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13 सितम्बर से 17 सितम्बर 2016 को कला स्रोत आर्ट गैलरी में राष्ट्र्य स्तर के कलाकारों ने भाग लिया इस प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय श्रीमती सुतापा सन्याल जी (डी0 जी0 पुलिस यू0 पी0 एम एस टी) लखनऊ के कर कमलो द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

Posted on 15 September 2016 by admin

13 सितम्बर से 17 सितम्बर 2016 को कला स्रोत आर्ट गैलरी में राष्ट्र्य स्तर के कलाकारों ने भाग लिया इस प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय श्रीमती सुतापा सन्याल जी (डी0 जी0 पुलिस यू0 पी0 एम एस टी) लखनऊ के कर कमलो द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
कलाकृतियों का अवलोकन कर उन्होंने सभी कलाकारों की सराहना की और साथ ही उनका मनोबल बढाते हुए प्रोत्साहित भी किया।
मोहम्मद क़मर (शाहजहांपुरद्ध की कला कृतियाॅ एकरेलिक माध्यम में बनी है तथा इनकी एक कला कृति जिसमें इन्सान की ज़मीन पर हो रही आपा धापी को आसमान में उड़ते पछियों के माध्यम से दिखाया गया है।
मनीषा दोहरे (आगराद्ध की ग्राफिक्स(अम्लांकनद्धआकृतियाॅ मानव संवेदनाओं का उलझता स्वरूप मुख्य है।
राजीव सिकदार (दिल्लीद्ध की कृति भारतीय मिथक पर आधारित है। उन्हांेने मिथक से सम्बन्धित घटनाओं को अपने ढ़ग से मिश्रित माध्यम में प्रस्तुत किया है।
राखी राॅय (सिल्लीगुड़ीद्ध की नारी आकृति में नारी के विभिन्न रुपों को प्रस्तुत किया है।
गोविन्द राय (सिल्लीगुड़ीद्ध की कृतियां मनुष्य के सामाजिक समस्याओं से जूझी नज़र आती हैं।
मिनाक्षी ठाकुर की प्रतिकात्मक ड्र्ईंग, रवी पासी द्वारा समाज के पिछड़े वर्ग को प्रस्तुत किया है। राजू राम के जलरंग चित्रो में मानव जीवन के दार्शनिक पक्ष को दिखाया है।
पारोमिता मुखर्जी का लैण्डस्केप फोटोग्रफी दर्शकों को प्राकृतिक सौन्दर्य और शांत परिवेश अपनी ओर आकृष्ट करता है।
डाॅ0 श्रीकांत गौड़ (कोलकत्ताद्ध जो अपने प्रयोगात्मक विविधमाध्यम के चित्रकार के रूप से जाने जाते हैं। इनके द्वारा बनाये एक्रालिक से बने पोट्र्ेट अलग-अलग चारित्रिक विशेषताओं को दर्शाता है। उनके जलरंग की मानव आकृतियाॅ वर्तमान जनजीवन से सम्बन्धित है।
प्रो0 कुमकुम माथुर के जलरंग अपने सैन्दर्य को रोचकता से प्रस्तुत करती है। इनके निसर्ग चित्र एक खुशहाल क्षण का प्रतीक है।
तथागत दास की आकृतियाॅ धार्मिक भावनाओं से प्रेरित है। इसमें हनुमान जी और मातृदेवी की आकृति को विशेष रूप में प्रस्तुत किया गया है।
सुकांत हालदार के स्कल्पचर सफेद मारबल की बनायी आकृति है। जो अपने कलात्मक तकनीक को दर्शाता है।
प्रो0 एस0 पी0 वर्मा कला इतिहासकार एवं शिक्षक है जिनकी तीन सफेद स्याह को चित्र दर्शकों को ज्यामिक भूल-भूलैया में उलझने को बाध्य करते हैं।
प्रदर्शनी मे  चित्र, मूर्ति, प्रिन्ट्स, डाईग प्रिन्ट मेकिंग, तनजोर पेन्टिग, छाया चित्र आदि सम्मलित है। प्रदर्शनी मे जलरंग, तैल रंग, ऐक्रेलिक, आदि माध्यम का संयोजन है।

इस प्रदर्शनी में देश के 21 ख्याती प्राप्त कलाकारो ने भाग लिया है। इन कलाकारो के नाम हैं-
मनीषा दोहरे, प्रो0 कुमकुम माथुर, तथागत दास, राजीव सिकदार, पारोमिता मुखर्जी, सुकांत हालदार, डाॅ0 श्रीकांत गौड़, प्रो0 एस0 पी0 वर्मा, राखी राय, मिनाक्षी ठाकुर, रवि पासी, राजू राम, सपना शर्मा, गोविद राय, नबिन दास, मो0 कमार, विश्वजीत पाॅल, डाॅ0 स्वेता पाण्डेय, आशा देबबर्मा, कोशिक घोष, राजर्शी अधिकारी।
कार्यक्रम संयोजक: गिरीश तिवारी एवं एस.एन.लाल

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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