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रबी में प्रमुख फसलों के बीजों का शत-प्रतिशत शोधन कर बुवाई करें बीज शोधन अभियान 15 नवमब्र तक-ए0के0 बिश्नोई

Posted on 22 October 2014 by admin

उत्तर प्रदेश में रबी की प्रमुख फसलों में शत-प्रतिशत बीजशोधन कराने हेतु 211.589 लाख कुन्तल बीजशोधन का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 17.905 लाख कुन्तल बीज कृषि विभाग के माध्यम से, 56.166 लाख कुन्तल बीज अन्य संस्थाओं तथा शेष 137.518 लाख कुन्तल बीज कृषक स्तर पर शोधित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के माध्यम से बीजशोधन हेतु 16 अक्टूबर से 15 नवम्बर 2014 तक अभियान के रुप में समस्त ग्राम पंचायत में कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है।
कृषि निदेशक श्री ए0के0 बिश्नोई ने आज यहां बताया कि प्रदेश में फसलों को प्रति वर्ष कुल क्षति का 26 प्रतिशत क्षति रोगों द्वारा होती है। रोगों से होने वाली क्षति कभी-कभी महामारी का रूप भी ले लेती है और इनके प्रकोप से शत-प्रतिशत तक फसल नष्ट होने की सम्भावना बनी रहती हैं। अतः बुवाई से पूर्व सभी फसलों में बीजशोधन का कार्य शत-प्रतिशत कराया जाना नितान्त आवश्यक है। बीजशोधन का मुख्य उद्देश्य बीज जनित/भूमि जनित रोगों को रसायनों एवं बायोपेस्टीसाइड्स से शोधित कर देने से बीजो एवं मृदा पर पाये जाने वाले रोगों के कारक को नष्ट करना होता है। बीजशोधन हेतु प्रयोग किए गए रसायनोें/बायोपेस्टीसाइड्स को बुवाई के पूर्व सूखा/स्लरी के रुप मे अथवा कभी-कभी संस्तुतियों के अनुसार घोल बना कर मिलाया जाता है जिससे इनकी एक परत बीजों की बाहरी सतह पर बन जाती हैें जो बीज के साथ पाये जाने वाले शाकाणुओं/जीवाणुुओं को अनुकूल परिस्थितियों में नष्ट कर देती है।
कृषि निदेशक ने बताया कि रबी की प्रमुख फसलोें गेहूॅ, जौ, चना, मटर, मसूर, राई/सरसो, आलू एवं गन्ना के बीजशोधन हेतु संस्तुतियों के अनुसार कृषि विभाग द्वारा प्रमुख कृषि रक्षा रसायनों- थिरम 75 प्रतिशत डब्ल्यू0एस0, कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यू0पी0, ट्राइकोडरमा हारजिएनम 2.0 प्रतिशत डब्ल्यू0पी0 एवं स्यूडोमोनास फ्लोरीसेन्स 0.5 प्रतिशत डब्ल्यू0पी0 की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। खाद्यान्न उत्पादन के राष्ट्रीय कार्यक्रम तथा बीजशोधन अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, स्वयं सेवी संगठन, स्वयं सहायता समूह, महिला संगठन, कृषि तकनीकी प्रबन्ध अभिकरण (आत्मा), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के विभिन्न कार्यक्रम, कृषि रक्षा अनुभाग की कीट/रोग नियंत्रण योजना एवं प्रगतिश्ील किसानो के साथ ही साथ पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन, थोक और फुटकर विक्रेताओं से भी सहयोग लिया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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