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गोमती नदी में लखनऊ नगर के नालों का पानी किसी भी स्थिति में न गिरने देने के लिए भटवारा एस0टी0पी0 प्लान्ट को आगामी 03 माह में अवश्य प्रारम्भ करा दिया जाय: मुख्य सचिव

Posted on 24 April 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिए हैं कि गोमती नदी में लखनऊ नगर के नालों का पानी किसी भी स्थिति में न गिरने देने के लिए भटवारा एस0टी0पी0 प्लान्ट को आगामी 03 माह में अवश्य प्रारम्भ करा दिया जाय ताकि गन्दे नालों के पानी के प्रदूषण को दूर कराया जा सके। उन्होंने कहा कि लखनऊ शहर को क्लीन सिटी बनाने हेतु व्यापक कार्य योजना का क्रियान्वयन प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाय। उन्होंने कहा कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट के अवश्ेाष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराकर आगामी 15 मई तक पूर्ण क्षमता के साथ प्रारम्भ कराकर यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाय कि पूरे शहर में डोर-टू डोर से गन्दगी (कूड़ा) एकत्र हो। उन्होंने कहा कि लखनऊ शहर के लगभग 48 वार्डों में वर्तमान में डोर-टू-डोर से कूड़ा एकत्रित कराने के कार्यों का सचिव, नगर विकास स्वयं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करायें कि लखनऊ शहर में डोर-टू-डोर से कूड़ा अवश्य एकत्रित कराया जाय।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेन्ट केे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट से सम्बन्धित नदी के दोनों तटबन्धों पर डायफ्राम वाल 106.00 लेवल का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा यथाशीघ्र कराया जाय। उन्होंने कहा कि डायफ्राम वाल एवं बन्धों के मध्य भाग में सौन्दर्यीकरण सम्बन्धी कार्य अवश्य कराकर पर्यटकों को आकर्षित किया जाय। उन्होंने कहा कि गोमती नदी में मिलने वाले समस्त  नालों के डिस्चार्ज को किसी भी दशा में नदी को प्रदूषित न करने हेतु शत-प्रतिशत रोका जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नालों के डायवर्जन की कार्यवाही जल निगम सुनिश्चित कराकर नालों के सामान्य डिस्चार्ज (ड्राई वेदर डिस्चार्ज) को डायवर्ट कर सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट तक ले जाया जाय।
बैठक में बताया गया कि गोमती कार्य योजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण के अन्तर्गत कुल 26 नालें पाये गये। जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि कुल 04 नालों को डायवर्ट कर दौलतगंज सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट क्षमता 56 एम0एल0डी0 एवं 22 नालों के डिस्चार्ज को डायवर्ट कर भरवारा सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट क्षमता 345 एम0एल0डी0 के माध्यम से शोधन किया जाता है। लखनऊ नगर की आबादी के बढ़ने एवं शहर की सीमा विस्तार के कारण कुल सात नये नाले सृजित हो गये है जिनका डिस्चार्ज सीधे गोमती नदी में प्रवाहित हो रहा है। इसी प्रकार पुराने नालों के डिस्चार्ज में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। गोमती कार्य योजना प्रथम चरण के सीवेज पम्पिंग स्टेशन का निर्माण वर्ष 2002 में हुआ था जिसमें लगे हुये पम्पों की कार्यावधि लगभग 13 वर्ष पूरी हो रही है, इस कारण पुराने लगे हुये पम्पों की क्षमता कम पड़ रही है, जिससे समस्त डिस्चार्ज को पम्प करना सम्भव नहीं हो पा रहा है। नये नालों के डायवर्जन सम्बन्धित कार्य, पुराने पम्पिंग प्लान्टों के सुदृढ़ीकरण का कार्य एवं बढ़े हुये डिस्चार्ज के शोधन हेतु दौलतगंज सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट की क्षमता में बढ़ोत्तरी किया जाना अति आवश्यक है। योजना के सम्मिलित कार्यों के पूर्ण होने पर नगर के ड्राई वेदर फ्लो को पम्प कर गोमती नदी में गिरने से पूर्णतया रोका जा सकेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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