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गन्ने की फसल को कीट रोगों से बचायं

Posted on 03 September 2014 by admin

गन्ना की फसल में बेधक कीटों के जैविक नियंत्रण के लिये 50 हजार ट्राइकोग्रामा अंड युक्त ट्राइकोकार्ड प्रति हे. लगायें। कार्ड टुकडों में काटकर पंत्तियों की निचली सतह पर नत्थी कर दें। यह कार्य 10 दिनांे के अंतराल पर दोहरायें। ट्राइकोकार्ड भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, रायबरेली रोड, लखनऊ से प्राप्त किये जा सकते हैं।
उ0प्र0 कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा किसान मंडी भवन में आयोजित दसवीं बैठक में फसल सतर्कता समूह के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को दी गई सलाह के अनुसार पायरिला (फुदका) कीट के नियंत्रण के लिये इपीरिकैनिया परजीवी के ककून अथवा अंड समूह को बाहुल्य वाले खेत से निकालकर, जिन खेतों में नहीं है उसमें गन्ना पत्तियों के पीछे नत्थी कर दें। ककून सफेद रंग एवं अंड समूह चटाईनुमा हल्का भूरा रंग का होता है, ये दोनों पत्तियों के पीछे भाग पर पाये जाते हैं। शरदकालीन गन्ने में पौधों को गिरने से बचाने हेतु बंधाई करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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