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भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि अब जब बोर्ड परीक्षा में घंटो का समय बाकी है, फिर भी परीक्षा केन्द्र बनाये जाने का खेल क्यों चल रहा है।

Posted on 18 February 2015 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि अब जब बोर्ड परीक्षा में घंटो का समय बाकी है, फिर भी परीक्षा केन्द्र बनाये जाने का खेल क्यों चल रहा है। पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने मांग की कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की होने वाली परिक्षाओं की सुचिता पर उठते सवालों के मद्देनजर मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करे। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में राजनैतिक दबाव में सहायता प्राप्त शासकीय विद्यालयों को कम परीक्षार्थी दिये गये, वहीं वित्त विहीन विद्यालयों में मानको को तोड़ते हुए राजनैतिक रसूख का ध्यान रखा गया।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर यू.पी. बोर्ड की 19 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं के पूर्व उठ रहे सवालों पर प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि राजधानी लखनऊ में अधिकारी किस दबाव में लाचारगी भरा बयान दे रहे हैै। शासन के आदेश पर परीक्षा केन्द्र क्यों बनाये जाने के निर्देश अभी तक हो रहे है जबकि परीक्षा में कुछ घंटे शेष है। राज्य में सुचारू रूप से नकल विहीन परीक्षाएं हो इस लक्ष्य का दावा करते मंत्री के उन वादो का क्या हुआ, जो दो माह पूर्व नकल रोकने के नाम किये गये थे। मसलन घोषणा के बाद भी परीक्षा केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे क्यों नहीं लगे। कक्ष निरिक्षकों का परिचय पत्र निदेशालय से जारी किये जाने की घोषणा का क्या हुआ ? अब जो कमियां प्रकाश में आ रही उन पर मौन क्यों है। क्यों दागदार और दागी सूची में आये विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाये जाने की शीर्ष स्तर पर पैरवियां हो रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में शिक्षा मफियाओं के काकस ने अपने राजनैतिक रसूख का प्रयोग करते हुए शुरूआती दौर से ही अपने मन माफिक परीक्षा केन्द्र तय कराने में रूचि ली। उनकी इस रूचि में सत्ता शीर्ष के उच्च पदस्थ लोगो का सहयोग मिला और नतीजे हुए कि शासनादेश है कि सहायता प्राप्त विद्यालयों को कम से कम 300 परीक्षार्थी दिये जाये किन्तु उसको दर किनार करते हुए वित्त विहीन विद्यालयों में तो ज्यादा बच्चे दिये गये जबकि वहीं बगल के सहायता प्राप्त विद्यालय में कम बच्चे हैं।
श्री पाठक ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि शिवली कालेज में पर्याप्त व्यवस्था होने के बावजूद 200 से 250 बच्चे जब कि राजनैतिक प्रभाव रखने वाले लोगो के नातेदारों द्वारा संचालित विद्यालयों 1200 से 1300 बच्चों को परीक्षा देने के लिए अवंटित किया गया। यही हाल दुर्गा जी इण्टर कालेज चण्डेश्वर का जहां 86 परीक्षार्थी है जबकि वहीं राजनैतिक प्रभाव वाले विद्यालयों में 1300 तक बच्चे है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में परीक्षा प्रारम्भ होने पहले ही परीक्षाओं की सुचिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे है ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करे। नकल विहीन परीक्षा हो इसके दावों के बजाय यह व्यवहारिक स्वरूप में हो इसकी सुचारू व्यवस्थाये की जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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