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पीएम के समक्ष चतुर्थ श्रेणी कार्मिको का एक सवाल अनुत्तरित छह माह पहले पीएम और सीएम को महासंघ ने भेजा था पत्र

Posted on 21 April 2015 by admin

उत्तर प्रदेष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रदेष अध्यक्ष रामराज दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री अखिलेष यादव, समाजवादी पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, भाजपा के राश्ट्रीय अध्यक्ष अमित षाह, कांग्रेस के राश्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाॅंधी और बसपा सुप्रीमों सुश्री मायावती को पत्र लिख एक सवाल किया था लेकिन उसका उन्हे जबाब नही मिला। छह  माह पूर्व भेजे पत्र में महासंघ की तरफ से केवल यह सवाल किया गया था कि देष एवं प्रदेष में किस आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती नही हो रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केवल उत्तर प्रदेष में ही लगभग साढ़े तीन लाख चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त है। पिछले दस सालों से चतुर्थ श्रेणी संवर्ग की भर्ती प्रदेष में नही की गई।
श्री दुबे ने बताया कि रेलवे के वरिश्ठतम नेता कामरेड षिवगोपाल मिश्रा एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिशद एकीकष्त के अध्यक्ष इं. हरिकिषोर तिवारी के वार्ता के दौरान यह बात सामने आ चुकी है कि रेलवे में चतुर्थ श्रेणी संवर्ग की भर्ती नियमित रूप से हो रही है। छठे वेतन आयोग में भी चतुर्थ श्रेणी भर्ती पर रोक का कोई प्राविधान नही किया गया है। केन्द्र सरकार ने भी चतुर्थ श्रेणी की भर्ती पर किसी तरह की रोक नही लगाइ्र है। उच्चतम न्यायालय से भी किसी तरह की भर्ती पर रोक नही है तो राज्य सरकारे लम्बे अरसे से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती क्यों नही कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह आभास होता है कि राज्य सरकारें कही चतुर्थ श्रेणी संवर्ग को समाप्त करने का कुचक्र तो नही रच रही है। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लगातार सेवानिवष्त्ति से विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों संख्या न के बराबर रह गई है। चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्ती लम्बे अरसे से बंद है। विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती आऊट सोर्सिग भर्ती के चलते जहाॅ ठेकेदार कानून का मजाक बनाते हुए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धज्जियाॅ उड़ा रहे है वही अल्प वेतन पाने के कारण आऊट सोर्सिग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विष्वसीयत भी संदेह के दायरे में आ जाती है, चंद पैसो के कारण इस तरह के कर्मचारी किसी भी फाइल को इधर से उधर कर सकते है भले ही वह फाइल कितनी गोपनीय क्यों न हो। उन्होंने कहा एक तो पैसो का लालच दूसरा कोई जिम्मेदारी सुनिष्चित न होने के कारण इस तरह की गतिविधियों में इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक तो बेरोजगारी दूसरे षासकीय कार्यो में गोपनीयता की कमी को रोकने के लिए क्या चतुर्थ श्रेणी की भर्ती तत्काल षुरू नही होनी चाहिए। इस तरह से उदाहरण देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं समस्त दलों के अध्यक्षों से पूछा था कि चतुर्थ श्रेणी संवर्ग की भर्ती पर अकेले अघोशित रोक क्यो लगाई गई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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