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जाट आरक्षण रद्द करने का मुद्दा

Posted on 19 March 2015 by admin

आज दिनांक 18 मार्च, 2015 को उत्तर प्रदेष कांग्रेस विधान मण्डल दल श्री प्रदीप माथुर जी द्वारा नियम-311 के द्वारा अविलम्बनीय एवं तात्कालिक विशय जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार के फैसले को पलटते हुए जाट आरक्षण रद्द किये जाने तथा केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा प्रभावी पैरवी न करने से उत्पन्न स्थिति के संबंध में सूचना दी गयी। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार की लचर पैरोकारी की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने जाट आरक्षण कोटा खत्म कर दिया है। वर्तमान केन्द्र की मोदी सरकार के कथनी और करनी में बहुत बड़ा अन्तर है, जिस कारण ऐसा हुआ है। जाट आरक्षण कोटा रद्द होने से उत्तर प्रदेष समेत भारत देष के 13 राज्यों के जाट समुदायों को जो कि पिछड़े वर्ग में सम्मिलित हैं, के लाखों युवाओं को गहरा धक्का लगा है। इन 13 राज्यों में पिछड़े वर्ग के पिछड़े वर्ग के जाटों की आबादी करोड़ों में है, जिसमें उत्तर प्रदेष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उक्त आरक्षण कोटा खत्म होने से उत्तर प्रदेष के लाखों ओ0बी0सी0 आरक्षित वर्ग के युवाओं को भारी नुकसान होगा तथा वह समाज की मुख्य धारा से नहीं जुड़ सकेंगे। पूर्ववर्ती केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार के कार्यकाल में जाटों द्वारा प्रदेष एवं देष के अन्य प्रांतों में कई वर्ष से लगातार आंदोलन करने, अनवरत धरना-प्रदर्षन करने, बार-बार रेल रोकने आदि तथा उनके पिछड़ेपन को दृष्टिगत रखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राश्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी एवं राश्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी के सतत् प्रयासों के उपरान्त पिछले साल 04 मार्च, 2014 को जाटों को ओ0बी0सी0 आरक्षण दिलवाया था जो कि उ0प्र0 समेत देष के 09 राज्यों में वर्तमान में लागू था। जिसे वर्तमान केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा राजनैतिक द्वेषवष प्रभावी पैरवी न करने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने जाट कोटा रद्द कर दिया है। वर्तमान केन्द्र सरकार राजनीति से प्रेरित होकर ऐसे कई कदम उठा रही है जो कि जन विरोधी है। इसलिए ऐसे मुद्दे पर जो कि व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है, पर केन्द्र सरकार को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए। जनहित एवं लोक महत्व के उक्त प्रकरण पर प्रदेष सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से प्रभावी पैरवी करने तथा उन्हें पूर्ववत् ओ0बी0सी0 आरक्षण का लाभ दिलाये जाने हेतु शीघ्र अनुरोध किया जाना आवष्यक है। जाट आरक्षण खत्म किये जाने से उत्तर प्रदेष के करोड़ों जाट परिवारों समेत भारत देष के अन्य प्रांतों के जाटों में केन्द्र सरकार की नीतियों के प्रति व्यापक रोश एवं आक्रोष व्याप्त है। वह कभी भी इसका भारी विरोध करने को उतारू हो सकते हैं तथा सड़क पर उतर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

श्री प्रदीप माथुर जी द्वारा उक्त सूचना पर सदन की सारी कार्यवाही रोककर चर्चा कराये जाने की मांग की गयी। उक्त प्रकरण पर सरकार के जवाब से संतुश्ट न होने पर श्री प्रदीप माथुर जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के सभी  मा0 विधायकगण विरोध स्वरूप सदन का बहिर्गमन कर गये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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