उ0प्र0 को-आपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री एस0सी0 द्विवेदी ने बताया कि चालू वर्ष 2014-15 में प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों द्वारा अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का लक्ष्य 3956 करोड़ रुपये निर्धारित था। इस ऋण वितरण का लक्ष्य खरीफ फसलों हेतु था। जिला सहकारी बैंकों द्वारा माह अगस्त 2014 तक 4193.23 करोड़ रुपये ऋण वितरण की उपलब्धि प्राप्त की गयी। इस प्रकार यह उपलब्धि 106 प्रतिशत है, जबकि गत वर्ष इस अवधि तक फसली ऋण वितरण की उपलब्धि 3095.55 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में 1097.68 करोड़ रुपये का अधिक फसली ऋण का वितरण हुआ है।
श्री द्विवेदी ने कहा कि जिला सहकारी बैंकों के सभी शाखा प्रबन्धकों को निर्देशित किया गया है कि वह किसानों को फसली ऋण स्वीकृत करने में किसी भी प्रकार की हिलाहवाली न करें, जिससे किसान समय से इस ऋण का सही उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंकों तथा उ0प्र0 को-आपरेटिव बैंकों में आर0बी0आई0 के मानक के अनुसार व्यवसायिक बैंकों की भांति सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इसलिए सभी बैंकों में सी0बी0एस0 की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बैंकों में सी0सी0टी0वी0 कैमरा तथा नेट बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी। इसके साथ ही बैंकों का कायाकल्प किया जा रहा है। इससे बैंक ग्राहकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ साथ बैंकों में डिपाजिट भी पहले से काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इन बैंकों में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं फिजूलखर्ची पर भी रोक लगाई गयी है जिससे बैंकों का मुनाफा पिछले वर्षों की अपेक्षा बढ़ा है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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