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उत्तर प्रदेश बजट वर्ष 2017-2018 के प्रमुख अंश एवं विशेषताएं

Posted on 11 July 2017 by admin

वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट के मुख्य बिन्दु
ऽ    प्रस्तुत बजट का आकार 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ 71 लाख रुपये (384659.71 करोड़ रुपये) है, जो वर्ष 2016-17 के बजट के सापेक्ष 10.9 प्रतिशत अधिक।
ऽ    प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष 2016-17 की अपेक्षा लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि सम्मिलित।
ऽ    बजट में 55 हजार 781 करोड़ 96 लाख रुपये (55,781.96 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित।
ऽ    अगले 5 वर्षों में 10 प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य।
किसानों और गांवों के लिए
ऽ    लघु एवं सीमान्त किसानों के फसली ऋण अदायगी के लिए 36,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों में बीहड़, बंजर एवं जल भराव वाले क्षेत्रों को सुधारने तथा कृषि मजदूरों को आवंटित भूमि का उपचार एवं आजीविका उपलब्ध कराने के लिए ‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    फसलों की उपज बढ़ाने हेतु वर्मी कम्पोस्ट की उपलब्धता बढ़ाये जाने की योजना के लिए 19 करोड़ 56 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अतिदोहित, क्रिटिकल तथा सेमी क्रिटिकल विकास खण्डों में सिंचाई हेतु स्प्रिंकलर’ के लिए 10 करोड़ 41 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    वैकल्पिक ऊर्जा प्रबन्धन के अन्तर्गत सोलर फोटोवोल्टेइक इरीगेशन पम्प की स्थापना योजना हेतु 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    गन्ना किसानों की उपज को बाजार तक सुगमता से पहुंचाने के लिए सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये तथा अनुरक्षण के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा एवं इलाहाबाद में फसलों पर अनुसंधान हेतु सेन्टर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल पिपराईच के स्थान पर 3 हजार 500 ‘‘टन आॅफ केन पर डे’’ (टीसीडी) क्षमता की नयी चीनी मिल, जिसे 5 हजार टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा एवं को-जनरेशन प्लाण्ट की स्थापना हेतु 273 करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल मुंडेरवा के स्थान पर 5 हजार (टीसीडी) क्षमता की नयी चीनी मिल, जिसे 7 हजार 500 टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा एवं को-जनरेशन प्लांट की स्थापना हेतु 270 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    निर्माणाधीन सहकारी चीनी मिल सठियाँव को इस वर्ष पूर्ण किये जाने हेतु 33 करोड़ 33 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सहकारी चीनी मिल रमाला की पेराई क्षमता 2 हजार 750 (टीसीडी) को बढ़ाकर 5 हजार टीसीडी किये जाने हेतु 84 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
ऽ    लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने हेतु संकर शाकभाजी उत्पादन एवं प्रबंधन के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    भारत सरकार के सहयोग से 20 जनपदों में 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित है।
अवस्थापना विकास
ऽ    प्रदेश में मैट्रो रेल परियोजनाओं हेतु 288 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
ऽ    मार्गाें के चैड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण हेतु 598 करोड़ 65 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ग्रामों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने तथा लघु सेतुओं हेतु 451 करोड़ 58 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    जिला मुख्यालयों को 4 लेन मार्गों से जोड़ने हेतु 71 करोड़ 21 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सड़कों के अनुरक्षण एवं गड्ढामुक्त किये जाने हेतु 3 हजार 972 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘उत्तर प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम’ की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पूर्वांचल की विशेष योजना हेतु 300 करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं हेतु 200 करोड़ रुपये की नई योजनाएं प्रस्तावित हैं।
ऽ    ‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना’ हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित व मलिन बस्ती विकास योजना’ हेतु 385 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत सबके लिए आवास (शहरी मिशन) हेतु 3000 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं।
ऽ    दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन हेतु 218 करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना’ हेतु 30 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
ऽ    चिन्हित स्थलों पर हवाई पट्टियों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण तथा भूमि अर्जन हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना’ के अन्तर्गत कांजी हाउस/पशु शेल्टर होम्स की स्थापना हेतु 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘केन्द्रीय मार्ग निधि योजना’ के अन्तर्गत मार्गों के निर्माण, चैड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण हेतु 8 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    नेपाल की सीमा से जुड़े प्रदेश के 07 जनपदों में निर्मित किए जाने वाले मार्गों हेतु 251 करोड़ 67 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    विश्व बैंक की सहायता से प्रस्तावित ‘उत्तर प्रदेश कोर नेटवर्क परियोजना’ के अन्तर्गत मार्ग निर्माण कार्यों हेतु 253 करोड़ रुपये तथा एशियन डेवलेपमेण्ट बैंक की सहायता से मार्ग निर्माण हेतु 202 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश के विभिन्न श्रेणी के मार्गों पर सेतुओं, रेल उपरिगामी तथा अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 185 करोड़ 69 लाख रुपये की व्यवस्था।
उद्योग एवं रोजगार
ऽ    ‘औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, 2017’ के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन हेतु ‘‘विशेष निवेश बोर्ड’’ की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘‘सिंगल विण्डो क्लियरेंस’’ की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लखनऊ में इन्क्यूबेटर्स की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’’ हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
छात्र-छात्राओं के लिए
ऽ    बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के निःशुल्क स्कूल बैग आवंटन हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बेेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा तथा एक स्वेटर उपलब्ध कराये जाने हेतु, 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बेेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफाॅर्म एवं किताबें उपलब्ध कराये जाने हेतु, 123 करोड़ 96 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सभी लड़कियों को ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ के तहत ग्रेजुएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा हेतु 21 करोड़ 12 लाख रुपये की व्यवस्था।
दुर्बल वर्ग के लिए
ऽ    ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ के अन्तर्गत 692 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘आम आदमी बीमा योजना’ हेतु 85 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    एस0सी0 एस0टी0 ओ0बी0सी0 तथा अल्पसंख्यक समुदाय के निर्धन अभिभावकों की पुत्रियों के सामूहिक विवाह के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
हमारी सांस्कृतिक विरासत
ऽ    ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या, वाराणसी एवं मथुरा में रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट एवं कृष्ण सर्किट की योजनाओं के लिए 1240 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘प्रासाद योजना’ के तहत अयोध्या, वाराणसी एवं मथुरा शहरों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    वाराणसी में सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु हेलीकाॅप्टर सेवा के संचालन के लिए 25 करोड़ रुपये। गोरखपुर स्थित रामगढ़ ताल में वाॅटर स्पोर्ट्स के विकास हेतु 25 करोड़ रुपये। विन्ध्याचल के पर्यटन विकास हेतु 10 करोड़ रुपये। मथुरा में नगला-चन्द्रभान के ग्रामीण पर्यटन विकास हेतु 5 करोड़ रुपये तथा रामायण काॅन्क्लेव के आयोजन हेतु 3 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    इलाहाबाद के अर्द्धकुम्भ मेला की तैयारी हेतु 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

कानून व्यवस्था
ऽ    पुलिस कर्मियों के अवास के लिए प्रथम चरण में 800 आरक्षियों, मुख्य आरक्षियों, उपनिरीक्षकों एवं निरीक्षकों के लिए श्रेणी-ए एवं बी के 800 यूनिट्स के निर्माण का लक्ष्य।
ऽ    इस वर्ष लगभग 33 हजार 200 पुलिसकर्मियों, जिनमें 30 हजार पुलिस कांस्टेबल और 3 हजार 200 सब इंस्पेक्टर की भर्ती की जायेगी। आगामी पांच वर्षों के अन्दर 1,50,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कृषि
ऽ    खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य 567 लाख एवं तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।
ऽ    56 लाख कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य, जिसमें खरीफ की फसलों हेतु 11 लाख कुन्तल एवं रबी की फसलों हेतु 45 लाख कुन्तल का वितरण किये जाने का लक्ष्य है।
ऽ    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु 450 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने हेतु वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना के लिए 19 करोड़ 56 लाख रुपये की व्यवस्था। इसके अलावा मृदा सर्वेक्षण एवं परीक्षण कार्यक्रम हेतु 261 करोड़ 66 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    88 लाख 82 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य।
ऽ    ‘सबमिशन आॅन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन’ के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को किराये एवं अनुदान पर कृषि यंत्र क्रय हेतु 300 कस्टम हायरिंग केन्द्र तथा 582 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है।
ऽ    ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत में 968 करोड़ 57 लाख रुपये का बजट प्राविधान।
ऽ    ‘नेशनल मिशन फाॅर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना’ के तहत परम्परागत कृषि विकास योजना द्वारा जैविक खेती का कार्यक्रम बुन्देलखण्ड के सभी जनपदों सहित 30 जनपदों में क्रियान्वित करने का प्रस्ताव।
ग्राम्य विकास
ऽ    आवास विहीन एवं कच्चे आवासों में निवास करने वाले परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 4 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल एवं विन्ध्य क्षेत्र में सतही जल आधारित ग्रामीण पेयजल योजना हेतु 2 हजार 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम हेतु 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘विधायक निधि’ योजना के क्रियान्वयन के लिए 762 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य
ऽ    पीसीडीएफ के अन्तर्गत प्रदेश में 10 डेयरी प्लाण्टों की स्थापना तथा 04 डेयरी प्लाण्टों के सुदृढ़ीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं हेतु 134 करोड़ 10 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    कानपुर में निर्माणाधीन नवीन ग्रीन फील्ड मिल्क पाउडर प्लाण्ट को पूरा करने के लिए 35 करोड़ 70 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    दुग्ध संघों को सुदृढ़ तथा पुनर्जीवित किए जाने के लिए 57 करोड़ 25 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    गौशालाओं में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए गौ सेवा आयोग को अनुदान हेतु 15 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सक्रिय मत्स्य पालकों के आवास विहीन 666 परिवारों को एक लाख 20 हजार रुपये प्रति आवास की दर से निःशुल्क आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पंचायती राज
ऽ    ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना’ के अन्तर्गत स्वच्छ शौचालयों के निर्माण के लिए 3 हजार 255 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत में 02 ‘चन्द्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालय’ की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’ के लिए 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत
ऽ    प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार के साथ 24ग्7 पावर फाॅर अॅाल हेतु 14 अप्रैल, 2017 को अनुबन्ध हस्ताक्षरित।
ऽ    अक्टूबर, 2018 से 24 घण्टे तथा प्रत्येक प्रदेशवासी को वर्ष 2019 तक वि़द्युत की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
ऽ    प्रदेश सरकार द्वारा जल्दी ही नई ’’सौर ऊर्जा नीति’’ लायी जाएगी, जिसमें निजी सत्र का निवेश आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक मार्ग प्रकाश की सुविधा हेतु सोलर स्ट्रीट लाईट संयंत्रों की स्थापना के लिये 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
आवास एवं नगर विकास
ऽ    ’’आगरा पेय जलापूर्ति परियोजना’’ के अन्तर्गत 130 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन द्वारा 150 क्यूसेक कच्चा जल लाये जाने हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश के 61 शहरांे में ’’अटल मिशन फाॅर रीज्यूवनेशेन एण्ड अर्बन ट्रांसफाॅर्मेशन (अमृत)’’ योजना हेतु 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’स्मार्ट सिटी मिशन’’ कार्यक्रम हेतु 1 हजार 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था। स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के 13 नगरों में आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचा, ई-गवर्नेन्स एण्ड सिटीजन सविर्सेज, वेस्ट
मैनजमेन्ट, वाॅटर मैनेजमेन्ट तथा अर्बन मोबिलिटी द्वारा जीवन स्तर को बेहतर बनाये जाने का लक्ष्य।
ऽ    ’’स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) योजना’’ हेतु 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    शहरों में बुनियादी सुविधाओें के सुदृढीकरण एवं विकास हेतु 85 करोड़ 74 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण-’’नमामि गंगे’’ के अन्तर्गत 240 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    गंगा, यमुना तथा गोमती के तटों पर स्थित नगरों में नदी प्रदूषण मुक्ति हेतु 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश की झीलों तथा तालों के संरक्षण हेतु ’’झील संरक्षण योजना’’ हेतु 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना’’ हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ‘डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन योजना’ हेतु 213 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन
ऽ    ’’प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिये आवास (शहरी) मिशन’’ योजना के लिये 3000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजना’’ हेतु 385 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

सिंचाई
ऽ    ’’राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना’’ के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 110 राजकीय नलकूपों का निर्माण आगामी 2 वर्षों में कराया जायेगा।
ऽ    बाढ़ नियंत्रण तथा जल निकासी कार्यों हेतु 647 करोड़ 30 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना’’ पर काम प्राथमिकता से शुरू किया जायेगा।
लघु सिंचाई
ऽ    ’’प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’’ के अन्तर्गत ’’पर ड्राप मोर क्राॅप योजना’’ हेतु 112 करोड़ 67 लाख रुपये की व्यवस्था।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
ऽ    हथकरघा वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 25 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
ऽ    प्रदेश में 100 शैय्यायुुक्त चिकित्सालयों की स्थापना हेतु 85 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    बरेली, मुरादाबाद तथा देवीपाटन (गोण्डा) में 33 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से 300 शैय्या वाले संयुक्त चिकित्सालय खोले जायेंगे।
ऽ    ग्रामीण क्षेत्रों में 50 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    शहरी क्षेत्रों में 50 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों के लिये 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधायें सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण हेतु क्रमशः 49 करोड़ 75 लाख े एवं 85 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों की असाध्य बीमारी के उपचार हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    जिला संयुक्त चिकित्सालयों में विशिष्ट चिकित्सा सुविधायें उपलबध कराने हेतु 125 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
ऽ    डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, लखनऊ परिसर के विस्तार हेतु 19 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
बेसिक शिक्षा
ऽ    ’’सर्व शिक्षा अभियान’’ हेतु 19 हजार 444 करोड़ 35 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु 2 हजार 54 करोड़ 74 लाख रुपये की व्यवस्था।
माध्यमिक शिक्षा
ऽ    ’’राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान’’ हेतु 551 करोड़ 93 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    166 पं0 दीन दयाल उपाध्याय राजकीय माॅडल विद्यालयों के संचालन हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
उच्च शिक्षा
ऽ    राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ’’राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान’’ के अन्तर्गत आधारभूत सुविधायें उपलबध कराने हेतु 191 करोड़ 27 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश के सभी काॅलेजों एवं विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु 15 करोड़ की व्यवस्था।
ऽ    जननायक चन्द्रशेखर राज्य विश्वविद्यालय, बलिया हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    विश्वविद्यालयों में ’’पं0 दीन दयाल उपाध्याय शोध पीठ’’ की स्थापना के लिये 9 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में ’’भाऊराव देवरस शोध पीठ’’ की स्थापना हेतु 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को मान्यता प्रदान करने की आॅन लाइन व्यवस्था हेतु 50 लाख रुपये का प्राविधान।
प्राविधिक शिक्षा
ऽ    सोनभद्र के राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज, कन्नौज एवं मैनपुरी के राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेजों के अवशेष निर्माण कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रतापगढ़ में एक राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज स्थापित किये जाने के लिए 4 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ के निर्माण कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान।
ऽ    बस्ती एवं गोण्डा में एक-एक इंजीनियरिंग काॅलेज के अवशेष निर्माण कार्यों के लिये 14 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मिर्जापुर में राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज निर्माण हेतु 8 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
व्यवसायिक शिक्षा
ऽ    अगले 5 वर्षों में 70 लाख रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
ऽ    प्रदेश के समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिये अपने निजी भवन निर्मित किये जायेंगे तथा निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण कराया जायेगा।
महिला एवं बाल कल्याण
ऽ    ’’महिला विकास एवं मातृत्व लाभ कार्यक्रम’’ के लिये 100 करोड़ रुपये तथा ’’शबरी संकल्प अभियान’’ के लिये 262 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    निराश्रित महिला भरण-पोषण अनुदान योजना हेतु 1 हजार 129 करोड़ 78 लाख रुपये की व्यवस्था।
अल्पसंख्यक कल्याण
ऽ    अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना हेतु 791 करोड़ 83 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की फीस प्रतिपूर्ति योजना हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मान्यता प्राप्त मदरसों तथा मकतबों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा हेतु 394 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं के शैक्षिक एवं आर्थिक विकास के लिये अल्पसंख्यक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महिला छात्रावास हेतु 18 करोड़ 41 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’मल्टीसेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेन्ट प्लान’ के अन्तर्गत 340 करोड़ 90 लाख रुपये की व्यवस्था।

पिछड़ा वर्ग कल्याण
ऽ    पिछडे़ वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं के छात्रावास हेतु 52 करोड़ 66 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक एवं युवतियों को ’’ओ’’ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु 11 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की फीस प्रतिपूर्ति हेतु 551 करोड़ 28 लाख रुपये की व्यवस्था।
दिव्यांग कल्याण
ऽ    ’’सुगम्य भारत अभियान योजना’’ के अन्तर्गत सरकारी कार्यालयों एवं जन उपयोगी भवनों को चिन्हित कर दिव्यांगजन हेतु बाधारहित बनाये जाने के लिये 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    दिव्यांग पेंशन की राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह करने हेतु 559 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के निर्माण कार्यों हेतु 18 करोड़ 40 लाख रुपये की व्यवस्था।
खाद्य एवं रसद
ऽ    राशन कार्ड में दर्ज यूनिट की आधार सीडिंग हेतु 76 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
न्याय
ऽ    उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच, लखनऊ के नवीन भवन में अतिरिक्त कार्यों हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    नवसृजित जनपदों एवं नव सृजित न्यायालयों में भवन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अधीनस्थ न्यायालयों में सोलर पाॅवर सिस्टम की स्थापना के लिये 20 करोड़, सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिये 20 करोड़, सी0सी0टी0वी0 कैमरों के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    अधीनस्थ न्यायालयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु स्वतंत्र फीडर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मध्यस्थों को मानदेय भुगतान हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

राजस्व
ऽ    प्रदेश में आपदा राहत के लिये ’’राज्य आपदा मोचक निधि’’ में 744 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    ’’तालाब विकास प्राधिकरण’’ के गठन हेतु 50 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ     मण्डल, जनपद, तहसील के कार्यालयों तथा अनावासीय भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि क्रय के लिए 205 करोड़ 13 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    प्रदेश के मण्डल, जनपद, तहसीलों के आवासीय भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि क्रय के लिये 95 करोड़ 80 लाख रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मण्डल, जनपद एवं तहसील कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमेेट्रिक सिस्टम स्थापित किये जाने हेतु 1 करोड़ 37 लाख रुपये की व्यवस्था।
वन एवं पर्यावरण
ऽ    वर्ष 2017 के वर्षाकाल में वन विभाग द्वारा 4 करोड़ 30 लाख तथा अन्य विभागों द्वारा 2 करोड़ 24 लाख, कुल 6 करोड़ 54 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य।
संस्कृति
ऽ    राम कथा संग्रहालय में संरक्षित गुमनामी बाबा से संबंधित दस्तावेजों का डिजिटाईजेशन किया जायेगा। गोरखपुर में ’’लोक मल्हार’’ तथा अयोध्या में ’’सावन झूला’’ के विशिष्ट कार्यक्रमों के आयोजन किये जाने का संकल्प। ’’कृष्ण संग्रहालय’’ की स्थापना के साथ ही ’’पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह’’ के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों में माहवार संस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने की रूपरेखा बनायी गयी।
ऽ    संास्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 135 करोड़ 26 लाख रुपये की व्यवस्था। इसके अन्तर्गत कलाकारों का उन्नयन एवं प्रशिक्षण, फिल्मों का विकास (डाक्यूमेंट्री, आॅडियो विजुअल), कला परिषद का गठन, कबीर अकादमी की स्थापना, महानगरों तथा जिला केन्द्रों पर कला उत्सव के आयोजन।
ऽ    गोरखपुर में आधुनिक प्रेक्षागृह के निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    मथुरा में ’’गीता शोध संस्थान’’ की स्थापना के लिये 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ    लोक कलाओं के संवर्धन हेतु लोक कलाकारों को वाद्य यंत्रों के लिए अनुदान हेतु 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
आबकारी शुल्क
ऽ    आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 20 हजार 593 करोड़ 23 लाख रुपये निर्धारित।
स्टाम्प एवं पंजीकरण
ऽ    स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 17 हजार 458 करोड़ 34 लाख रुपये निर्धारित।
वाहन कर
ऽ    वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 5 हजार 481 करोड़ 20 लाख रुपये निर्धारित।
वित्तीय वर्ष 2017-2018 के बजट अनुमान
प्राप्तियाँ
ऽ    वर्ष 2017-2018 में 3 लाख 77 हजार 190 करोड़ 88 लाख रुपये (377190.88 करोड़ रुपये) की कुल प्राप्तियाँ अनुमानित हैं।
ऽ    कुल प्राप्तियों में 3 लाख 19 हजार 397 करोड़ 43 लाख रुपये (3,19,397.43 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियाँ तथा 57 हजार 793 करोड़ 45 लाख रुपये (57,793.43 करोड़ रुपये) की पूँजीगत प्राप्तियाँ सम्मिलित हैं।
ऽ    राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 2 लाख 32 हजार 908 करोड़ 41 लाख रुपये (2,32,908.41 करोड़ रुपये) है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 1 लाख 11 हजार 501 करोड़ 90 लाख (1,11,501.90) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 1 लाख 21 हजार 406 करोड़ 51 लाख रुपये (1,21,406.51 करोड़ रुपये)सम्मिलित है।
व्यय
ऽ    कुल व्यय 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ 71 लाख रुपये (3,84,659.71 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
ऽ    कुल व्यय में 3 लाख 7 हजार 118 करोड़ 63 लाख रुपये (3,07,118.63 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय  है तथा 77 हजार 541 करोड़ 8 लाख रुपये (77541.08 करोड़ रुपये) पूँजी लेखे का व्यय है।

राजस्व बचत
ऽ    वर्ष 2017-2018 में 12 हजार 278 करोड़ 80 लाख रुपये (12,278.80 करोड़ रुपये) का राजस्व बचत अनुमानित है।

राजकोषीय घाटा
ऽ    वित्तीय वर्ष 2017-2018 में 42 हजार 967 करोड़ 86 लाख रुपये (42,967.86 करोड़ रुपये) का राजकोषीय घाटा अनुमानित है जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.97 प्रतिशत है।
ऽ    राज्य की ऋणग्रस्तता सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 28.6 प्रतिशत अनुमानित है।
समेकित निधि
ऽ    समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात् 7 हजार 468 करोड़ 83 लाख रुपये (7468.83 करोड़ रुपये) का घाटा अनुमानित है।
लोक लेखा
ऽ    लोक लेखे से 7 हजार 600 करोड़ रुपये (7600 करोड़ रुपये) की शुद्ध प्राप्तियाँ अनुमानित हैं।
समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम
ऽ    वर्ष 2017-2018 में समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 131 करोड़ 17 लाख रुपये (131.17 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
अन्तिम शेष
ऽ    वर्ष 2017-2018 में प्रारम्भिक शेष 1 हजार 204 करोड़ 55 लाख रुपये
(1,204.55 करोड़ रुपये) को हिसाब में लेते हुये अन्तिम शेष 1 हजार 335 करोड़ 72 लाख रुपये (1335.72 करोड़ रुपये) होना अनुमानित हैं।
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