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प्रत्येक जिले से दो-दो प्रगतिशील मत्स्य पालकों का चयन करने के निर्देश

Posted on 05 September 2014 by admin

उ0प्र0 सरकार ने मत्स्य विभाग के नियंत्रण वाले तालाबों/जलाशयों एवं हैचरियों में मत्स्य पालन तथा मत्स्य बीज उत्पादन एवं संचयन हेतु उनकी सुरक्षा के लिए उनके, क्षेत्रफल का डिमार्केशन किये जाने तथा खतौनी सहित वास्तविक क्षेत्रफल की सूचना मत्स्य निदेशालय तथा शासन को भेजने के निर्देश जनपद एवं मण्डल स्तरीय मत्स्य विकास विभाग के अधिकारियों को दिये हैं। शासन ने उक्त जलशयों/तालाबों/हैचरियों पर किये गये अवैध कब्जों पर भी प्रभावी रोकथाम लगाने एवं अवैध अतिक्रमण को हटाने के भी निर्देश दिये हैं।
राज्य सरकार ने मत्स्य विकास हेतु जनपदों में संचालित की जा रही समस्त योजनाओं का सीधा लाभ मत्स्य पालकों/मधुआ समुदाय के व्यक्तियों को दिलाने तथा सभी योजनाओं की फोटोग्राफी कराने, फोल्डर बनाने और उक्त कार्यों को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने और फोल्डर बनाकर मत्स्य निदेशालय को भिजवाने के निर्देश दिये हैं। विभागीय सभी लाभार्थीपरक योजनाओं में 20 प्रतिशत अल्पसंख्यकों का चयन सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। जिन जनपदों में मत्स्य उत्पादन कम हुआ हो उक्त जिलों की मत्स्य विकास कार्यक्रमों हेतु कार्य योजना शीघ्र तैयार करके मत्स्य निदेशालय उ0प्र0 लखनऊ को भेजने के निर्देश दिये हैं।
शासन ने मत्स्य विभाग के जिला एवं मण्डल स्तरीय अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करके मत्स्य पालन वाले जलाशयों तथा तालाबों की मत्स्य उत्पादकता की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। लाभार्थी को मत्स्य उत्पादन का रजिस्टर बनाने उत्पादकता की सूचना को अंकित कराने के लिए भी कहा गया है। जनपद स्तरीय अधिकारी प्रत्येक ब्लाक के 5 या 6 तालाबों को चयनित करके मोटीवेटर का कार्य करते हुए उत्पादन संबंधी आंकड़ों को एकत्र करें।

सरकार ने प्रत्येक जनपद से दो-दो प्रगतिशील मत्स्य पालकों का चयन करके उन्हें एन0एफ0डी0बी0 योजना में प्रशिक्षण दिलाने उन्हें वैज्ञानिक विधि से मत्स्य पालन हेतु तालाब को विकसित कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं एन0एफ0डी0बी0 योजना के अन्तर्गत गाईड लाइन के अनुसार प्रत्येक जनपद को एक-एक कार्य योजना बनाकर तद्नुसार मत्स्य विकास कार्यों में सक्रियता लाने के लिए निर्देशित किया गया है। क्रियाशील योजनाओं के अन्तर्गत स्थापित निजी क्षेत्र की मत्स्य हैचरियों के लाभार्थियों को शासन द्वारा प्रदत्त की जाने वाली सुविधाओं को दिये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
शासन ने मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मत्स्य विकास कार्यक्रमों/योजनाओं की जानकारी जन सामान्य, मत्स्य पालकों/मछुआ समुदाय के लोगों को देने हेतु उनका व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामीण, ब्लाक, तहसील तथा जिला स्तर पर भी किये जाने के निर्देश दिये हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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