Categorized | लखनऊ.

गुलाबी गैंग को नकारते गुलाब गैंग के निर्माता निर्देशक

Posted on 03 March 2014 by admin

इन दिनों नायिका प्रधान फिल्म गुलाब गैंग की नायिका माधुरी दीक्षित, खलनायिका जूही चावला, निर्माता अनुभव सिन्हा और लेखकनिर्देशक सौमिक सेन की इलेक्ट्रानिक, प्रिण्ट मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों में खूब चर्चा है किन्तु बुन्देलखण्ड (बाँदा) के गुलाबी गैंग और कमाण्डर सम्पत पाल की जिस मौलिक कहानी पर ये फिल्म बनी है उसका कोर्इ योगदान स्वीकार करने को तैयार नहीं है बलिक निर्माता निर्देशक कहते हैं कि हमारी फिल्म का गुलाबी गैंग से कोर्इ सम्बन्ध नहीं है।
पिछली 24 जनवरी को बनारस में गुलाब गैंग फिल्म का संगीत धूमधाम से रिलीज हो चुका है और अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर 7 मार्च को फिल्म भी रिलीज होने वाली है। इस पृष्ठ भूमि पर ”गुलाबी गैंग जनसंगठन के राष्ट्रीय संयोजक एवं सहसंस्थापक जयप्रकाश शिवहरे उर्फ बाबूजी का कहना है कि बम्बर्इ के एससी पाल एडवोकेट के नोटिस के जवाब में निर्माता, निर्देशक ने विस्तृत उत्तर देने की भ्रामक बातें कहकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया है और आज तक सम्पर्क नहीं किया। गुलाब गैंग के प्रदर्शन पर कमाण्डर सम्पत पाल ने अपना अधिकृत ऐतराज जता दिया है, प्रशासनिक स्तर पर भी रोक लगाने हेतु तैयारी कर ली गयी है। यदि इतने पर भी बात नहीं बनती है तो संगठन रैली, धरना प्रदर्शन, अनशन की कार्यवाही करेगा। पहले रिपोर्ट से, फिर कोर्ट से उसके बाद भी नहीं माने तो बाँस कोर्ट (बाँस का डण्डा जो गुलाबी गैंग का निशान है इसको लेकर गुलाबी गैंग की महिलायें चलती हैं) से मनवाया जाएगा।
गुलाब गैंग की कहानी किसी कपोल कल्पना पर आधारित नहीं बलिक बुन्देलखण्ड में वास्तव में महिलाओं की लड़ार्इ लड़ रहीं गुलाबी गैंग की कमाण्डर सम्पत पाल के चरित्र की कहानी पर बनी फिल्म है। यह बात अलग है कि गुलाब गैंग फिल्म के लेखक, निदेशक सौमिक सेन उसे स्वीकार नही करते उनका कहना है कि गुलाबी गैंग से मेरी फिल्म गुलाब गैंग का कोर्इ सम्बन्ध नहीं है। वे गुलाबी गैंग कमाण्डर की तारीफ तो करते हैं। कहते हैं कि सम्पत पाल बहुत अच्छा काम कर रही हैं उनके गैंग का काम मुख्य रूप से बदतमीज पतियों को रास्ते पर लाना है जब कि उनकी फिल्म में बालिकाओं की शिक्षा एक बड़ा मुददा है उनको आत्म निर्भर बनाने की कोशिश है ताकि वे इस दुनिया में स्वयं की मेहनत के दम पर जी सकें।
वास्तव में सौमिक सेन ने गुलाबी गैंग के मूल विचार धारा को आधार बनाकर ही अपनी कहानी का ताना-बाना बुना है, वही उनकी फिल्म की आत्मा है। वे गुलाब गैंग का शीर्षक भले ही एरो सिमथ के गीत दि पिंक इज रेड के भाव को बताते हो और कहते हो कि गुलाबी रंग लाल के बहुत नजदीक होता है और कभी-कभी खतरनाक भी। यदि ऐसा है तब उन्होंने अपनी फिल्म का शीर्षक ”पिंक इज रेड या ”लाल गैंग क्यों नही रख लिया? उन्हें गुलाब गैंग रखने का आइडिया कहां से आया? वास्तव में यह बुन्देलखण्ड (बाँदा) के गुलाबी गैंग से ही प्रभावित होकर रखा गया है। वे कहते हैं मैंने इस फिल्म

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in