Categorized | लखनऊ.

85 चिकित्सा अधिकारियों को डेंगू से प्रभावित लोगों के इलाज हेतु मास्टर टेªनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया-सिद्धार्थ नाथ सिंह

Posted on 15 July 2017 by admin

प्रशिक्षित चिकित्सक अपने जनपद में प्राइवेट डाक्टरों के साथ बैठक करें,
उन्हें डेंगू से प्रभावित मरीजों के सही इलाज की जानकारी दें-स्वास्थ्य मंत्री
किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर विभाग के
टोलफ्री हेल्पलाइन नम्बर पर करें सम्पर्क

राज्य सरकार डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण
एवं रोकथाम के लिए पूरी तरह गम्भीर है। सभी सरकारी चिकित्सालयों में डेंगू,
चिकुनगुनिया एवं कालाजार जैसे संक्रामक रोगों के इलाज की निःशुल्क सुविधा
उपलब्ध है। प्रदेश के 85 चिकित्सा अधिकारियों को डेंगू एवं अन्य वेक्टर बार्न
डिजीजेस से प्रभावित लोगों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु
मास्टर टेªनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। ये चिकित्सा अधिकारी
अपने-अपने जनपदों में अन्य चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेंगे और डेंगू से पीड़ित
व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में हर सम्भव कदम उठाएंगे।
यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दी
है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित चिकित्साधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए
है कि वे अपने जनपद में प्राइवेट चिकित्सकों के साथ नियमित रूप से बैठक करें
और प्रशिक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की जानकारी उन्हें भी मुहैया कराएं,
ताकि निजी चिकित्सालयों में भी डेंगू से प्रभावित मरीजों का सही इलाज हो सके।
उन्होंने बताया कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं
कि भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार डेंगू एवं अन्य संक्रामक रोगों के इलाज
की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता पाये
जाने पर संबंधित को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डेंगू से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।
प्रत्येक रविवार को ‘एन्टी मास्कीटो ड्राई डे’ के रूप में मनाए जाने का निर्णय
लिया गया है। ’हर रविवार मच्छर पर वार’ के नाम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा
रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि स्वयं और अपने परिवार को
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाएं। अपने घर एवं आस-पास अनावश्यक रूप से
एकत्रित जल को जरूर हटाएं। घरों के कूलरों व पानी की टंकियों को सूखने के
उपरान्त ही पुनः प्रयोग में लाएं। घरों के आस-पास जहां कहीं भी रूका व ठहरा
पानी हो उसे सुखा दें। इसके अलावा पानी की टंकियों के ढक्कन बंद रखें। सप्ताह
में एक दिन इनको खाली करें व सूखाने के बाद ही उपयोग में लाएं। गमलों के नीचे
रखे बर्तनों में से पानी को निरंतर सुखायें। पुराने टायर, बर्तनो गड्ढों को
अवश्य भरें, ताकि लार्वा किसी भी दशा में पनपने न पाये। बुखार होने की दशा में
तत्काल नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में सम्पर्क करें। अधिक जानकारी और अस्पताल
में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर विभाग के टोलफ्री हेल्पलाइन नम्बर
18001805145 पर सम्पर्क करें।

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in