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दो अक्टूबर को याद किए गए गांंधी व शस्त्री जी महात्मा गांधी व्यकित नहीं विचार थे और विचार कभी नहीं मरते- मुनिसफ फरेन्दा

Posted on 03 October 2013 by admin

दो अक्टूबर को देश की दो महान विभ्ूतियां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री का जन्म दिन सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालयों तथा क्षेत्र के विधालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच धूम धाम से मनाया गया। स्थानीय दीवानी कचहरी फरेन्दा में इस अवसर पर सिविल जज ( जूनियर डिवीजन ) फरेन्दा डाक्टर सुनील कुमासर सिंह के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रपिता को गार्ड आफ आनर दिया गया। इसके बाद डाक्टर सिंह ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया । डा0 सिंह के बाद बार एसोसिएसन के अध्यक्ष ओमप्रकाश पाण्डेय सहित अधिवक्ताओं ने भी राष्ट्रपिता को पुष्पअर्पित
किया।
इस अवसर पर उपसिथत अधिवक्ताओं व न्यायालय कर्मियों को सम्बोधित करते हुए सिविल जज डाक्टर सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी व्यकित नहीं विचार थे। उनका मानना था कि व्यकित की सोच ही उसे महान बनाती है। गांधी जी का कहना था कि अपनी सोच को हमेशा सकारात्मक रखें क्योंकि सोच ( विचार ) ही शब्दों का रूप लेते हैं और  शब्द ही व्यवहार में परिवर्तित होते हैं जो बाद में मनुष्य की आदत बन जाती है और व्यकित की सामान्य आदत में परिवर्तित गुणात्मकता ही उसका भाग्य बनती है। इसलिए सकारात्मक सोच ही अन्तत: व्यकित को सही दिशा प्रदान करती है।
डाक्टर सिंह ने कहा कि गांधी जी ने अपने विचारों को जीवन में साकार किया । उनकी सोच और उनकी कार्य प्रणाली में कोर्इ अन्तर नहीं था। बचपन से ही गांधी जी को सत्य , अहिन्सा व शाकाहार का संस्कार मिला था । डाक्टर सिंह ने महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े कर्इ प्रसंगों का उदाहरण देते हुए कहा कि मोहन दास कर्मचन्द गांधी की सकारात्मक सोच तथा नैतिकता के प्रति उनका आग्रह और किसी भी परिसिथति में सत्य का साथ न छोड़ने की दृढ़ता ने ही उन्हें तत्कालीन महान विभूतियों से अलग किया और वे महात्मा बन गए। अन्त में डाक्टर सिंह ने लोगों से महात्मा गांधी के विचारों को अपने जीवन में उतारने की अपील किया और कहा कि आज समाज में नैतिकता का हो रहा àास ही तमाम समस्याओं की जड़ में है। पूरा देश व समाज जिस भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है उसका मुकाबला केवल सकारात्मक सोच व नैतिक बल के साथ ही किया जा सकता है।
इस अवसर पर बार एसोसिएसन के अध्यक्ष ओमप्रकाश पाण्डेय , डी एन चतूर्वेदी , सत्येन्द्र नरायन सिंह ,अब्दुल मजीद, दिनेश लाल श्रीवास्तव , रवीन्द्र नाथ उपाध्याय, सुनील मणि त्रिपाठी, सुशील यादव,शम्भू यादव , सहित कर्इ अधिवक्ता तथा मुन्सरिम विनोद श्रीवास्तव, लिपिक पवन पाण्डेय, बैजनाथ पाण्डेय, रामजीत, मनोज दूबे , रवीन्द्र दूबे सहित सभी न्यायालय कर्मी उपसिथत रहे।
फोटो- दीवान कचहरी फरेन्दा में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण करते सिविल जज ( जू0 डि0 ) फरेन्दा डाक्टर सुनील कुमार सिंह।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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