Categorized | लखनऊ

विवेक कुमार सिंह ने बुन्देलखण्ड को विशेष सहूलियत देने को कहा

Posted on 23 February 2010 by admin

विवेक कुमार सिंह- विधायक बान्दा महामन्त्री चेयरमैन मीडिया विभाग उ.प्र. कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती को पत्र लिखकर कहा है कि अतिपिछड़े इलाके बुदेलखण्ड के साथ आपकी हठपूर्ण नीति ने इसे और बदतर हालात की ओर ले जाने के लिए विवश कर दिया है। यह इलाका कालाहांड़ी से भी बुरी हालात में जा रहा है। आपको मालूम ही होगा कि श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में हम सब लोगों ने प्रधानमन्त्री डा0 मनमोहन सिंह जी से भेंट की थी और हम लोगों ने बुन्देलखण्ड को विशेष सहूलियत देने को कहा था। जिस पर प्रधानमन्त्री जी ने 4,000 मेगावाट क्षमता का बिजलीघर बुन्देलखण्ड में लगाने का आश्वासन दिया था। यह स्वीकृत हुआ और झांसी में प्रस्तावित हुआ। किन्तु आपने वहां भूमि नहीं दी। उसके बाद चित्रकूट मण्डल के चित्रकूट में यह योजना हस्तान्तरित की गई। वहां भी आपने हठपूर्वक यह योजना पूरी नहीं होने देने का मन बनाया। यह परियोजना 20,000करोड़ रूपये की लागत से एन.टी.पी.सी. द्वारा लगाई जानी थी। सम्भवत: आपको यह भी मालूम होगा कि एन.टी.पी.सी. भारत सरकार की बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी इकाई है। जो पूरे राष्ट्र में बिजली का उत्पादन करके तमाम राज्यों को बिजली की आपूर्ति करती है, इससे यह मांग करना कि बिजली घर से उत्पादित 100: बिजली केवल यू.पी.को दिया जाय, कहां तक तर्कसंगत है, जबकि एन.टी.पी.सी 75: बिजली उ0प्र0 को देने को राजी था, किन्तु आपके हठ के कारण यह बिजलीघर उ0प्र0 की जगह म0प्र0 जा रहा है। अगर आपकी तरह से अन्य राज्य एन.टी.पी.सी. से मांग करने लगें कि हमारे राज्य की बिजली अन्य कहीं भी नहीं दी जायेगी तो उ0प्र0 में अब बिजली कहां से आयेगी, यह व्यवहारिक नहीं है, जबरन अपनी हठवादिता को त्याग दें। कितनी बड़ी क्षति आपके कारण उ0प्र0 के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की हो रही है इसका आपको अनुमान शायद हो। अगर यह बिजलीघर लग जाता तो बुन्देलखण्ड में जहां किसान मालामाल हो जाता, वहीं यहां औद्योगिक क्रान्ति आ जाती। किन्तु आपके अहंकार व हठधर्मिता के कारण यह क्षेत्र और बदहाली की ओर आयेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in