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मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तायुक्त स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने हेतु मुख्य सचिव के निर्देश

Posted on 12 September 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने निर्देश दिये हैं कि मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तायुक्त स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने हेतु निरन्तर अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि न्यून्तम 2 वर्षों में एक बार प्रत्येक विद्यालय का मध्यान्ह भोजन योजना का सोशल आडिट अवश्य कराया जाये। उन्होंने कहा कि माता अभिभावक संघ/शिक्षक अभिभावक संघ आदि के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाये तथा कुक के चयन एवं निगरानी विद्यालय प्रबंध समिति (ैडब्) में अभिभावकों को अवश्य रखा जाये ताकि भोजन में किसी प्रकार की कमी न होने पाये। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि चयनित रसोईया का बच्चा भी उस स्कूल में मध्यान्ह भोजन प्राप्त कर रहा हो। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की दीवार पर योजना का टोलफ्री नम्बर अंकित कराया जाये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण समुदाय के शिक्षित युवाओं को क्षेत्रीय समन्वयकों के रूप मंे योजना में शामिल कर सामुदायिक भागीदारी की भावना विकसित की जाये। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में प्रयोग किये जा रहे एल0पी0जी0 सिलेण्डरों की चोरी को रोकने हेतु उनके रंग एवं आकार मंे अन्तर किया जाये ताकि उनकी पहचान भिन्न हो सके तथा उनको आसानी से चिन्हित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आई0वी0आर0एस0 आधारित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली जनित एक्सेप्शन रिपोर्ट के आधार पर निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाये।

मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार मंे मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण प्रबन्धकारिणी समिति की 17वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबन्धन समिति के माध्यम से योजना का संचालन कराये जाने की स्थिति में विद्यालय स्तरीय मध्यान्ह भोजन निधि का संचालन विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से कराया जाये। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन के कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से कर  निरीक्षण आख्या सम्बन्धित जनपदों को प्रेषित कर पायी गयी कमियों का निराकरण कर अनुपालन आख्या प्राप्त की जाये। उन्होंने कहा कि प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आई0वी0आर0एस0 के माध्यम से दैनिक अनुश्रवण की कार्यवाही स्कूलवार, न्यायपंचायतवार, विकासखण्डवार व जनपदवार सुनिश्चित करायी जाये। श्री उस्मानी ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में संविदा एवं दैनिक वेतन पर कार्यरत कार्मिकों को प्रतिवर्ष 01 माह के पारिश्रमिक या मानदेय के समतुल्य चिकित्सीय व्यय की प्रतिपूर्ति की सुविधा अनुमन्य करायी जाये। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण मंे सर्विस प्रोवाइडर संस्था डोएक/एनआईईएलआईटी के माध्यम से कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटरों को परियोजना कार्यों के लिये स्वयं के वाहन प्रयोग करने पर प्रतिमाह ईंधन पर हुए व्यय की धनराशि की प्रतिपूर्ति अनुमन्य होगी। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण में कार्यरत सिस्टम एनालिस्ट/कम्प्यूटर आपरेटर तथा मण्डल एवं जनपद में कार्यरत समन्वयक व कम्प्यूटर आपरेटर के नियत वेतन व मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाये। बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन श्री संजीव मित्तल, सचिव वित्त श्री हिमांशु कुमार, सचिव बेसिक शिक्षा श्री नीतीश्वर कुमार, परियोजना निदेशक मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण श्रीमती अमृता सोनी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री बासुदेव यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

agnihotri1966@gmail.com

sa@upnewslive.com

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