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उत्तर प्रदेश की जमीन पर सामाजिक परिवर्तन की ठोस शुरूआत - मायावती

Posted on 04 February 2010 by admin

बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर - मायावती

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने कहा है कि आज विधानसभा में वित्त मन्त्री द्वारा प्रदेश का विकासोन्मुखी बजट प्रस्तुत किया गया है। जिसमें सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से सभी वर्गो, समुदायों एवं क्षेत्रों का सन्तुलित विकास करने का प्रयास उनकी सरकार द्वारा किया गया है। इस बजट में किए गए प्राविधान से गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न पेशों में लगे लोगों और समाज के उपेक्षित व निर्बल वर्गो, अल्पसंख्यकों, युवाओं तथा छात्रों का उत्थान होगा, जो पिछली किसी सरकार के दौरान नही हो पाया। उन्होंने कहा कि यह बजट उनके स्वयं के अनुभव एवं जमीनी सोच को प्रदर्शित करता है। इसके साथ ही यह बजट उत्तर प्रदेश की जमीन पर सामाजिक परिवर्तन की ठोस शुरूआत करने की दिशा का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

सुश्री मायावती ने कहा है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की प्रधानता के दृष्टिगत तथा किसानों को केन्द्र बिन्दु मानते हुए कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास तथा समग्र ग्रामीण विकास को पहली बार इतनी अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को खुशहाल और समृद्ध देखना चाहती है, इसलिए उनकी सरकार द्वारा समय-समय पर ऐतिहासिक निर्णय लिये गये है। उन्होनें कहा कि वर्षो से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए चौतरफा रणनीति सहित एक व्यापक कृषि योजना बनायी गई है। इसके अन्तर्गत किसानों को खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही खाद के अग्रिम भण्डारण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रमाणित बीजों की आपूर्ति एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कार्यक्रम भी बनाये गये हैं। कृषि एवं सम्बद्व कार्यकलापों के लिए 4125.85 करोड़ तथा मुख्य एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं हेतु 5485 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लघु सिंचाई कार्यक्रमों हेतु 1296 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने कृषि की पैदावार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसको दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त कृषि निवेश के साथ ही गांवो में पम्प सेटों को निबंध बिजली की आपूर्ति के लिए अलग फीडर से जोड़ने हेतु 2600 करोड़ रुपये की धनराशि से डा0 अम्बेडकर कृषि ऊर्जा सुधार योजना का शुभारम्भ किया गया है। इस योजनान्तर्गत कृषि हेतु ऊर्जा के फीडर को ग्रामीण घरेलू बत्ती के फीडरों से अलग करके स्वतन्त्र कृषि फीडर भी लगाये जायेगें। इससे जहॉ किसानों की विभिन्न समस्याओं का निदान होगा तथा वहीं उनकी आय में भी वृद्धि होगी और खाद्यान्न के उत्पादन में भी बद्वोत्तरी होने से आम जनता को उचित दर पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।

सुश्री मायावती ने कहा कि पूर्ववर्ती किसी भी सरकार ने केन्द्र द्वारा निर्धारित बी0पी0एल0 सूची से छूटे हुये गरीबों के बारे में नहीं सोचा और न ही कोई ठोस कदम उठाया। उन्होंने कहा कि आज पेश किये गये बजट में प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करनें वाले ऐसे हर गरीब परिवार को, जिसे भारत सरकार द्वारा बी0पी0एल0 कार्ड धारकों की संख्या न बढ़ाये जाने के कारण सस्ता खाद्यान्न पाने से वंचित हो रहे थे तथा अन्य कोई पेंशन भी प्राप्त नही हो रही थी, को रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करने में सहयोग देने के लिए 402 करोड़ रुपये की व्यवस्था मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना में की गई है। इस नयी योजना के तहत ऐसे गरीबो को 300 रुपये प्रतिमाह की नगद धनराशि सीधे दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की दूरगामी एवं अभिनव सोच को दर्शाता है।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि आज पेश किये गये बजट में माध्यमिक स्तर पर शैक्षिक सुविधाओं के सृजन तथा विस्तार के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर शिक्षा और कम्प्यूटर सहायतित शिक्षा प्रदान करनें पर बल दिया गया है और माध्यमिक शिक्षा हेतु 6340.36 करोड़ रुपये की बृहद व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यह बजट हाईस्कूल की शिक्षा अधिकतम 5 किमी0 के अन्दर तथा इण्टर कालेज की शिक्षा अधिकतम 7 से 10 किमी0 की परिधि में सर्वजन को उपलब्ध हो सके। उसकी दिशा में चलने का मार्ग प्रशस्त करता है। बजट में ऐसी शिक्षा की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो सबसे अच्छी एवं गुणवत्तापरक हो। इसके साथ ही उच्चशिक्षा क्षेत्र में भी गुणात्मक सुधार और शोधकार्यो हेतु उत्कृष्टता-केन्द्र विकसित किये जाने की व्यवस्था की गई है।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में निरन्तर सुधार के लिए विगत 3 वर्षो में किये गये प्रयासों के परिणाम अब नज़र आने लगे है। इसके फलस्वरुप बाह्य एवं अन्त: रोगियों की संख्या दूनी हुई है। प्रतिदिन 16 घंटे आपरेशन की सुविधा और 24 घंटे पैथालॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाने की व्यवस्था प्रतिदिन की गई है, जिससे अब किसी भी गरीब को निजी अस्पताल जाने के लिए अपने खेत बेचनेें के लिए मजबूर नही होना पड़ेगा।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि इस बजट में ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को आवास उपलब्ध करानें लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शहरी गरीबों को भी सस्ती आवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। पहली बार ऐसा हुआ है कि 5-6 लाख तक के कीमत वाले मकान गरीबों को नि:शुल्क दिये जा रहे हैं। राज्य सरकार गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत 3 वर्षो में मूलभूत आर्थिक अवस्थापना सुविधाओं जैसे ऊर्जा, सड़क, पुल, परिवहन, शहरी अवस्थापना आदि के विकास पर अपने सीमित संसाधनों के बावजूद भी बडे़ पैमाने पर व्यय किया है। हाल ही के वैश्विक मन्दी के दौर में यद्यपि राज्य सरकार उतना नही कर पायी है जितना कि वह चाहती थी परन्तु अब इस बजट में विकास की दर विकास के लिए बड़े पैमाने पर जो कदम उठाये गये हैं, उसके चलते प्रदेश इस वर्ष निश्चित रूप से प्रस्तावित 10 प्रतिशत विकास दर को प्राप्त करने में सफल होगा।

सुश्री मायवती ने कहा कि विपक्ष को चाहिए था कि सर्वजन के विकास पर आधारित इस बजट की खुले कंठ से सराहना करते परन्तु सदैव की भान्ति राजनीतिक कारणों और पूर्वाग्रहों के चलते उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सिर्फ रस्मी तौर पर बजट की आलोचना से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें सोशल सेक्टर के विकास के लिए किए गए सरकार के प्रयासों का भी खुले मन से स्वागत करना चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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