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लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ वाचकों को अपनी कलम से दिशा देता है - राज्यपाल

Posted on 14 May 2017 by admin

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज गौतमबुद्ध नगर में प्रेरणा जनसंचार एवं शोध संस्थान द्वारा नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों को सम्मानित किया तथा केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक ‘पत्रकारिता के अग्रदूत’ का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं पटकथा लेखिका सुश्री अद्वेता काला, संस्थान के अध्यक्ष श्री जगदीश उपासने, प्रेरणा जनसेवा न्यास के अध्यक्ष श्री मधुसूदन दादू, पत्रिका के संपादक श्री कृपाशंकर, श्री सूर्यप्रकाश टोंक सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर उपस्थित जनों को नारद जयंती एवं विश्व मातृ दिवस की बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता का धर्म है कि कहीं अन्याय हो रहा हो तो उसे अवश्य उजागर करें। यदि अच्छा कार्य होता है तो मीडिया उसे भी हाईलाइट करे। भारतीय संविधान ने अभिव्यक्ति की आजादी दी है, इसलिये मीडिया को निष्पक्ष रहकर घटनाओं को प्रस्तुत करना चाहिये। लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ वाचकों को अपनी कलम से दिशा देता है। ‘न्यूज और व्यूज’ में समाज का हित और भागीदारी जरूर सुनिश्ति होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि समाचार की दुनिया में चुनौती और प्रतिस्पर्धा अवश्य है मगर सच्चाई और तथ्य सर्वोपरि होने चाहिये।
श्री नाईक ने कहा कि समाज के लिये समाचार पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। पत्रकारिता के अपने कुछ सिद्धांत होते हैं जो पत्रकारिता के लिये आचार संहिता का काम करते हैं। इसलिये सही तथ्य पेश करने में सावधानी बरती जानी चाहिये। आजकल मीडिया ट्रायल की भी चर्चा होती है। समाचार लिखने में और उन्हें परिष्कृत पद्धति से प्रस्तुत करने में सही तथ्य का प्रयोग करना चाहिये। पत्रकारिता के उच्च मानदण्डों का पालन हो। उन्होंने कहा कि आलोचना का ध्येय केवल निंदा एवं अपमान करना नहीं होना चाहिये।
राज्यपाल ने कहा कि देश की आजादी में पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। 1857 देश का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था जिसे अंग्रेजों ने बगावत बताया लेकिन वीर सावरकर ने अपनी कलम से सही इतिहास देश के सामने रखा। लोकमान्य तिलक के द्वारा लिखे गये सम्पादकीय पढ़ने के लिये लोग ‘केसरी’ की राह देखते थे तथा उस पर चर्चा एवं विचार होता था। सम्पादकीय से प्रेरणा मिलती है। आज समाचार पत्रों में पढ़ने के लिये बहुत कुछ होता है लेकिन कम ही लोग सम्पादकीय पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि सम्पादकीय में पाठकों की रूचि न होना विचार का विषय है।
श्री नाईक ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है। सच्चाई, निष्पक्षता और विश्वसनीयता ऐसे बुनियादी गुण हैं जो अच्छे पत्रकार की पहचान होते हैं। विश्व में भारत सबसे बड़ा प्रजातंत्र है जहाँ अनेक धर्म और भाषायें हैं। विश्व में चीन, ब्राजील, इण्डोनेशिया और अमेरिका के बाद जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश पांचवे स्थान पर है। हमारे पास एक बढ़ी युवा शक्ति भी है जिसे हमें स्वालम्बी आत्मनिर्भर और शिक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस महती कार्य के लिये मीडिया को और भी सक्रिय भूमिका निभानी है।
कार्यक्रम में अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे।

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