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सच्चे समाजवादी व आजादी के योद्धा थे राजनारायण लोकबन्धु की विरासत को नेताजी ने आगे बढ़ाया- शिवपाल सिंह यादव

Posted on 02 January 2016 by admin

अपने शिविर कार्यालय स्थित सभा कक्ष में बुद्धिजीवियों एवं समाजवादियों की उपस्थिति में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व महान समाजवादी नेता राजनारायण को याद करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जो बात राममनोहर लोहिया के लिए बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने कहा था वही कथन मैं लोकबन्धु राजनारायण के लिए कहना चाहता हूँ कि जो लोकबन्धु राजनारायण को नहीं जानता उसे राजनीति करने का कोई हक नही। मैं यहाँ नेताजी मुलायम सिंह यादव के शब्दों को भी दोहराना चाहूँगा कि ‘‘डा0 राममनोहर लोहिया के बाद अन्याय का प्रतिकार करने व शोषण के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की परम्परा को राजनारायण जी ने आगे बढ़ाया’’।
वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजवाद के योद्धा थे। आज ही के दिन वर्ष 1986 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी। वे समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहे।
आज जब राजनीति में अनावश्यक चमक-दमक बढ़ रही है। सिद्धांत और सेवा जैसे मूल्य कमजोर हो रहे हों लोकबन्धु की याद आना स्वाभाविक है।
मुझे उन्हें बेहद करीब से देखने और उनकी सभा कराने का सौभाग्य प्राप्त है। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। ये वो लोग थे जो अपने आप में इतिहास व संघर्ष व ज्ञान की जीती जागती प्रतिमा थे।
वे सच्चे समाजवादी थे। लोहिया व समाजवादी आंदोलन से वे वर्ष 1942 में जुड़े। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्होंने वाराणसी में युवाओं की अगुवाई की। उनके ऊपर अंग्रेजी सरकार ने पांच हजार रूपये का इनाम घोषित किया। वे दो महीने तक पूरी ब्रिटानिया हुकूमत के आंख के किरकिरी बने रहे।
उन्होनें काशी विश्वविद्यालय से परास्नातक व वकालत की डिग्री ली, लेकिन डिग्री का इस्तेमाल अपना कैरियर बनाने की बजाय देश-सेवा की। आजादी के बाद वर्ष 1952 में उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य व प्रथम नेता प्रतिपक्ष बने। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में उन्होंने गाँव, गरीब व कमजोरों के सवालों को मुद्दा बनाया, उनके बाद यह काम चैधरी चरण सिंह, मुलायम सिंह यादव सदृश नेताओं व हम जैसे कायकर्ताओं ने किया।
आपातकाल के दौरान तानाशाही से लड़ने वालों में उनका नाम अगली कतार में आता है। उन्होंने इंदिरा गाँधी को अदालत व चुनाव दोनों में हराया। स्वास्थ्य मंत्री बनते ही उन्होंने निर्देश दिया कि दवाओं पर हिन्दी में लिखा जाये ताकि लोग जानें कि उन्हें क्या खिलाया जा रहा है। लोहिया की तरह उन्होंने भी औघड़ जीवन जिया और संघर्ष का लम्बा इतिहास जीकर चले गये थे।
आज उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार उनके सपनों के अनुरूप नीतियाँ बनाकर विकास के पथ पर इस तरह चल रही है कि कोई गरीब, कमजोर, पिछड़ा, शासित न छूटें। यही कारण है कि यू0पी0 औसत आमदनी दो गुना और किसानों की औसत आय में ढ़ाई गुना दर्ज की गयी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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