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मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित जी0एस0टी0 प्रणाली में राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित होने के मद्देनजर प्रधानमंत्री से विधेयक में समुचित प्राविधान कराए जाने का अनुरोध किया

Posted on 14 February 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था के अन्तर्गत किसी माल की खरीद या बिक्री पर कर लगाने का राज्यों को पूरा अधिकार है, जबकि प्रस्तावित जी0एस0टी0 प्रणाली में राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में यह बताया है कि वर्तमान व्यवस्था जी0एस0टी0 लागू होने पर समाप्त हो जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि ‘सहकारी एवं सहयोगात्मक संघवाद’ की दिशा में, सकारात्मक एवं रचनात्मक रूप से विचार करते हुए इस सन्दर्भ में विधेयक में समुचित प्राविधान कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने केन्द्र एवं राज्य पर जी0एस0टी0 प्रणाली लागू किए जाने के उद्देश्य से संसद के विगत सत्र में प्रस्तुत 122वां संविधान संशोधन विधेयक, 2014 की ओर प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए उल्लेख किया है कि पूर्व में इस उद्देश्य से संसद में 115वां संविधान संशोधन विधेयक, 2011 प्रस्तुत किया गया था, जिसके प्राविधानों पर उत्तर प्रदेश का अभिमत प्रेषित किया गया था। समय-समय पर इम्पावर्ड कमेटी एवं केन्द्र सरकार के स्तर पर हुई बैठकों में विधेयक के प्राविधानों पर राज्य का मत व्यक्त किया गया तथा लिखित रूप से भी राज्य की अपेक्षाओं, सरोकारों एवं चिन्ताओं से अवगत कराया गया।
श्री यादव ने पत्र में लिखा है कि 115वें विधेयक के लैप्स होने के पश्चात् भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए 122वां संविधान संशोधन विधेयक, 2014 के प्रारूप पर 11 दिसम्बर, 2014 को राज्यों के वित्त मंत्रियों की इम्पावर्ड कमेटी को बैठक में तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में उत्तर प्रदेश का मत रखा गया था।
केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों की चिंता को देखते हुए पूर्व में प्रस्तुत विधेयक की तुलना में कतिपय परिर्वतन किए गए हैं, जो स्वागत योग्य हंै, परन्तु उत्तर प्रदेश द्वारा उठाए गए अत्यन्त महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर समुचित प्राविधान नहीं हुए हैं।
ये बिन्दु हैं-जी0एस0टी0 काउन्सिल में केन्द्र का वेटेड वोट कुल पड़े वोटांे का एक चैथाई तथा राज्यों का वेटेड वोट कुल पड़े वोटों का तीन चैथाई हो। जी0एस0टी0 काउन्सिल के गाइडिंग प्रिंसिपल में गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स का गंतव्य आधारित (डेस्टिनेशन बेस्ड) होना भी प्राविधानित हो। संविधान में यह प्राविधान हो कि अन्तप्र्रान्तीय सम्व्यवहार में निर्यातक राज्य से आयातक राज्य को इनपुट टैक्स की धनराशि स्वचालित प्रक्रिया के अनुसार बिना किसी व्यवधान के हस्तान्तरित हो। तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पाद (टोबैको एण्ड टोबैको प्रोडक्ट्स) पर जी0एस0टी0 के साथ-साथ बिक्री कर भी लगाने का अधिकार राज्यों को मिले, जिस प्रकार इस पर केन्द्र सरकार द्वारा जी0एस0टी0 के अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का अधिकार लिया जा रहा है। राज्य सूची की प्रविष्टि संख्या-55 बनाए रखी जाए, क्योंकि यह प्रविष्टि स्थानीय निकायों के संसाधनों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। जी0एस0टी0 लागू होने से होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति के सम्बन्ध में संविधान में एक स्वतंत्र स्वायत्तशासी अथाॅर्टी प्राविधानित हो तथा संविधान में यह भी स्पष्ट रूप से प्राविधानित हो कि पांच वर्षों तक किसी भी सम्भावित हानि की शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस सन्दर्भ में सकारात्मक एवं रचनात्मक रूप से विचार करते हुए विधेयक में समुचित प्राविधान कराए जाने का अनुरोध किया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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