किसानों की खुशहाली, कृषि उन्नति तथा कृषि यंत्रों, खाद, बीज, उर्वरक, कीटनाशक दवाओं, सिंचाई सुविधाओं में अभिवृद्धि तथा अधिक अन्न उत्पादन में आर्थिक ऋण सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड निर्गत किये जाने की सरकार द्वारा पारदर्शी सुदृढ़ व्यवस्था की गयी है। शासन ने गरीब कृषकों, लघु सीमान्त किसानों की समृद्धि तथा उन्नतिशील खेती के लिए उन्हें बैंकों द्वारा ऋण के रूप में वित्तीय सहायता दिये जाने हेतु किसान क्रेडिट कार्ड निर्गत करने के निर्देश समस्त राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रबंधकों को दिये हैं।
यह जानकारी संस्थागत वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री शिव सिंह यादव ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त जनपदों में बैंक प्रबंधकों को ब्लाक, तहसील तथा जिला स्तर पर किसान क्रेडिट कार्ड वितरण हेतु शिविर लगाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि उक्त शिविरों में किसानों को आमंत्रित करके, कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन, गन्ना विकास, पशुपालन, सहकारिता, सिंचाई, भूमि सुधार/भू-संरक्षण, लघु सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों को आमंत्रित करके उन्नतिशील कृषि, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, कृषि आधारित रोजगार संबंधी जानकारी दिये जाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं।
श्री यादव ने बताया कि बैंकों द्वारा किसानों को शासन के दिशा-निर्देशानुसार प्रदत्त की जाने वाली सुविधाओं/सेवाओं की नियमित रूप से मानीटरिंग संस्थागत वित्त विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषकों की समृद्धि के लिए बैंकों द्वारा ऋण के रूप में वित्तीय सहायोग दिया जा रहा है। किसानों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर उन्हें शासकीय सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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