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अग्निशमन विभाग को और अधिक नागरिकोन्मुखी बनाने की पहल ‘‘फायर एप्रुवल एण्ड मैनेजमेंट सिस्टम’’ का हुआ प्रस्तुतीकरण

Posted on 12 May 2015 by admin

शासन द्वारा प्रदेश के अग्निशमन विभाग को चुस्त-दुरुस्त तथा आधुनिकतम बनाने के साथ-साथ इसे और अधिक नागरिकोन्मुखी बनाने के भी प्रयास किये जा रहे है ताकि जनता को विभाग के क्रियाकलापों की आॅनलाइन जानकारी के साथ-साथ अग्निशमन विभाग जारी की जाने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्रों की प्रकिया को और अधिक पारदर्शी व सरल बनाया जा सके।
इसी कड़ी में प्रदेश के अग्निशमन द्वारा ‘‘फायर एप्रूवल एण्ड मैनेजमेंट सिस्टम’’ (थ्पतम ।चचतवअंस ंदक डंदंहमउमदज ैलेजमउ) नामक एक कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण आज कमाण्ड सेन्टर एनेक्सी में प्रमुख सचिव गृह श्री देबाशीष पण्डा के समक्ष किया गया है। इस परियोजना पर लगभग साढ़े तेरह करोड़ रूपये का व्यय-भार अनुमानित है। प्रस्तुतीकरण के दौरान ई-गर्वनेंस, फ्रेमवर्क आदि से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श भी किया गया।
प्रमुख सचिव गृह ने निर्देशित किया कि अग्निशमन विभाग के माध्यम से जनता को मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों को दिये जाने की व्यवस्था आॅनलाइन करते हुये रिस्पांस टाइम में कमी लाये जाये। विभाग द्वारा दिये जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों आदि का ब्यौरा भी आॅनलाइन जनसामान्य की जानकारी हेतु सुलभ रहने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि आवासीय भवनों, होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बहुमंजिला इमारतों, सिनेमा हाल, आडीटोरियम, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्टोरेज, गोदाम आदि हेतु अग्निशमन विभाग द्वारा मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र की व्यवस्था को भी अधिक पारदर्शी व निर्धारित समयावधि में दिये जाने हेतु आॅनलाइन व्यवस्था की उपयोगी भूमिका रहेगी।
श्री पण्डा ने सुझाव दिया कि अग्निशमन उपकरणों को लगाने हेतु वेण्डर्स की संख्या बढ़ायी जाये तथा इस सुविधा का लाभ लेने वाले व्यक्ति को पूरी छूट होनी चाहिए कि वह किसी भी अनुमोदित वेण्डर से सेवाओं का लाभ उठा सकता है। उन्होंनंे निर्देशित किया है कि पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर निर्धारित मानकों के अन्र्तगत आने वाले वेण्डर्स अनुमोदन प्रदान किया जाये जिसकी सूचना वेबसाइट पर भी सर्वसाधारण को सुलभ हो।
बैठक में बताया गया कि अग्निशमन विभाग द्वारा स्कूल, काॅलेज, सरकारी भवनों, प्राइवेट इंफ्रास्टक्चर आदि से संबंधित लगभग दो लाख एनओसी प्रति वर्ष जारी किये जाते है तथा लगभग एक लाख एनओसी का नवीनीकरण प्रति वर्ष किया जाता है। नयी व्यवस्था से इन सभी कामों में लगने वाले समय में कमी आयेगी तथा पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रियाकलापों की पूरी जानकारी जनता हेतु आॅन लाइन उपलब्ध रहेगी।
बैठक में डीजी फायर सर्विस, श्री प्रवीण सिंह, गृह सचिव, श्री कमल सक्सेना, सहित अग्निशमन विभाग के एडीजी वीरेन्द्र कुमार, आईजी, अभय कुमार प्रसाद सहित संयुक्त निदेशक, फायर सर्विस श्री पी0के0 राव भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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