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‘महिला शकित ही साकार करेगी विश्व एकता का सपना– डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद व संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

Posted on 10 March 2014 by admin

सिटी मोन्टेसरी स्कूल के विभिन्न कैम्पस में आज संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस - 8 मार्च बड़े धूमधाम से उमंग व उल्लास के वातावरण में मनाया गया जिसके द्वारा महिला सशक्तीकरण एवं नारी उत्थान का संदेश समस्त विश्व समाज में प्रवाहित हुआ। ‘इक्वलिटी फार वोमेन इज प्रोग्रेस आफ आल  विषय पर मुख्य समारोह सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नारी उत्थान का बिगुल फूंकते हुए सी.एम.एस. की संस्थापिका-निदेशका व प्रख्यात शिक्षाविद डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि विश्व एकता का सपना महिला शकित द्वारा ही साकार होगा क्योंकि महिलाओं में सहज रूप से मानवीय मूल्यों द्वारा सभी को एकता के सूत्र में पिरोने की क्षमता निहित होती है। डा. गाँधी ने जोर देते हुए कहा कि मानवता के विकास व मानव जाति की प्रगति के लिए महिलाओं को सशक्त होने की आवश्यकता है ऐसे में उन्हें स्वयं पूर्ण आत्मविश्वास से आगे आकर गौरवपूर्ण तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
इस अवसर पर सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस की प्रधानाचार्याओं ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए एक स्वर से कहा कि जिस समाज में पुरुष-महिला समानता होती है, वे अधिक प्रगति करते हैं परन्तु विडम्बना यह है कि समाजिक विकास में महिलाओं की अतुलनीय भागीदारी के बावजूद हमारे देश में लिंगभेद की असमानता देखी जा रही है, जो कि निशिचत ही चिंतनीय है। प्रधानाचार्याओं का कहना था कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आज समाज के प्रत्येक नागरिक को यह भावना आत्मसात करने की जरूरत है कि महिला व पुरुष दोनों ही बराबर है। अब समय आ गया है कि माताओं को भी एक समाज के प्रति दायित्व निभाना चाहिए और अपना योगदान देना चाहिए, साथ ही साथ महिलाओं की हक की लड़ार्इ में पुरुषों को भी आगे आना चहिए। इससे पहले, इस विशेष अवसर पर सी.एम.एस. छात्र-छात्राओं द्वारा नारी सशक्तीकरण की भावना को उदघृत करते हुए कर्इ शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।
सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि हमारा समाज सदैव ही महिला शकित का ऋणी रहा है और रहेगा। उन्होंने जीजाबार्इ व पुतलीबार्इ का उदाहरण दिया जिन्होंने माता का फर्ज निभाते हुए शिवाजी व गाँधीजी को दुनिया का सिरमौर बनाया। डा. गाँधी ने कहा कि सामाजिक विकास में महिलाओं के योगदान को सी.एम.एस. गहरार्इ से आत्मसात किया है और आज सी.एम.एस.के 47,000 छात्रों को शिक्षा देने वाली 90 प्रतिशत  शिक्षिकाएं हैं जो भावी पीढ़ी के भविष्य निर्माण में संलग्न हैं। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि आज सी.एमएस. के विभिन्न कैम्पस में भी अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया जिसमें प्रार्थना सभाओं में छात्रों को नारी के विभिन्न स्वरूपों व उसकी महिमा से अवगत कराकर एवं आदर्श नारियों की कहानी सुनाकर छात्रों को प्रेरित किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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