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मा0 मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के सफल होते संकल्प ‘हर खेत को समय से मिले पानी, नदियां, नहरें बने जीवनदायिनी’ को और अधिक कारगर बनाने के लिये सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में आधुनिक तकनीक के प्रयोग की सबसे बड़ी आवश्यकता: मुख्य सचिव

Posted on 10 September 2016 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री दीपक सिंघल ने नहरों में पानी के प्रवाह की अद्यतन सूचना को सिंचाई विभाग के कमाण्ड सेण्टर तक पहुंचाने के लिये स्काडा/आॅटोमेशन तकनीक हेतु किये जा रहे कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये राम गंगा कैनाल से प्रारम्भ करने के निर्देश दिये, ताकि किसानों को समय से पानी की उपलब्धता की सूचना प्राप्त हो और तद्नुसार किसान सिंचाई का कार्यक्रम बना सकें। उन्होंने प्रमुख सचिव सिंचाई और प्रमुख सचिव कृषि को निर्देशित किया कि वे एक सप्ताह के अन्दर पारस्परिक बैठक करके यह सुनिश्चित कर लें कि बुन्देलखण्ड में 13 डैमों का निर्माण कराया जा चुका है तथा रामगंगा के समान्तर निचली नहर, जिसकी सिंचन क्षमता 42 हजार क्यूसेक से बढ़कर 64 हजार क्यूसेक करायी जा चुकी है। स्थापित सिंचाई सुविधा के निकट विविध कृषि कार्यक्रम-सघन कृषि, बागवानी तथा पशुपालन संचालित कराये जायें, जिसके लिये बुन्देलखण्ड के जनपद ललितपुर तथा कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा व गाज़ीपुर आदि जनपदों के एक-एक ब्लाक को चयनित कर कृषि विकास के सघन कार्यक्रमों को संचालित कराया जायें, जिससे किसानों के जीवन स्तर को और अधिक ऊँचा उठाया जा सके।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना पैक्ट द्वितीय चरण की रैप-आफ मीटिंग ले रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के सफल होते संकल्प ‘हर खेत को समय से मिले पानी, नदियां, नहरें बने जीवनदायिनी’ को और अधिक कारगर बनाने के लिये सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में आधुनिक तकनीक के प्रयोग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही इसका एक तकनीकी प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करें, जिससे कि शीघ्र ही अग्रेतर कार्यवाही की जा सके।
श्री सिंघल ने प्रदेश में जल नियामक आयोग के शीघ्र गठन की आवश्यकता पर बल देते हुये सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शीघ्र ही इस आयोग के गठन हेतु परीक्षण कर नियमानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिससे कि प्रदेश में जल प्रबंधन के विविध कार्यक्रमों को संचालित और अधिक तीव्र गति से कराया जा सके। उन्होंने सहभागी सिंचाई प्रबंधन के अन्तर्गत जल उपभोक्ता समितियों के गठन की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुये अपेक्षा की कि 15 दिन के अन्दर इसकी अद्यतन प्रगति से अवगत कराया जाये।
विश्व बैंक के टीम लीडर श्री जून मस्ट मोटो ने मुख्य सचिव के द्वारा लिये गये सामायिक निर्णयों की सराहना करते हुये अपेक्षा की कि उत्तर प्रदेश सरकार का इसी तरह का सहयोग हर समय प्राप्त होता रहेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं अध्यक्ष पैक्ट श्री सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव कृषि श्री रजनीश गुप्ता, मुख्य अभियंता स्तर-1 एवं तकनीकी सलाहकार पैक्ट श्री के0के0जैन, मुख्य अभियंता पैक्ट श्री ओ0पी0श्रीवास्तव के अतिरिक्त विभिन्न विषय विशेषज्ञ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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