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छन्दों में जीवित हैं कालजयी रूप

Posted on 19 December 2015 by admin

‘लेखक से संवाद’ कार्यक्रम में नवगीत मधुकर अस्थाना और छन्दकार अशोक कुमार पांडेय ‘अशोक’ जी ने लय, रस, भाव की विधिवत की व्याख्या! छन्दों, नवगीतों की फूटी रसधार। संवाद स्थापित किया निर्मल शुक्ल जी ने। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार शीला पांडे ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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