Categorized | लखनऊ.

उत्तर प्रदेष में कानून-व्यवस्था सपाईयों के हाथों में - डा0 मनोज मिश्र

Posted on 04 May 2015 by admin

प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए प्रदेश की सपा सरकार और उसके कार्यकर्ता जिम्मेदार है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा0 मनोज मिश्र ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था प्रदेश के सपाईयों ने अपने हाथों में ले रखी है और पुलिस को खूब पीट रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के खुले आम संरक्षण से सपाई बेलगाम हो गये है। वे न केवल प्रदेश में गुण्डागर्दी कर रहे है बल्कि पुलिस की सरेआम पिटाई भी कर रहे है। प्रदेश की पुलिस बेबस, बेचैन व शर्मिन्दगी उठाने के लिए अभिशप्त है।
प्रवक्ता डा0 मिश्र ने सिलसिले बार घटनाऐ बताते हुए कहा कि फर्रूखाबाद में दरोगा को सपाईयों ने पीटा तथा दरोगा की फूट-फूट कर रोने की फोटो अखबारों में छपी थी, लखनऊ में मुंशी पुलिया पर सपा जिला पंचायत सदस्य मोहन यादव ने सिपाही को वाहन से कुचलने का प्रयास किया, मेरठ के सपा जिलाध्यक्ष के गुर्गो द्वारा उद्योगपति राजेश को धमकाने की दिन दहाड़े घटना, एडीजी के सामने सपाईयों के आतंक से उद्योगपति राजेश फफक-फफक कर रो पड़े। सहारनपुर में सपा के पूर्व सांसद रशीद मसूद के पौत्र और सपा नेता सयान मसूद के द्वारा पुलिस को धमकाने की घटनाऐं आम हो रही है। मैनपुरी में दिन दहाड़े महिला का अपहरण कर लिया गया।
प्रवक्ता डा0 मिश्र ने आरोप लगाया कि सपाईयों का आतंक पूरे प्रदेश में हैं। मेरठ में उद्योगपति ने सपाईयों के आतंक से घबड़ाकर शहर छोड़ देने की धमकी दी। दिन दहाड़े उद्योगपति से 2 करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही है। उसके मुँह में पिस्टल ठूस दी। पुलिस को गालियां दी जा रही है और पिटाई भी हो रही है। प्रदेश में सपाईयों के सामने पुलिस के हौसले पस्त है। डरी हुई पुलिस अपराधियों का सामना कैसे करेगी ?
डा0 मिश्र ने सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सपा सरकार में अपराधी और सपाई ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए है। सपा के मुख्यमंत्री अपनों पर नियन्त्रण नहीं कर पा रहे है। दिन प्रतिदिन प्रदेश के हालात बद से बदतर होते जा रहे है। सपाईयों के आतंक के लिए प्रदेश की सपा सरकार जिम्मेदार है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

July 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
-->









 Type in