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मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनपदों में स्थित पशुवधशालाओं का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित पशुवधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराना होगा: मुख्य सचिव

Posted on 22 March 2017 by admin

पशुवधशालाओं में अवैध रूप से हो रहे पशु वध को रोके जाने हेतु  जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन: राहुल भटनागर
पशुवधशालाओं के निरीक्षण के समय पुलिस अधीक्षकों को आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराना होगा अनिवार्य: मुख्य सचिव
निरीक्षण की सूचना का सारांश प्रतिदिन पूर्वान्ह 11ः00 बजे तक अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं नगर विकास को मेल एवं फैक्स के माध्यम से देना अनिवार्य: राहुल भटनागर

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को कड़े निर्देश दिये हैं कि जनपदों में स्थित पशुवधशालाओं का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित पशुवधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे दोषी व्यक्तियों क विरूद्ध अधिनियमों एवं नियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायें। उन्होंने पशुवधशालाओं में अवैध रूप से हो रहे पशु वध को रोके जाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी/सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के विहित प्राधिकारी, सम्बंधित नगर आयुक्त/अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत/जिला पंचायत को सदस्य नामित किया गया है।

मुख्य सचिव ने आज समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित  नगर आयुक्तों को परिपत्र जारी कर यह निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जनपद में संचालित पशुवधशालाओं में प्रतिदिन वध किये जाने वाले पशुओं की संख्या, वहां पर पशुधन की उपलब्धता का वास्तविक एवं अद्यतन आंकड़ों के परिप्रेक्ष्य आकलन करते हुए, पशुवधशालाओं के विषय में निर्गत विभिन्न शासनादेशों, अधिनियमों, नियमों तथा दिशा निर्देशों के आधार पर पशुवधशालाओं के संचालन में पाई गई कमियों के परिप्रेक्ष्य में निरीक्षण आख्या/स्पष्ट संस्तुति जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को 07 दिन के अंदर उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने कहा कि पशुवधशालाओं के निरीक्षण के समय समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में गोवंशीय पशुओं का वध व तस्करी न हो। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सार्वजनिक मार्गों के किनारे खुले रूप से या अवैध रूप से वधशालाओं का संचालन कतई न होने पाये। साथ ही लाइसेन्स की शर्तों का उल्लंघन करने वाली पशुवधशालाओं के विरूद्ध कानूनों के अधीन कठोर कार्यवाही की जाये।

श्री भटनागर ने निर्देश दिये हैं कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पशुवधशालाओं के निरीक्षण के दौरान यदि ऐसी कमियां, अनियमिततायें या उल्लंघन पाये जायें जिनमें कोई दण्डात्मक, निरोधात्मक या अभियोजन की कार्यवाही वांछित हो तो इसे तत्काल किया जाये। उन्होंने कहा कि सम्बंधित समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव अपने-अपने विभागों हेतु नोडल अधिकारी नामित करते हुए तद्नुसार नामित नोडल अधिकारी के नाम, पदनाम, मो0 नं0 एवं आवासीय पता आदि का विवरण पर्यावरण/नगर विकास विभाग को तत्काल उपलब्ध करायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि उक्त निर्देशों के क्रम में किये गये निरीक्षणों की सूचना का सारांश प्रतिदिन पूर्वान्ह 11ः00 बजे तक अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग को ई-मेल-  एवं फैक्स नं0-0522-2235206 पर तथा प्रमुख सचिव/ सचिव, नगर विकास विभाग को ई-मेल- एवं फैक्स नं0-0522-2238263 पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।

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