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किसान अब मोदी में अटल की छवि देखते हैंः दिनेश दुबे

Posted on 08 September 2013 by admin

भाजपा के शीर्ष पुरूष अटल विहारी वाजपेयी की राजनीतिक सक्रियता खत्म होने के बाद अब देश का किसान नरेन्द्र मोदी को उनके विकल्प के रूप में देख रहा हैं। देश का किसान चाहता है कि नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो अटल विहारी वाजपेयी का देश की नदियों को जोडने वाला उनका सपना पूरा हो सके क्योंकि किसानों के लिए पानी की कमी एक विकराल समस्या बन चुकी है। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री दिनेश दुबे ने यह बात दूसरे प्रदेशों के दौरे के दौरान मिले अनुभव के आधार पर यहां कही।

edited-dinesh-photo-1उल्लेखनीय है कि श्री दुबे इन दिनों नरेन्द्र मोदी के आहावन पर गुजरात में बनने वाली सरदार पटेल की 182 फुट उंची लौट प्रतिमा के लिए किसानों से लोहा एकत्र करने के लिए गांवों का दौरा कर रहेे हैं। श्री दुबे अब तक राजस्थान तथा झारखंड के दर्जनों गांवों के अलावा उत्तर प्रदेश के बाराबंकी उन्नाव सीतपुर आगरा, कन्नौज बांदा कानुपर इटावा औरैया गौतमबु़द्व नगर दादरी समेत लगभग 300 गांवों के किसानों से मिल चुके हैं।

श्री दुबे ने बताया कि इस दौरान वह जिस किसी भी गांव में गये वहां किसानों ने नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। रामजन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले श्री दुबे ने बताया कि रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान जो माहौल था वही माहौल जनता में इस बार नरेन्द्र मोदी को लेकर है। किसान मोदी को जाति पांति से ऊपर उठकर वोट देने के लिए तैयार बैठा है क्योंकि हर किसान अपनी उन्नति गुजरात के किसानों की भांति करना चाहता है। उन्होंने कहा कि फूड सिक्योरिटी बिल व भूमि अधिग्रहण बिल यूपीए लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लाई है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल में ऐसी व्यवस्था हो कि किसानों की जमीनों का हक बना रहे। जबकि फूड सिक्योरिटी बिल वोट सिक्योरिटी बिल बन गया है।

श्री दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के तो कई किसानों ने जब सूरत के किसान परिवारों से सम्पर्क किया तो उन्हे मालूम हुआ कि यह किसान उत्तर प्रदेश के ही हैं जिन्होंने गुजरात में आकर अपने को बेहतर ढंग से स्थापित किया। यूपी के किसान गुजरात से अपने परिवारों को पैसा भेजने का काम कर रहे हैं जिसके कारण वह दोनों राज्यों में मजबूत हुए हैं। किसानों ने बताया कि उनके रिश्तेदार गुजरात में रहते हैं जो आर्थिक रूप् से काफी बेहतर हालत में हैं। श्री दुबे ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार 20 लाख किसान उत्तर प्रदेश, 10 लाख बिहार, 5 लाख मध्य प्रदेश, 5 लाख राजस्थान तथा लगभग 10 लाख बिहार व झारखण्ड के हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

agnihotri1966@gmail.com

sa@upnewslive.com

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