धित भार कम पाये जाने पर ऐसे उपभोक्ताओं को उचित निर्धारण का भुगतान करना होगा एवं उपभोक्ताओं द्वारा अनुबन्धित भार को यथा आवष्यक बढ़ाया जायेगा। भार वृद्धि एवं बकाया भुगतान प्राप्त कर ही (किष्तों की स्थिति में, पहली किस्त 40 प्रतिशत एवं अन्य 3 बराबर किस्तो की सुविधा के साथ) ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि की जायेगी। भार वृद्धि की कार्यवाही एवं बकाया वसूली के पष्चात परिवर्तक की क्षमता में यथा आवष्यक वृद्धि कर 48 घण्टे के अन्तर्गत विद्युत आपूर्ति बहाल की जायेगी। उपखण्ड अधिकारी द्वारा क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर की प्रतिस्थापना में क्षमता वृद्धि तथा विद्युत आपूर्ति उसी स्थिति में पुनः चालू की जायेगी जबकि उस ट्रांसफार्मर द्वारा पोशित सभी निजी नलकूप उपभोक्ताओं द्वारा अपने विद्युत बिलों या किष्तों की सुविधा की स्थिति में प्रथम किष्त का भुगतान कर दिया गया हो।

सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा यह भी सुनिष्चित कराया जायेगा कि इस हेतु स्थापित ट्रांसफार्मर पर, ट्रांसफार्मर की क्षमता के अनुरूप श्लोड लिमिटिंग स्विच अथवा फ्यूज सेटश् स्थापित हो ताकि उनके जलने की कम से कम संभावना हो। सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी द्वारा यह भी सुनिष्चित किया जायेगा कि ट्रांसफार्मर से संयोजित निजी नलकूप उपभोक्ताओं द्वारा निजी नलकूप के अतिरिक्त कोई अन्य भार संयोजित नही किया गया है।

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

June 2026
M T W T F S S
« Sep    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
-->









 Type in