Categorized | लखनऊ.

सी.एम.एस. गोमती नगर आॅडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग युद्ध बंद होंगे तो वह धन शिक्षा पर व्यय होगा– डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

Posted on 06 April 2015 by admin

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर आॅडिटोरियम में आयोजित ‘विश्व एकता सत्संग’ में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं बहाई धर्मानुयायी डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि देशों का जितना धन युद्व व शष्त्रों पर खर्च होता है, वही धन यदि शिक्षा, पोषण, गरीबी आदि पर खर्च हो तो दुनिया की तस्वीर ही बदल जायेगी। जब विश्व में एकता व शान्ति का राज कायम होगा तो युद्ध की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी, यही कारण है कि सी.एम.एस. में बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ ही साथ नैतिक एवं सामाजिक शिक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाता है क्योंकि यही पीढ़ी आगे चलकर विश्व का नेतृत्व करेगी और दुनिया में शान्ति कायम करेगी। डा. गाँधी ने आगे कहा कि हमारा मानना है कि आध्यात्मिक विचार जीवन के लक्ष्य निर्धारित कर नैतिक जीवन मूल्यों जैसे सत्य, परहित तथा सहानुभूति पर्वूक व्यवहार इत्यादि में वृद्धि करते हैं।
इससे पहले, विश्व एकता सत्संग में आज सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस के प्राइमरी सेक्शन के छात्रों ने शिक्षात्मक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों का अनूठा समां बांधा तथापि स्कूल प्रार्थना, सुविचार, प्रार्थना गीत, लघु नाटिका आदि के माध्यम से एकता व शान्ति का संदेश प्रवाहित किया। जहाँ एक ओर प्रार्थना गीत ‘हरि मेरे घर को ये वर दो’ ने वातावरण में आध्यात्मिक आलोक प्रवाहित किया तो वहीं दूसरी ओर सूर्यांश वैभव ने प्रतिज्ञा, सुप्रिया श्रीवास्तव ने सुविचार, रितभ्य सिंह ने सच्चाई तथा अदिति दीक्षित एवं यशवर्धन सिंह ने जर्मन भाषा पर प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के छात्र-छात्राओं शिवांगी सिंह, तमन्ना शाह एवं अंश जिन्दल ने किया। इस अवसर पर उनके शिक्षकगण श्रीमती दुर्गेश सिंह तथा श्री संजय सक्सेना भी उपस्थित थे।
विश्व एकता सत्संग में विभिन्न धर्मानुयाइयों एवं प्रख्यात विद्वजनों ने अपने सारगर्भित विचारों से ईश्वर की महिमा को उजागर किया। सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी श्रीमती बी. मोहाजिर ने कहा कि आध्यात्मिक विचार शान्ति के मूल्यों में वृद्धि करते हैं। आध्यात्मिक होने का तात्पर्य है बिना जाति एवं धर्म के भेदभाव के सबसे प्रेमपूर्वक व्यवहार करना। हम सभी आत्मा एवं शरीर से निर्मित है। शरीर मरता है पर आत्मा अजर-अमर है। दूसरों को कष्ट या हानि नहीं पहुंचाना चाहिए। श्री उदय बहादुर सिंह ने कहा कि संसार परमपिता परमात्मा द्वारा निर्मित है। सत्य शाश्वत है तथा ईश्वर ही सत्य है। श्री अजय नाराण सिंह ने कहा कि ईश्वर ही सच्चिदानंद है। कबीर शान्ति मिशन के संयोजक श्री आर के मित्तल, पूर्व आई.ए.एस. ने कहा कि सत्य बोलना, सेवा करना इत्यादि ही मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी विचार प्रस्तुत किये। सत्संग के अन्त में सी.एम.एस. की डा. भारती गाँधी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in