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किसानों को उनके खेत से ही उपज की खरीद कराने हेतु विस्तृत योजना बनाकऱ आगामी 15 दिन में प्रस्तुत की जाये, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उनके ही घर में मिल सके: मुख्य सचिव

Posted on 09 September 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने मण्डी परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों को उनके खेत से ही अधिक फसल के उपज की खरीद कराने हेतु विस्तृत योजना बनाकर आगामी 15 दिन में प्रस्तुत की जाये, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उनके ही घर में मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में किसी फसल की बहुतायत पैदावार होती है, उनकी खरीद की व्यवस्था खेत से ही सुनिश्चित कराना योजना का उद्देश्य बनाया जाये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराकर उन्हें अधिक से अधिक लाभान्वित कराने के प्रयास सुनिश्चित किये जायें। उन्होंने कहा कि किसानों को मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी मण्डी का भाव आदि की जानकारी उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि काॅल सेण्टर के माध्यम से किसानों को फसल से सम्बन्धित जानकारी-मौसम आधारित, बीज, खाद एवं फसली कीड़े से बचाव आदि की जानकारी उपलब्ध करायी जाये।
मुख्य सचिव आज मण्डी परिषद में किसान काॅल सेण्टर का उद्घाटन करने के उपरान्त मण्डी परिषद के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि काॅल सेण्टर के नम्बर-1800-180-4555 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराया जाये, ताकि किसान भाई काॅल करके विभिन्न मण्डियों में बिक्री की दरें तथा मण्डी परिषद द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारियां निःशुल्क घर बैठे प्राप्त कर सके।
निदेशक मण्डी डाॅ0 अनूप यादव ने बताया कि जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के अन्तर्गत अब तक 4803 ग्रामों का चयन किया गया है, जिसमें से 3440 ग्रामों का संतृप्त किया जा चुका है। इस योजना के अन्तर्गत सी0सी0 रोड, नाली का निर्माण एवं विद्युत कार्य कराया जाता है। वर्ष 2012-13 में 25 लाख रुपये प्रति गांव के विकास पर व्यय किया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 2013-14 से 40 लाख रुपये प्रति गांव के विकास पर व्यय किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत विशिष्ट मण्डियों के निर्माण कराये जाने की श्रृंखला में 07 विशिष्ट मण्डियों हेतु कुल 433.94 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गयी है, जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार 133 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों (रिनों) हेतु 254.45 करोड़ रुपये की परियोजनायें स्वीकृत की गयी हैं। 97 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों (रिनों) का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है, जिसमें से 60 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों (रिनों) को क्रियाशील कर दिया गया है।
निदेशक मण्डी ने बताया कि प्रदेश में मण्डी परिसरों के घनत्व को बढ़ाये जाने के उद्देश्य से प्रत्येक 100 वर्ग कि0मी0 में एक मण्डी परिसर की स्थापना किये जाने के उद्देश्य से 1651 नगर एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के निर्माण हेतु 466.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिसमें से 1634 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा 862 एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब संचालित करा दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि कृषकों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 07 जनपदों यथा-लखनऊ, सैफई (इटावा), मैनपुरी, कासगंज, कन्नौज, हापुड़ तथा झांसी में किसान बाजार बनाये जाने की योजना के अंतर्गत झांसी में किसान बाजार का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है तथा उसके संचालन की प्रक्रिया गतिमान है। लखनऊ, सैफई, कासगंज तथा कन्नौज में कार्य प्रगति पर है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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