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वाणिज्य कर कमिश्नर ने विशेष जांच ब्रांच के अधिकारियों को व्यापार कर अपवंचकों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के दिये निर्देश

Posted on 13 September 2014 by admin

प्रदेश के वाणिज्य कर आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण की अध्यक्षता में वाणिज्य कर मुख्यालय के सभागार में आज विशेष जांच ब्रांच के अधिकारियों तथा प्रदेश के समस्त जोनल एडीशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम एवं द्वितीय तथा संयुक्त आयुक्तों के साथ बैठक हुई। बैठक में वाणिज्य कर आयुक्त ने समस्त अधिकारियों तथा स्पेशल इन्वेस्टीगेशन ब्रांच के अधिकारियों को व्यापार कर अपवंचकों को चिन्हित करके उनके विरूद्ध कठोर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने विशेष जांच शाखा के अफ़सरों द्वारा व्यापार कर अपवंचन पर प्रभावी रोकथाम हेतु किये गये कार्यों की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।
वाणिज्य कर आयुक्त श्री एम0के0 नारायण ने कहा कि वर्तमान में कई टेªडर्स में यह देखा जा रहा है कि माल का क्रय विक्रय छिपाने, न्यूनतम उत्पादन प्रदर्शित करने तथा वाणिज्य कर वसूलने के उपरान्त भी उसे राजकोष में जमा न करके नियम विरूद्ध रूप से आई0टी0सी0 के रूप में समायोजन प्राप्त करने आदि माध्यमों से करापवंचन की प्रवृत्ति बढ़ रही है अतः ऐसे व्यापारियों एवं पंजीकृत सम्व्यवहारियों को चिन्हित करते हुए उनके द्वारा दाखिल किये जा रहे रूप पत्र-24 की सूक्ष्म/गहन समीक्षा एवं व्यापारिक गतिविधियों के संबंध में गोपनीय सूचनायें प्राप्त करने के भी निर्देश विशेष जांच शाखा के अधिकारियों को दिये।
वाणिज्य कर आयुक्त ने ट्रेडवार व्यापारियों की बैठकों को बुलाने और उनके द्वारा किये जा रहे करापंवचन के प्रयासों के बारे में सचेत/आगाह करने के निर्देश दिये। फर्म के वाणिज्यिक क्रिया कलापों की सम्यक जानकारी वाणिज्य कर के जोनल  अपर आयुक्तों को रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्यापारी किसी भी कर अवधि के रिटर्न में अपना टर्न ओवर छिपाने अथवा अवैधानिक रूप से कर का आई0टी0सी0 के  रूप में  समायोजन का  प्रयास न करें। यदि  व्यापारी करापवंचन

करने और गलत तथ्यों पर रिटर्न दाखिल करेंगे तो उनके विरूद्ध जांच होगी और दण्डित किया जायेगा।  वाणिज्य कर आयुक्त ने जोन में वाणिज्य कर अपवंचन को रोकथाम हेतु कार्यरत विशेष जांच शाखा इकाई के साथ एक संचल दल इकाई को शामिल करते हुए फ्लाईंग स्कवाड बनाने के निर्देश दिये। सचल दल इकाईयों के स्थान पर कर निर्धारण टीम भी सम्मिलित की जा सकती है। ऐसे ग्रुप का प्रभारी ज्वाइंट कमिश्नर को बनाया जायेगा।
कमिश्नर ने क्रमशः मिष्ठान, रेस्टोरेंट, पान मसाला, आटा, मैदा मिल, आटा मिल, सरिया, सीमेन्ट, लोहा, इलेक्ट्रानिक्स सामान, खाद्यान्न या जोन के लिए संवदेन शील वस्तुओं में पंजीकृत बड़े व्यापारियों को चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। गोपनीय सूचनायें जोन के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-द्वितीय को उपलब्ध करानी होगी। गोपनीय सूचना प्राप्त होते ही संबंधित फर्म/सम्वयवहारी को सूचना दिये बगैर जांच सम्पन्न की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन ट्रेड से संबंधित फर्मों/व्यापारियों के संबंध में रूप पत्र-24 की सूक्ष्म समीक्षा एवं गुप्त सूचनाओं के आधार पर करापवंचन के मामले पाये जायेंगे तो ऐसी चिन्हित फर्मों/सम्व्यवहारियों की तत्काल बैठकें आयोजित करके उन्हें स्पष्ट कर दिया जाय कि उनके संबंध में अपना टर्न ओवर अपने रिटर्न में सही-सही प्रदर्शित करते हुए नियमानुसार स्वीकृत वाणिज्य कर राजकोष में जमा करें अन्यथा दण्डित किये जायेंगे। उन्हेांने संवेदनशील समस्त ट्रेडस की जांच के निर्देश दिये हैं।
बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन श्री बी0आर0शास्त्री, श्रीमती साधना त्रिपाठी, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुश्री रीना वर्मा तथा समस्त जोन के एडीशनल कमिश्नर तथा संयुक्त आयुक्त एवं विशेष अनुसंधान शाखा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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